खेल

स्टीव स्मिथ की गैरपारंपरिक तकनीक के कारण भारतीय गेंदबाजों को थोड़ी बाहर गेंदबाजी करनी होगी : सचिन तेंदुलकर

Bharti sahu
24 Nov 2020 11:52 AM GMT
स्टीव स्मिथ की गैरपारंपरिक तकनीक के कारण भारतीय गेंदबाजों को थोड़ी बाहर गेंदबाजी करनी होगी : सचिन तेंदुलकर
x
महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का कहना है कि स्टीव स्मिथ की गैरपारंपरिक तकनीक के कारण भारतीय गेंदबाजों को उन्हें थोड़ी बाहर गेंदबाजी करनी होगी।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का कहना है कि स्टीव स्मिथ की गैरपारंपरिक तकनीक के कारण भारतीय गेंदबाजों को उन्हें थोड़ी बाहर गेंदबाजी करनी होगी। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजों को सलाह दी कि आस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी श्रृंखला के दौरान इस बल्लेबाज को 'पांचवीं स्टंप' की लाइन पर गेंदबाजी करें

सचिन ने दिए एक साक्षात्कार में कहा कि स्मिथ की तकनीक गैरपारंपरिक है। सामान्यत: टेस्ट मेचों में हम गेंदबाज को आफ स्टंप या चौथे स्टंप की लाइन के आसपास गेंदबाजी करने के लिए कहते हैं लेकिन स्मिथ मूव करता है इसलिए शायद गेंद की लाइन चार से पांच इंच और आगे होनी चाहिए। स्टीव के बल्ले का किनारा लगे इसके लिए चौथे और पांचवें स्टंप के बीच की लाइन पर गेंदबाजी करने का लक्ष्य बनाना चाहिए। सचिन ने कहा कि मैंने पढ़ा है कि स्मिथ ने कहा है कि वह शॉर्ट पिच गेंदबाजी के लिए तैयार है। संभवत: वह उम्मीद कर रहा है कि गेंदबाज शुरुआत से ही उसके खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाएंगे। लेकिन मुझे लगता है कि आफ स्टंप के बाहर की तरफ उसकी परीक्षा ली जानी चाहिए। उसे बैकफुट पर रखो और शुरुआत में ही गलती करवाओ।

अंदर की ओर स्विंग होती गेंद क्या अधिक प्रभावी नहीं होगी इस बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने कहा कि इसके लिए यह देखना होगा कि गेंद कितनी स्विंग कर रही है। ये सभी चीजें मायने रखती हैं। आप लार का इस्तेमाल नहीं कर सकते इसलिए अगर विकेट अधिक जीवंत है तो यह अलग मामला है। इंग्लैंड में टेस्ट मैचों के दौरान कभी कभी ड्यूक गेंद काफी स्विंग नहीं करती।उन्होंने कहा कि जैसा कि मैंने हमेशा से कहा है, हमारे पास भारत के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ और संतुलित गेंदबाजी आक्रमण में से एक है। टेस्ट मैच जीतने के लिए अंतत: आपको 20 विकेट हासिल करने होते हैं। लेकिन 20 विकेट हासिल करने के लिए काफी रन भी नहीं लुटाने चाहिए। आक्रामक गेंदबाजों के साथ हमें ऐसे गेंदबाज की भी पहचान करनी होगी जो प्रतिकूल पिचों पर एक छोर से रन नहीं बनने दे, लगातार मेडन ओवर फेंककर दबाव बनाए।



Next Story