
ऑकलैंड। भारत और न्यूजीलैंड के बीच बुधवार, 4 नवंबर को खेले जा रहे पहले वनडे मुकाबले में भारतीय तेज गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। ऑकलैंड के ईडन पार्क में भारतीय गेंदबाजों ने मेजबान न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को मुश्किल में डाल दिया है। न्यूजीलैंड की टीम को 131 रन के स्कोर पर आठवां झटका लगा। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने काइल जेमीसन को आउट कर अपनी तीसरी सफलता हासिल की। इससे पहले अंशुल कंबोज ने मिचेल सैंटनर और नाथन स्मिथ को पवेलियन भेजकर न्यूजीलैंड की मुश्किलें बढ़ाई थीं। लगातार विकेट गिरने के कारण मेजबान टीम की स्थिति बेहद कमजोर हो गई है।
पांच मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। भारतीय टीम ने इस मैच में चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरने की रणनीति अपनाई। अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार, अंशुल कंबोज और आकिब नबी को गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी दी गई। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही सटीक लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा।
न्यूजीलैंड की टीम अपने घरेलू मैदान पर मजबूत शुरुआत करने के इरादे से उतरी थी। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ही मेजबान टीम को झटके देने शुरू कर दिए। तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और गुरनूर बरार ने नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए। इससे न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारी बनाने का मौका नहीं मिल सका।
भारतीय टीम के लिए गुरनूर बरार ने शुरुआती चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपनी तेज रफ्तार और उछाल से न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को परेशान किया। गुरनूर ने दो विकेट हासिल कर टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम योगदान दिया। उनकी गेंदबाजी के सामने मेजबान बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके।
दूसरी ओर अर्शदीप सिंह ने अपनी स्विंग और सटीक गेंदबाजी से न्यूजीलैंड को लगातार दबाव में रखा। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने शुरुआती सफलताओं के बाद भी अपनी लय बनाए रखी। उन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट हासिल कर भारतीय टीम को मुकाबले में आगे रखा।
न्यूजीलैंड की टीम को 113 रन के स्कोर पर छठा झटका लगा था। उस समय भारतीय तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने कप्तान मिचेल सैंटनर को आउट किया। सैंटनर का विकेट भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण था, क्योंकि न्यूजीलैंड के कप्तान अपनी बल्लेबाजी से टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकालने की क्षमता रखते हैं।
सैंटनर के आउट होने के बाद न्यूजीलैंड की मुश्किलें और बढ़ गईं। टीम अभी इस झटके से उबर भी नहीं पाई थी कि अंशुल कंबोज ने नाथन स्मिथ को भी अपना शिकार बना लिया। न्यूजीलैंड का सातवां विकेट 115 रन के स्कोर पर गिरा। इस तरह महज दो रन के भीतर मेजबान टीम ने दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए।
लगातार दो विकेट गिरने के बाद न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी पर दबाव काफी बढ़ गया। टीम के निचले क्रम के बल्लेबाजों के सामने भारतीय गेंदबाजों का सामना करने और स्कोर आगे बढ़ाने की बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में काइल जेमीसन से कुछ रन जोड़ने की उम्मीद थी।
हालांकि, भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने न्यूजीलैंड को संभलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने काइल जेमीसन को आउट कर मेजबान टीम को आठवां झटका दिया। जेमीसन के पवेलियन लौटने के समय न्यूजीलैंड का स्कोर 131 रन था। इस विकेट के साथ अर्शदीप सिंह ने मुकाबले में अपने तीन विकेट पूरे किए।
अर्शदीप की तीसरी सफलता के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया। न्यूजीलैंड की टीम अब आठ विकेट गंवाकर मुश्किल स्थिति में पहुंच चुकी थी। मेजबान टीम के लिए बड़ा स्कोर खड़ा करना चुनौतीपूर्ण नजर आने लगा।
इस मुकाबले में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का प्रदर्शन खास तौर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अनुभवी गेंदबाजों की अनुपस्थिति में युवा खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिला है। अंशुल कंबोज और गुरनूर बरार जैसे गेंदबाजों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भारतीय टीम के चयन में भी कुछ उल्लेखनीय फैसले देखने को मिले। कप्तान शुभमन गिल ने चार तेज गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरने का फैसला किया। इस मुकाबले में मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं थे। ऐसे में युवा तेज गेंदबाजों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी थी।
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद का भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा इस्तेमाल किया। गेंदबाजों ने बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने का अवसर नहीं दिया। साथ ही नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मेजबान टीम की योजनाओं को प्रभावित किया।
अर्शदीप सिंह की गेंदबाजी भारतीय टीम के लिए राहत देने वाली रही। सीमित ओवरों के क्रिकेट में वह पहले भी अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं। नई गेंद से विकेट लेने के अलावा बीच के ओवरों और अंतिम चरण में प्रभावी गेंदबाजी करना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है।
पहले वनडे में तीन विकेट हासिल करना उनके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे भारतीय टीम को शुरुआती मुकाबले में बढ़त बनाने का अवसर मिला है। वहीं, अंशुल कंबोज ने भी सैंटनर और स्मिथ जैसे खिलाड़ियों को आउट कर अपनी उपयोगिता साबित की।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह पांच मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला है। इससे पहले दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली गई थी, जिसे भारत ने 3-2 से अपने नाम किया था। अब भारतीय टीम वनडे प्रारूप में भी जीत के साथ शुरुआत करने की कोशिश कर रही है।
वनडे सीरीज भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अगले साल होने वाले विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। टीम प्रबंधन को इस सीरीज में युवा गेंदबाजों के प्रदर्शन और उनकी क्षमता का आकलन करने का अवसर मिल रहा है।
फिलहाल 131 रन पर आठ विकेट गिरने के बाद न्यूजीलैंड की टीम गहरे संकट में पहुंच गई है। अर्शदीप सिंह तीन विकेट लेकर भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में सबसे सफल गेंदबाज बनकर उभरे हैं। वहीं, अंशुल कंबोज और गुरनूर बरार ने भी दो-दो विकेट हासिल कर टीम इंडिया की स्थिति मजबूत की है।
अब भारतीय टीम की कोशिश न्यूजीलैंड के बचे हुए दो विकेट जल्द हासिल करने की होगी, ताकि मेजबान टीम को कम स्कोर पर रोका जा सके। दूसरी ओर न्यूजीलैंड के निचले क्रम के बल्लेबाज कुछ अतिरिक्त रन जोड़कर भारत के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने का प्रयास करेंगे। मैच के इस चरण तक भारतीय गेंदबाजों ने मुकाबले पर अपना दबदबा बनाए रखा है।





