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भारतीय बल्लेबाजों को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए मिला जीत का फॉर्मूला

Gulabi
25 May 2021 10:45 AM GMT
भारतीय बल्लेबाजों को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए मिला जीत का फॉर्मूला
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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल और करीब आ गया है

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल (World Test Championship Final) और करीब आ गया है. भारतीय टीम (Indian Cricket Team) के खिलाड़ी फिलहाल तो अपने अपने शहर में हैं लेकिन हर किसी के दिमाग में फाइनल की तैयारी चल रही है. खिलाड़ी आपस में चर्चा कर रहे हैं. मुकाबला न्यूज़ीलैंड (New Zealand) की टीम से है. मैदान इंग्लैंड का साउथैंप्टन है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल हर किसी के लिए बहुत अहम है. बतौर कप्तान विराट कोहली के पास आईसीसी खिताब जीतने का मौका है. बतौर कोच रवि शास्त्री की भी यही ख्वाहिश है. बतौर टेस्ट स्पेशलिस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे भी इसी लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगे. ये मुकाबला 18 जून से शुरू होगा.


इस अहम टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम के बल्लेबाजों के सामने एक फॉर्मूला है जो उसकी जीत का रास्ता साफ कर सकता है. ये फॉर्मूला है मिशन-400. यानी स्कोरबोर्ड पर 400 रन जोड़ना. यूं तो टेस्ट क्रिकेट की पारंपरिक परिभाषा कहती है कि गेंदबाज टेस्ट मैच जिताते हैं और बल्लेबाज टेस्ट मैच बचाते हैं. लेकिन फिलहाल बल्लेबाजों के सामने ये चुनौती है कि अगर वो टीम की जीत सुनिश्चित करना चाहते हैं तो उन्हें स्कोरबोर्ड पर 400 से ज्यादा रन जोड़ने होंगे. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के आंकड़े यही कहते हैं.

भारत ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में खेले 17 मैच
इन 17 मैच में भारत को 12 जीत मिली. जबकि चार टेस्ट मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा. एक टेस्ट मैच ड्रॉ रहा. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने सबसे ज्यादा मैच जीते. अब इन मैचों के आंकड़े खंगालते हैं. 17 टेस्ट मैच में पांच पारियों में भारतीय टीम ने 400 रन का आंकड़ा पार किया है. इन सभी मैचों में उन्हें जीत मिली है. 2019 में भारत ने किंग्सटन टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहली पारी में 416 रन बनाए थे. भारत ने वो मैच 257 रन से जीता था. इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तनम टेस्ट में भारत ने पहली पारी में 502 रन बनाए थे. भारत ने वो मैच 203 रन से जीता था. पुणे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ही अगले टेस्ट मैच में भारत ने स्कोरबोर्ड पर 5 विकेट पर 601 रन जोड़े. भारत ने वो मैच पारी और 137 रन के बड़े अंतर से जीता.

बाकी किसी मैच में नहीं पार हुआ 400 का आंकड़ा
राची में अगले टेस्ट मैच में एक बार फिर भारतीय टीम ने 497 रन जोड़े. इस मैच में उसे पारी और 202 रन के अंतर से जीत मिली. बांग्लादेश के खिलाफ इंदौर टेस्ट में भी जीत का फॉर्मूला यही था. भारत ने 493 रन बनाए थे और बांग्लादेश को एक पारी और 130 रन के अंतर से हराया था. इन पांच पारियों को छोड़ दिया जाए तो भारतीय टीम बाकी किसी भी पारी में 400 रनों को पार नहीं कर पाई. बाकी के मैच में बहुत कांटे की टक्कर रही. जिन चार टेस्ट मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा उसमें भी यही कहानी थी.

विदेशी पिच पर 400 रन बनाने की होगी चुनौती
जिन पांच पारियों में भारतीय टीम ने 400 से ज्यादा रन जोड़े हैं उसमें से चार भारतीय पिचों पर खेली गई हैं. सिर्फ किंग्सटन में उसने 400 रन का आंकड़ा पार किया था लेकिन न्यूज़ीलैंड का गेंदबाजी आक्रमण वेस्टइंडीज से कहीं ज्यादा खतरनाक है. न्यूज़ीलैंड ने अपने घरेलू मैदान में भारत को दोनों टेस्ट मैच में हराया था. इंग्लैंड की पिच और मैदान कुछ कुछ न्यूज़ीलैंड जैसा ही होगा. विदेशी पिच पर 400 रन तो दूर की बात है भारतीय टीम 250 रन के आंकड़े से भी दूर रही है. 17 टेस्ट मैच की 12 पारियां ऐसी हैं जहां भारतीय टीम 250 के आंकड़े से पहले ही ऑल आउट हो गई थी. अब विराट कोहली के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि उनके बल्लेबाज स्कोरबोर्ड पर कम से कम 400 रन जोड़े. 400 रन विरोधी टीम को न सिर्फ दबाव में लाएंगे बल्कि काफी हद तक जीत की गारंटी होंगे.

क्षमता के अनुसार खेलना होगा
जिस टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे जैसे दिग्गज और मंझे हुए बल्लेबाज हों, शुभमन गिल और ऋषभ पंत जैसे जोशीले खिलाड़ी हों, हनुमा विहारी जैसा भरोसेमंद नाम हो उसके लिए 400 रन बहुत ज्यादा नहीं हैं. बशर्ते बल्लेबाजों की ये टोली अपनी क्षमता के हिसाब से बगैर किसी दबाव के खेले. रही बात गेंदबाजों की तो वो तो पिछले कई साल से हर मौके पर सोलह आने खरे उतरते हैं.


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