खेल

जापान को हराकर सेमीफाइनल में भारत फिर भी कोच मारिज्ने ने बताई बड़ी कमी

Ratna Netam
25 Sept 2026 3:29 PM IST
जापान को हराकर सेमीफाइनल में भारत फिर भी कोच मारिज्ने ने बताई बड़ी कमी
x
नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पूल B के मुकाबले में जापान को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। हालांकि जीत के बावजूद भारतीय टीम के हेड कोच स्योर्ड मारिज्ने आखिरी क्वार्टर में खिलाड़ियों के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने शुरुआती तीन क्वार्टर में टीम के खेल की तारीफ की, लेकिन अंतिम क्वार्टर में आई लापरवाही और ऊर्जा की कमी पर चिंता जताई।भारत और जापान के बीच गुरुवार को खेला गया मुकाबला नॉकआउट चरण से पहले भारतीय टीम के लिए अहम परीक्षा था। जापान जैसी मजबूत टीम के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती तीन क्वार्टर में अनुशासित और आक्रामक हॉकी खेली। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और जापानी डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। इसका फायदा भारत को स्कोरबोर्ड पर भी मिला और टीम मुकाबले में मजबूत स्थिति बनाने में सफल रही।
भारतीय महिला टीम ने आखिरकार मुकाबला 3-1 से अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी जीत का सिलसिला जारी रखते हुए सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया। टीम का प्रदर्शन ग्रुप चरण में प्रभावी रहा है, लेकिन कोच मारिज्ने का मानना है कि नॉकआउट जैसे महत्वपूर्ण मुकाबलों में छोटी गलतियां भी भारी पड़ सकती हैं।मैच के बाद हॉकी इंडिया की ओर से जारी एक वीडियो में मारिज्ने ने टीम के प्रदर्शन का आकलन किया। उन्होंने कहा कि पहले तीन क्वार्टर में भारतीय टीम ने बहुत अच्छा खेल दिखाया। खिलाड़ियों ने रणनीति के मुताबिक प्रदर्शन किया और मैदान पर जरूरी ऊर्जा दिखाई। हालांकि चौथे और अंतिम क्वार्टर में प्रदर्शन का स्तर नीचे चला गया।
मारिज्ने ने अंतिम क्वार्टर के खेल को लापरवाही भरा बताते हुए कहा कि खिलाड़ियों में पहले तीन क्वार्टर जैसी ऊर्जा और जोश नजर नहीं आया। इसी दौरान जापान को वापसी करने का मौका मिला और भारतीय टीम ने एक गोल भी खाया। कोच ने साफ किया कि बड़े मुकाबलों में टीम को पूरे 60 मिनट तक एक समान अनुशासन और तीव्रता बनाए रखनी होगी।भारतीय कोच की चिंता खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब टीम टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में प्रवेश कर चुकी है। सेमीफाइनल में गलती सुधारने के लिए ज्यादा समय या मौके नहीं मिलते। ऐसे में खिलाड़ियों को शुरुआत से आखिरी मिनट तक एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत होगी।
मारिज्ने ने जापान के खिलाफ मैच को नॉकआउट से पहले टीम के लिए महत्वपूर्ण मुकाबला भी बताया। उनका मानना है कि मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ पूरे दबाव और प्रतिस्पर्धा के बीच खेलना खिलाड़ियों की तैयारियों को परखने के लिए जरूरी है। जापान ने भारतीय टीम को कई मौकों पर चुनौती दी, जिससे खिलाड़ियों को अपनी रणनीति और मैदान पर फैसले लेने की क्षमता का परीक्षण करने का मौका मिला।भारतीय टीम के लिए जापान के खिलाफ जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही। ग्रुप चरण में लगातार अच्छे परिणाम हासिल करने के बाद अब खिलाड़ियों का पूरा ध्यान सेमीफाइनल पर होगा। टीम के सामने पदक की दिशा में अगला मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है और कोचिंग स्टाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं चाहता।
मारिज्ने की टिप्पणी से भी यही संकेत मिलता है कि भारतीय टीम केवल जीत से संतुष्ट नहीं होना चाहती। कोच का जोर प्रदर्शन की गुणवत्ता और पूरे मैच के दौरान अनुशासन बनाए रखने पर है। शुरुआती तीन क्वार्टर में जिस तरह भारतीय खिलाड़ियों ने जापान को दबाव में रखा, वही स्तर अंतिम क्वार्टर तक कायम रखना टीम के लिए आगे बेहद जरूरी होगा।महिला हॉकी में भारत और जापान के बीच मुकाबले आमतौर पर प्रतिस्पर्धी रहे हैं। दोनों टीमें एशियाई स्तर पर मजबूत मानी जाती हैं। ऐसे में नॉकआउट से पहले जापान जैसी टीम के खिलाफ 3-1 की जीत भारत के लिए महत्वपूर्ण रही। साथ ही अंतिम क्वार्टर में खाया गया गोल टीम को अपनी कमजोरियों पर काम करने का संकेत भी दे गया।
भारतीय खिलाड़ियों ने मैच के दौरान आक्रमण और डिफेंस के बीच अच्छा तालमेल दिखाया। शुरुआती तीन क्वार्टर में टीम ने जापान को खुलकर खेलने के ज्यादा मौके नहीं दिए। गेंद पर नियंत्रण के साथ भारतीय टीम ने विपक्षी सर्कल में दबाव बनाने की कोशिश जारी रखी। हालांकि आखिरी क्वार्टर में खेल की रफ्तार और अनुशासन में कमी दिखाई दी, जिसका फायदा जापान ने उठाया।कोच मारिज्ने अब चाहते हैं कि सेमीफाइनल से पहले टीम इन कमियों को दूर करे। नॉकआउट मुकाबले में विपक्षी टीम को मिलने वाला एक मौका भी मैच का नतीजा बदल सकता है। इसलिए उन्होंने पूरे मुकाबले के दौरान एकाग्रता, अनुशासन और ऊर्जा बनाए रखने पर जोर दिया है।
भारत की 3-1 की जीत ने टीम को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया है, लेकिन कोचिंग स्टाफ की नजर अब अगले मुकाबले पर है। ग्रुप चरण में मिली जीत और जापान जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलने का अनुभव भारतीय खिलाड़ियों के लिए आगे उपयोगी साबित हो सकता है।सेमीफाइनल में उतरने से पहले भारतीय महिला टीम के सामने सबसे बड़ा लक्ष्य अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखना होगा। जापान के खिलाफ शुरुआती तीन क्वार्टर में दिखी आक्रामकता और अनुशासन को पूरे मैच तक कायम रखने में टीम सफल रहती है तो नॉकआउट चरण में उसका आत्मविश्वास और मजबूत होगा। फिलहाल जीत के बावजूद मारिज्ने ने खिलाड़ियों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि बड़े मुकाबलों में पूरे 60 मिनट तक एकाग्र रहना जरूरी है।
Next Story