
Sports:भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 13 जून को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच से पहले भारतीय टीम मैनेजमेंट के सामने सबसे बड़ी चुनौती दो सीनियर खिलाड़ियों विराट कोहली और हार्दिक पांड्या के रिप्लेसमेंट को लेकर बनी हुई है। दोनों खिलाड़ी चोट के चलते इस सीरीज से बाहर हो गए हैं, जिससे टीम संयोजन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विराट कोहली को आईपीएल फाइनल के दौरान चोट लगी थी, जबकि हार्दिक पांड्या बीसीसीआई फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद दोबारा चोटिल हो गए। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने हार्दिक का कोई आधिकारिक रिप्लेसमेंट इस सीरीज के लिए नहीं चुना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई का मानना है कि नीतीश कुमार रेड्डी जैसे युवा ऑलराउंडर को इस मौके पर आजमाया जा सकता है, ताकि भविष्य के लिए विकल्प तैयार किए जा सकें।
नीतीश कुमार रेड्डी के पास सीमित वनडे अनुभव है, लेकिन उन्हें टीम में शामिल कर प्लेइंग XI में मौका दिए जाने की संभावना है। वह हार्दिक पांड्या की भूमिका में बैलेंस ऑलराउंडर के तौर पर खुद को साबित कर सकते हैं। वहीं, कोहली की गैरमौजूदगी में बल्लेबाजी क्रम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
सलामी जोड़ी के तौर पर रोहित शर्मा और शुभमन गिल का उतरना लगभग तय माना जा रहा है। इसके बाद नंबर तीन पर यशस्वी जायसवाल या फिर ईशान किशन में से किसी एक को मौका मिल सकता है। जायसवाल ने अब तक सीमित वनडे मैच खेले हैं, लेकिन एक शतक के साथ उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है। दूसरी ओर, ईशान किशन घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म में रहे हैं और टीम के लिए मजबूत विकल्प बने हुए हैं।
मिडिल ऑर्डर में श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों की भूमिका अहम रहने वाली है। विकेटकीपर की जिम्मेदारी केएल राहुल या ईशान किशन में से किसी एक को मिल सकती है, जो टीम संयोजन पर निर्भर करेगा।
गेंदबाजी विभाग में कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे गेंदबाज शामिल हैं, जो अफगानिस्तान के खिलाफ अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा टीम में युवा खिलाड़ियों जैसे प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़ और हर्ष दुबे को भी स्क्वॉड में जगह दी गई है, जो भविष्य की योजनाओं का हिस्सा माने जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, विराट कोहली और हार्दिक पांड्या की अनुपस्थिति में भारतीय टीम एक नए संयोजन के साथ मैदान में उतरेगी। यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगी, जबकि टीम मैनेजमेंट के लिए भी आगामी बड़े टूर्नामेंट्स की तैयारी का अहम चरण साबित हो सकता है।





