
वडोदरा। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को खेले जा रहे पहले वनडे मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में जारी मुकाबले में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को चौथा झटका दिया है। अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने शार्ने मेयर्स को आउट कर भारतीय टीम को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। मेयर्स 12 गेंदों में आठ रन बनाकर पवेलियन लौटीं। उनका विकेट गिरने के समय जिम्बाब्वे का स्कोर 18 ओवर में चार विकेट पर 70 रन था। इस विकेट के साथ भारतीय टीम ने मुकाबले में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है।
दीप्ति शर्मा ने दिलाई चौथी सफलता
भारतीय महिला टीम की अनुभवी स्पिन गेंदबाज दीप्ति शर्मा ने अपनी गेंदबाजी से जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। मेहमान टीम पहले ही तीन विकेट गंवा चुकी थी। ऐसे में शार्ने मेयर्स से बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन वह ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सकीं।
जिम्बाब्वे की पारी के 18वें ओवर की अंतिम गेंद पर दीप्ति शर्मा ने शार्ने मेयर्स को आउट कर दिया। मेयर्स ने 12 गेंदों का सामना करते हुए आठ रन बनाए। इस विकेट के साथ जिम्बाब्वे का स्कोर 70 रन पर चार विकेट हो गया।
भारतीय टीम के लिए यह विकेट बेहद महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि जिम्बाब्वे की बल्लेबाज शुरुआती झटकों के बाद साझेदारी बनाने की कोशिश कर रही थीं। दीप्ति ने इस कोशिश को सफल नहीं होने दिया।
टॉस जीतकर जिम्बाब्वे ने चुनी बल्लेबाजी
तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। मेहमान टीम का लक्ष्य निर्धारित 50 ओवर में बड़ा स्कोर खड़ा करना था।
हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक प्रदर्शन किया। नई गेंद से भारतीय टीम ने विपक्षी बल्लेबाजों को संभलकर खेलने के लिए मजबूर किया।
जिम्बाब्वे की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शुरुआती ओवरों में ही टीम को पहला झटका लगा। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मेहमान टीम पर दबाव बढ़ा दिया।
तीन रन पर गिरा पहला विकेट
जिम्बाब्वे की टीम को पहला झटका पारी के तीसरे ओवर में लगा। लॉरिन फिरी नौ गेंदों पर सिर्फ एक रन बनाकर आउट हो गईं। उस समय जिम्बाब्वे का स्कोर महज तीन रन था।
इसके बाद चिपो मुगेरी-तिरिपानो और मोडेस्टर मुपाचिक्वा ने पारी संभालने की कोशिश की। दोनों ने कुछ समय तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया और स्कोर को आगे बढ़ाया।
चिपो मुगेरी-तिरिपानो ने 27 गेंदों पर 21 रन बनाए, लेकिन वह अपनी पारी को ज्यादा आगे नहीं बढ़ा सकीं। 10.1 ओवर में जिम्बाब्वे को दूसरा झटका लगा और टीम का स्कोर 46 रन पर दो विकेट हो गया।
श्री चरणी ने दिलाई तीसरी सफलता
जिम्बाब्वे की बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिक्वा ने एक छोर संभालते हुए टीम को मुश्किल परिस्थिति से निकालने का प्रयास किया। उन्होंने संयमित बल्लेबाजी की और लगातार गिरते विकेटों के बीच पारी को आगे बढ़ाया।
हालांकि, भारतीय स्पिन गेंदबाज श्री चरणी ने उनकी पारी का अंत कर दिया। मोडेस्टर 44 गेंदों पर 25 रन बनाकर आउट हुईं।
जिम्बाब्वे को तीसरा झटका 14.5 ओवर में लगा। उस समय टीम का स्कोर 55 रन था। लगातार विकेट गिरने के कारण मेहमान टीम की रन गति भी प्रभावित हुई।
मोडेस्टर के आउट होने के बाद जिम्बाब्वे के मध्यक्रम पर जिम्मेदारी बढ़ गई। लेकिन शार्ने मेयर्स भी बड़ी पारी खेलने में असफल रहीं।
चार विकेट गिरने के बाद मुश्किल में जिम्बाब्वे
जिम्बाब्वे की टीम शुरुआती 18 ओवर में केवल 70 रन बना सकी और उसके चार महत्वपूर्ण विकेट गिर गए। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार सटीक गेंदबाजी कर विपक्षी टीम को तेजी से रन बनाने का मौका नहीं दिया।
शार्ने मेयर्स के आउट होने के बाद न्याशा ग्वांजुरा और बिलव्ड बिजा ने पारी को संभालने का प्रयास किया।
20.3 ओवर के बाद जिम्बाब्वे का स्कोर चार विकेट पर 87 रन दर्ज किया गया। इस समय न्याशा ग्वांजुरा नौ रन और बिलव्ड बिजा 17 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रही थीं।
भारतीय टीम अब मध्यक्रम और निचले क्रम के विकेट जल्दी हासिल कर जिम्बाब्वे को कम स्कोर पर रोकने की रणनीति पर काम कर रही है।
दीप्ति शर्मा की गेंदबाजी रही प्रभावशाली
दीप्ति शर्मा भारतीय महिला क्रिकेट टीम की महत्वपूर्ण ऑलराउंडर खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी टीम के लिए योगदान देती रही हैं।
जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मुकाबले में उन्होंने शुरुआती चार ओवर में 17 रन देकर एक विकेट हासिल किया। उनके इस प्रदर्शन से भारतीय टीम को मध्य ओवरों में विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में मदद मिली।
वनडे क्रिकेट में बीच के ओवर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान बल्लेबाजी करने वाली टीम विकेट बचाते हुए रन गति बढ़ाने की कोशिश करती है। वहीं गेंदबाजी करने वाली टीम का लक्ष्य नियमित अंतराल पर विकेट हासिल करना होता है।
दीप्ति शर्मा ने शार्ने मेयर्स को आउट कर इसी रणनीति को सफल बनाने में योगदान दिया।
टी20 सीरीज में भारत ने किया था क्लीन स्वीप
वनडे सीरीज से पहले भारतीय महिला टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था। भारत ने तीनों मुकाबले जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की थी।
टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में भारतीय टीम ने 216 रन का बड़ा स्कोर बनाया था। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और भारत ने मुकाबला 92 रन से जीत लिया।
टी20 सीरीज में मिली सफलता के बाद भारतीय टीम वनडे प्रारूप में भी अपनी जीत का सिलसिला जारी रखना चाहती है।
स्मृति मंधाना के नेतृत्व में उतरी भारतीय टीम
जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की कप्तानी स्मृति मंधाना कर रही हैं, जबकि दीप्ति शर्मा उपकप्तान की भूमिका निभा रही हैं।
इस सीरीज के लिए भारतीय टीम में कई अनुभवी और युवा खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। हालांकि, तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर फिटनेस संबंधी कारणों से वनडे सीरीज से बाहर हो गई हैं। उनकी जगह जिंतीमनी कलिता को टीम में शामिल किया गया है।
भारत की नजर जल्द समेटने पर
पहले वनडे मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआती 18 ओवर में चार विकेट हासिल कर अच्छी स्थिति बना ली है। अब गेंदबाजों की कोशिश जिम्बाब्वे के शेष बल्लेबाजों को जल्द आउट करने की होगी।
वहीं, जिम्बाब्वे की टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी पारी को संभालना और प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचना है। इसके लिए मध्यक्रम की बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारी करनी होगी।
दीप्ति शर्मा की गेंद पर शार्ने मेयर्स का विकेट गिरना मुकाबले का महत्वपूर्ण क्षण रहा। अब भारतीय टीम की निगाहें शेष विकेट हासिल कर बल्लेबाजों के लिए आसान लक्ष्य सुनिश्चित करने पर टिकी हैं।





