
नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करने के बाद भारतीय एथलीटों का पहला जत्था रविवार को स्वदेश लौट आया। इसमें देश की स्टार वेटलिफ्टर और ओलंपिक पदक विजेता साइखोम मीराबाई चानू तथा लवप्रीत सिंह समेत कई खिलाड़ी शामिल रहे। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचते ही खिलाड़ियों का सैकड़ों प्रशंसकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
एयरपोर्ट पर मौजूद फैंस ने खिलाड़ियों के समर्थन में नारे लगाए और उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। भारतीय खिलाड़ियों के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी पहुंचे थे। खिलाड़ियों ने भी प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया और अपने अनुभव साझा किए।
इस कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई चानू ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए महिलाओं के 49 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। यह उनका लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल है। इससे पहले भी वह इस प्रतियोगिता में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
मीराबाई चानू का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा। उन्होंने अपने अनुभव, तकनीक और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय खेल जगत में एक बार फिर उनकी विशेष पहचान को मजबूत किया है।
ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई लंबे समय से भारतीय वेटलिफ्टिंग की सबसे बड़ी उम्मीदों में शामिल रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाली मीराबाई ने कई बड़े मंचों पर देश का नाम रोशन किया है।
स्वदेश लौटने के बाद मीराबाई ने कहा कि देशवासियों का प्यार और समर्थन खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि हर प्रतियोगिता में उनका लक्ष्य देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करना और पदक जीतना होता है।
वहीं, लवप्रीत सिंह ने भी कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। उनकी मेहनत और समर्पण की प्रशंसा की गई। भारतीय दल के अन्य खिलाड़ियों ने भी विभिन्न खेलों में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया।
एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों के स्वागत के दौरान उत्साह का माहौल देखने को मिला। प्रशंसकों ने तिरंगा लेकर खिलाड़ियों का स्वागत किया और उनकी उपलब्धियों पर खुशी जताई। कई युवा खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
भारतीय दल ने इस कॉमनवेल्थ गेम्स में कई खेलों में पदक जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, कुश्ती, बैडमिंटन और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों का लगातार बेहतर प्रदर्शन देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ी युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं और नई पीढ़ी को खेलों की ओर आकर्षित कर रहे हैं।
मीराबाई चानू की सफलता को भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उनकी लगातार जीत यह दिखाती है कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है।
भारतीय खेल जगत अब आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार है। खिलाड़ियों का लक्ष्य अपनी उपलब्धियों को आगे बढ़ाना और देश के लिए और अधिक पदक जीतना है।
कॉमनवेल्थ गेम्स से लौटे खिलाड़ियों का यह स्वागत केवल उनकी जीत का सम्मान नहीं था, बल्कि देशभर के खेल प्रेमियों की ओर से उनके संघर्ष और मेहनत को सलाम भी था। मीराबाई चानू और अन्य खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने एक बार फिर साबित किया है कि भारतीय खिलाड़ी विश्व मंच पर लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं।





