
वडोदरा। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को खेले जा रहे पहले वनडे मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। वडोदरा के कोटांबी स्थित बीसीए स्टेडियम में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट हासिल करके विपक्षी टीम को दबाव में रखा। मुकाबले में भारत को पांचवीं सफलता बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाज श्री चरणी ने दिलाई। उन्होंने जिम्बाब्वे की बल्लेबाज न्याशा ग्वानजुरा को आउट किया। न्याशा ने 28 गेंदों पर 13 रन बनाए। उनके आउट होने के समय जिम्बाब्वे का स्कोर 113 रन पर पांच विकेट था। इसके बाद टीम ने 30 ओवर में पांच विकेट पर 121 रन बना लिए।
श्री चरणी ने दिलाई भारत को पांचवीं सफलता
भारतीय महिला टीम की युवा स्पिन गेंदबाज श्री चरणी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया।
उन्होंने पारी के 28वें ओवर की तीसरी गेंद पर न्याशा ग्वानजुरा को आउट कर दिया।
न्याशा काफी समय से क्रीज पर मौजूद थीं और अपनी टीम की पारी को संभालने का प्रयास कर रही थीं।
उन्होंने 28 गेंदों का सामना करते हुए 13 रन बनाए।
न्याशा के आउट होने से जिम्बाब्वे की मुश्किलें और बढ़ गईं। टीम ने 113 रन के स्कोर पर अपना पांचवां विकेट गंवा दिया।
इस विकेट के बाद भारत की कोशिश जिम्बाब्वे के निचले क्रम को जल्द समेटने की रही।
30 ओवर में जिम्बाब्वे का स्कोर 121/5
पांचवां विकेट गिरने के बाद जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने पारी को आगे बढ़ाया।
30 ओवर पूरे होने पर जिम्बाब्वे ने पांच विकेट के नुकसान पर 121 रन बनाए थे।
उस समय बेलव्ड बिजा 52 गेंदों पर 38 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रही थीं।
उनके साथ चिएद्जा धुरुरु आठ गेंदों पर पांच रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थीं।
जिम्बाब्वे की टीम को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी इन बल्लेबाजों पर थी।
दूसरी ओर भारतीय टीम जल्द से जल्द बाकी विकेट हासिल करना चाहती थी।
श्री चरणी ने आठ ओवर में झटके तीन विकेट
मैच के शुरुआती 30 ओवरों में श्री चरणी भारत की सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में शामिल रहीं।
उन्होंने अपने आठ ओवरों में केवल 18 रन देकर तीन विकेट हासिल किए।
इस दौरान उनकी गेंदबाजी बेहद किफायती रही।
श्री चरणी ने लगातार सही दिशा और लंबाई पर गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का अवसर नहीं दिया।
वनडे क्रिकेट में मध्य ओवरों के दौरान स्पिन गेंदबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
इस दौरान बल्लेबाज आमतौर पर साझेदारी बनाकर रन गति बढ़ाने की कोशिश करते हैं।
लेकिन श्री चरणी की गेंदबाजी के कारण जिम्बाब्वे को लगातार दबाव का सामना करना पड़ा।
क्रांति गौड़ ने दिलाया था पहला विकेट
इससे पहले भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने जिम्बाब्वे को शुरुआती झटका दिया था।
उन्होंने सलामी बल्लेबाज लॉरिन फिरि को आउट किया।
फिरि नौ गेंदों पर केवल एक रन बनाकर पवेलियन लौट गईं।
उस समय जिम्बाब्वे का स्कोर तीन रन पर एक विकेट था।
क्रांति की इस शुरुआती सफलता ने भारतीय गेंदबाजों को विपक्षी टीम पर दबाव बनाने का अवसर दिया।
जिम्बाब्वे की टीम पहले विकेट के झटके से उबरने का प्रयास कर रही थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उसे आसानी से रन नहीं बनाने दिए।
46 रन पर गिरा दूसरा विकेट
जिम्बाब्वे की दूसरी बल्लेबाज चिपो मुगेरी तिरिपानो थीं।
उन्होंने 27 गेंदों का सामना करते हुए 21 रन बनाए।
पारी के 11वें ओवर की पहली गेंद पर वह आउट हो गईं।
उस समय जिम्बाब्वे का स्कोर 46 रन था।
दूसरा विकेट गिरने के बाद टीम की बल्लेबाजी पर दबाव बढ़ गया।
भारतीय गेंदबाजों ने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए नियमित अंतराल पर विकेट हासिल करना जारी रखा।
जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारी बनाने का अवसर नहीं मिल सका।
मोडेस्टर मुपाचिक्वा ने बनाए 25 रन
जिम्बाब्वे की विकेटकीपर बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिक्वा ने पारी को संभालने का प्रयास किया।
उन्होंने 44 गेंदों पर 25 रन बनाए।
मोडेस्टर लंबे समय तक क्रीज पर मौजूद रहीं, लेकिन अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सकीं।
पारी के 15वें ओवर की पांचवीं गेंद पर वह आउट हो गईं।
उनके आउट होने के समय जिम्बाब्वे का स्कोर 55 रन पर तीन विकेट था।
इस विकेट के बाद भारतीय गेंदबाजों ने विपक्षी टीम पर दबाव और बढ़ा दिया।
70 रन पर जिम्बाब्वे को लगा चौथा झटका
जिम्बाब्वे की बल्लेबाज शार्ने मायर्स भी बड़ी पारी खेलने में असफल रहीं।
उन्होंने 12 गेंदों पर आठ रन बनाए।
पारी के 18वें ओवर की अंतिम गेंद पर उनका विकेट गिरा।
इसके साथ ही जिम्बाब्वे का स्कोर 70 रन पर चार विकेट हो गया।
लगातार विकेट गिरने से टीम के मध्यक्रम के सामने पारी को संभालने की चुनौती खड़ी हो गई।
इसके बाद न्याशा ग्वानजुरा और बेलव्ड बिजा ने रन जोड़ने का प्रयास किया।
दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 43 रन जोड़े, लेकिन श्री चरणी ने न्याशा को आउट कर साझेदारी तोड़ दी।
बेलव्ड बिजा ने संभाली जिम्बाब्वे की पारी
जिम्बाब्वे की बल्लेबाज बेलव्ड बिजा ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ संयम के साथ बल्लेबाजी की।
30 ओवर पूरे होने तक उन्होंने 52 गेंदों पर 38 रन बनाए थे।
इस दौरान उन्होंने विकेट बचाने के साथ रन बनाने की कोशिश जारी रखी।
बिजा की बल्लेबाजी जिम्बाब्वे के लिए महत्वपूर्ण रही, क्योंकि दूसरी ओर लगातार विकेट गिरते रहे।
उनके साथ चिएद्जा धुरुरु ने भी साझेदारी बनाने का प्रयास किया।
दोनों बल्लेबाजों के सामने चुनौती थी कि वे शेष ओवरों में रन गति बढ़ाएं और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाएं।
स्मृति मंधाना की कप्तानी में उतरी भारतीय टीम
इस मुकाबले में भारतीय महिला टीम की कप्तानी स्मृति मंधाना कर रही हैं।
भारतीय टीम में शेफाली वर्मा, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसी प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं।
गेंदबाजी विभाग में क्रांति गौड़, श्री चरणी, सायली सतघरे और जिंतामणि कलिता को मौका दिया गया है।
जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था।
भारत की कोशिश विपक्षी टीम को कम स्कोर पर रोककर लक्ष्य का आसानी से पीछा करने की होगी।
भारत की नजर जल्दी विकेट हासिल करने पर
जिम्बाब्वे के पांच विकेट गिरने के बाद भारतीय गेंदबाजों के सामने बाकी बल्लेबाजों को जल्द आउट करने का अवसर है।
श्री चरणी ने तीन विकेट लेकर भारत की स्थिति मजबूत की है।
इसके अलावा तेज गेंदबाजों ने भी शुरुआती ओवरों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारतीय टीम की कोशिश अब जिम्बाब्वे को अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने से रोकने की होगी।
वहीं जिम्बाब्वे के सामने चुनौती है कि वह शेष विकेट बचाते हुए प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा करे।
पहला वनडे जीतकर सीरीज में बढ़त बनाना चाहेगा भारत
भारत और जिम्बाब्वे के बीच यह तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला है।
भारतीय महिला टीम घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाकर सीरीज की शुरुआत जीत के साथ करना चाहती है।
इससे पहले दोनों टीमों के बीच हुई टी20 सीरीज में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया था।
वनडे सीरीज में भी भारतीय टीम अपनी लय बरकरार रखने के इरादे से मैदान पर उतरी है।
वडोदरा में खेले जा रहे मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती 30 ओवरों में पांच विकेट लेकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी।
फिलहाल उपलब्ध स्कोर अपडेट के अनुसार, जिम्बाब्वे ने 30 ओवर में पांच विकेट पर 121 रन बनाए थे। श्री चरणी आठ ओवर में 18 रन देकर तीन विकेट ले चुकी थीं। मुकाबला जारी होने के कारण स्कोर और आंकड़ों में आगे बदलाव संभव है।





