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फ्रांस में भारत का स्वर्णिम प्रदर्शन
आरा: बिहार के भोजपुर जिले के चंदन कुमार पांडेय के नेतृत्व में फ्रांस पहुंचे भारतीय दल ने अंतरराष्ट्रीय यूरोपियन साइकिल पोलो चैंपियनशिप-2026 में स्वर्ण पदक जीता है। भारतीय टीम ने प्रतियोगिता में अजेय रहते हुए खिताब अपने नाम किया। फाइनल में मेजबान फ्रांस को हराकर भारत चैंपियन बना, जबकि फ्रांस को रजत पदक मिला। प्रतियोगिता फ्रांस के सेंट-पियरे-डी-वारेंजविले में आयोजित हुई और 11 अक्टूबर को संपन्न हुई।
इस उपलब्धि में भोजपुर के बड़की सनदियां गांव निवासी चंदन पांडेय की भूमिका दल के प्रमुख के रूप में रही। उन्हें प्रतियोगिता के लिए भारतीय दल का चीफ डी मिशन नियुक्त किया गया था। खिलाड़ियों की कप्तानी असरुद्दीन शाह ने संभाली। इस तरह दल के प्रशासनिक नेतृत्व और मैदान पर टीम की कप्तानी की जिम्मेदारियां अलग-अलग व्यक्तियों के पास थीं। चंदन साइकिल पोलो फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़े हैं और भारतीय दल के साथ फ्रांस गए थे।
भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के दौरान इंग्लैंड, बेल्जियम, ओकेनडॉन और मेजबान फ्रांस के खिलाफ जीत दर्ज की। खिलाड़ियों ने पूरे आयोजन में अपना विजय अभियान बनाए रखा। अंतिम मुकाबले में फ्रांस पर जीत के साथ भारत ने स्वर्ण पदक हासिल किया। चंदन पांडेय ने फ्रांस से बातचीत में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने इस उपलब्धि को भारतीय युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन से जोड़ते हुए देश के लिए गर्व का अवसर बताया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से पहले भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी के लिए बेंगलुरु में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। यह शिविर तीन से 20 सितंबर 2026 तक चला। इसके बाद श्रीनगर में 26 से 29 सितंबर तक आयोजित मेंस फेडरेशन कप-2026 के दौरान भारतीय टीम का अंतिम चयन किया गया। चयन के बाद खिलाड़ियों ने फ्रांस में होने वाली प्रतियोगिता के लिए प्रस्थान किया।
स्वर्ण विजेता टीम में कप्तान असरुद्दीन शाह के साथ विष्णु शशिधरण, जिजीराज, अनफर जाफर और अल्दीन रियास शामिल थे। टीम के प्रशिक्षक कमल किशोर सोनी रहे। प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों ने तकनीक, फिटनेस, आपसी तालमेल और खेल रणनीति पर काम किया। इसके बाद चयनित टीम ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर खिताब जीता।
भारतीय दल आठ अक्टूबर को बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एतिहाद एयरवेज के माध्यम से फ्रांस रवाना हुआ था। प्रतियोगिता 10 और 11 अक्टूबर को आयोजित हुई। बेंगलुरु में प्रशिक्षण और श्रीनगर में अंतिम चयन के बाद फ्रांस पहुंचे खिलाड़ियों ने अजेय प्रदर्शन के साथ अपना अभियान पूरा किया।
चंदन कुमार पांडेय आरा प्रखंड के बड़की सनदियां गांव के निवासी और दया शंकर पांडेय के पुत्र हैं। भारतीय दल के चीफ डी मिशन के रूप में उनकी नियुक्ति की जानकारी प्रतियोगिता से पहले सामने आई थी। अब भारतीय टीम की स्वर्णिम सफलता के साथ भोजपुर का नाम भी इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से जुड़ गया है। चंदन ने जीत का श्रेय खिलाड़ियों की मेहनत और सामूहिक प्रयास को दिया है।
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