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नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। टूर्नामेंट से पहले टीम के मुख्य कोच **क्रेग फुल्टन** ने खिलाड़ियों की तैयारियों, रणनीति और हालिया अनुभवों को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने बताया कि टीम ने पिछले टूर्नामेंट में मिली निराशा से कई सबक सीखे हैं और अब उनका पूरा ध्यान एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन करने पर है।भारतीय टीम का लक्ष्य एशियन गेम्स में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करना है। इस खिताब का महत्व इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि एशियन गेम्स में हॉकी का स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन का मौका मिलेगा।
वर्ल्ड कप के प्रदर्शन से लिया सबक
FIH हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। टीम टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर रही थी। इस प्रदर्शन के बाद टीम मैनेजमेंट और खिलाड़ियों ने अपनी कमजोरियों पर काम करने की योजना बनाई।कोच क्रेग फुल्टन ने कहा कि वर्ल्ड कप के बाद टीम ने कई क्षेत्रों की पहचान की, जहां सुधार की जरूरत थी। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों ने अपनी गलतियों को समझा और अब उन सीखों को मैदान पर लागू करने की कोशिश की जा रही है।
माउंट फ़ूजी में हुआ बॉन्डिंग कैंप
वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम ने जापान के माउंट फ़ूजी में एक विशेष बॉन्डिंग कैंप आयोजित किया था। कोच फुल्टन ने इसे टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण बताया।उन्होंने कहा कि इस कैंप का उद्देश्य सिर्फ शारीरिक तैयारी नहीं था, बल्कि खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल और आपसी समझ विकसित करना भी था। इस दौरान टीम ने अपनी रणनीति, लक्ष्य और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा की।
टीम में एकजुटता बढ़ाने पर जोर
हॉकी जैसे टीम खेल में खिलाड़ियों के बीच तालमेल बेहद महत्वपूर्ण होता है। कोच फुल्टन का मानना है कि मजबूत टीम भावना बड़े टूर्नामेंट में सफलता के लिए अहम भूमिका निभाती है।माउंट फ़ूजी कैंप के दौरान खिलाड़ियों ने एक-दूसरे के साथ समय बिताया और टीम की कमियों व मजबूती पर चर्चा की। इससे खिलाड़ियों के बीच विश्वास बढ़ाने में मदद मिली।
एशियन गेम्स पर पूरा ध्यान
एशियन गेम्स 2026 शुरू होने से पहले भारतीय टीम ने पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए नई शुरुआत पर ध्यान केंद्रित किया है।कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली भारतीय टीम पहले ही जापान पहुंच चुकी है और शुरुआती मुकाबले के लिए तैयारियां कर रही है। टीम का पहला मैच इंडोनेशिया के खिलाफ होना है।
कोच फुल्टन ने बताई तैयारी की रणनीति
क्रेग फुल्टन ने कहा कि टीम को टूर्नामेंट के दौरान हर मुकाबले को गंभीरता से लेना होगा। उन्होंने खिलाड़ियों से लगातार सुधार और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया है।उनका कहना है कि एशियन गेम्स में मुकाबले आसान नहीं होंगे और हर टीम बेहतर तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी। ऐसे में भारतीय टीम को अपनी रणनीति और प्रदर्शन दोनों में निरंतरता बनाए रखनी होगी।
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में चुनौती
भारतीय टीम की कमान अनुभवी खिलाड़ी हरमनप्रीत सिंह के हाथों में है। वह लंबे समय से टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं और उनकी कप्तानी में भारत ने कई बड़े टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया है।टीम को उम्मीद है कि हरमनप्रीत का अनुभव और नेतृत्व एशियन गेम्स में महत्वपूर्ण साबित होगा।
ओलंपिक क्वालिफिकेशन का बड़ा लक्ष्य
एशियन गेम्स 2026 में हॉकी का स्वर्ण पदक जीतना भारतीय टीम के लिए सिर्फ एक खिताब नहीं बल्कि ओलंपिक क्वालिफिकेशन का रास्ता भी है।लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे प्रवेश हासिल करने के लिए टीम इस अवसर को बेहद महत्वपूर्ण मान रही है। इसलिए भारतीय खिलाड़ी टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के इरादे से उतरेंगे।
युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन
भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को भी मौका दिया गया है। टीम मैनेजमेंट का प्रयास है कि अनुभव और नई ऊर्जा का बेहतर संयोजन बनाया जाए।कोच फुल्टन लगातार खिलाड़ियों की फिटनेस, मानसिक मजबूती और तकनीकी सुधार पर ध्यान दे रहे हैं।
इंडोनेशिया मुकाबले से शुरुआत
भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियन गेम्स अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ मुकाबले से करेगी। टीम इस मैच में जीत के साथ सकारात्मक शुरुआत करना चाहेगी।हालांकि, भारतीय खिलाड़ी जानते हैं कि टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के लिए हर मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी होगा।
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