
x
Delhi दिल्ली। 'आइस हॉकी' बर्फ पर खेला जाने वाला तेज और रोमांचक खेल है, जिसमें दो टीमें स्टिक की मदद से 'पक' को गोल में पहुंचाने की कोशिश करती हैं। ताकत, गति और रणनीति के इस खेल में खिलाड़ी स्केट्स पहनते हैं। आइस हॉकी की शुरुआत 19वीं सदी की शुरुआत में कनाडा में हुई थी। शुरुआत में आइस हॉकी को गेंद के साथ खेला जाता था, लेकिन धीरे-धीरे डिस्क (पक) ने इसकी जगह ले ली। वल्कनीकृत रबर से बनी 'पक' काली, ठोस, चपकी और गोल डिस्क होती है, जिसे मुकाबले से पहले फ्रीज किया जाता है, ताकि यह उछले नहीं। पक का व्यास 3 इंच, मोटाई 1 इंच और वजन 5.5 से 6 औंस के बीच होता है। इसे स्टिक की मदद से नियंत्रित किया जाता है।
आइस हॉकी का पहला संगठित मैच साल 1875 में मॉन्ट्रियल में आयोजित हुआ। साल 1879 में, मैकगिल यूनिवर्सिटी के दो छात्र, रॉबर्टसन और स्मिथ ने इसके शुरुआती नियम बनाए। 1880 में पहली मान्यता प्राप्त टीम मैकगिल यूनिवर्सिटी हॉकी क्लब की नींव रखी गई। इसी बीच आइस हॉकी कनाडा का राष्ट्रीय खेल बना। साल 1892 में कनाडा के गवर्नर जनरल ने 'स्टेनली कप' की स्थापना की। 1890 के दशक तक यह खेल संयुक्त राज्य अमेरिका तक फैल गया। साल 1908 में अंतरराष्ट्रीय आइस हॉकी महासंघ (आईआईएचएफ) की स्थापना हुई और साल 1910 में पहली यूरोपियन चैंपियनशिप का आयोजन हुआ। आखिरकार, 1920 विंटर ओलंपिक में इस खेल को शामिल किया गया। सिक्स-ए-साइड मेंस आइस हॉकी 1924 में शैमॉनिक्स में हुए पहले शीतकालीन ओलंपिक से ही शामिल है। वहीं, महिला आइस हॉकी ने 1988 के नागानो शीतकालीन ओलंपिक में आधिकारिक रूप से डेब्यू किया। .
आइस हॉकी आमतौर पर 60 मिनट का खेल है, जिसे 20-20 मिनट के तीन हिस्सों में बांटा जाता है। इस बीच सर्वाधिक गोल करने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है। अगर मुकाबले के अंत में स्कोर बराबरी पर होता है, तो खेल ओवरटाइम में जाता है। इसमें जो टीम पहले गोल करती है, वह विजेता होती है। अगर ओवरटाइम गोलरहित रहता है, तो मुकाबले का फैसला शूटआउट से होता है। पुरुषों के खेल में अधिकतम 25 खिलाड़ी होते हैं, जिनमें 22 स्केटर और 3 गोलटेंडर होते हैं, जबकि महिलाओं के मुकाबलों में अधिकतम 23 खिलाड़ी होते हैं, जिनमें 3 गोलटेंडर होते हैं। एक समय में एक टीम से अधिकतम 6 सदस्य मुकाबले में खेल सकते हैं, जिनमें आमतौर पर 5 स्केटर और एक गोलटेंडर होता है। भारत में आइस हॉकी ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान शुरू हुई। साल 1930 में शिमला में इसे खेला गया। आजादी के बाद 1960 के दशक में लद्दाख में भारतीय सेना ने इसे स्थानीय आबादी के बीच बढ़ावा दिया। भले ही ओलंपिक या विश्व मंच पर भारत को इस खेल में खास सफलता नहीं मिली, लेकिन हिमालय के क्षेत्रों में इस खेल के प्रति रुचि बढ़ी है। बेहतर बुनियादी ढांचा और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर से भविष्य में सुधार की संभावना है।
Tagsजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi newsहम्फ्री बोगार्टHumphrey Bogart Death AnniversaryClassic Hollywood ActorCasablanca ActorThe Maltese FalconThe African Queen OscarHollywood LegendsLauren Bacall BogartHollywood Cinema HistoryIconic Film Actors
Next Story





