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बांग्लादेश के लिए हृदोय ने रचा इतिहास, टेस्ट में खेली सबसे बड़ी पारी
Rajeshwari Nishad
7 Nov 2026 3:55 PM IST

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स्पोर्ट्स : बांग्लादेश क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज तौहीद हृदोय ने टेस्ट क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में हृदोय ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 220 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। अपने करियर का महज तीसरा टेस्ट मैच खेल रहे इस युवा बल्लेबाज ने दोहरा शतक जड़कर बांग्लादेश क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। इस पारी के साथ वह टेस्ट क्रिकेट में बांग्लादेश की ओर से सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
220 रन बनाकर तोड़ा मुशफिकुर रहीम का रिकॉर्ड
तौहीद हृदोय ने नाबाद 220 रन बनाकर बांग्लादेश की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।इससे पहले यह रिकॉर्ड मुशफिकुर रहीम के नाम था। उन्होंने वर्ष 2018 में जिम्बाब्वे के खिलाफ नाबाद 219 रन की पारी खेली थी।हृदोय ने वेस्टइंडीज के गेंदबाज जोमेल वारिकन की गेंद पर चौका लगाकर रहीम के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। यह ऐतिहासिक क्षण बांग्लादेश क्रिकेट के लिए बेहद खास रहा।
मुश्किल परिस्थितियों में संभाली बांग्लादेश की पारीवेस्टइंडीज ने इस मुकाबले की पहली पारी में 356 रन बनाए थे। जवाब में बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी नहीं रही।मेजबान टीम ने महज 22 रन पर अपने दो विकेट गंवा दिए थे। ऐसे समय में तौहीद हृदोय बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे।उन्होंने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की और खराब गेंदों पर रन बनाने का प्रयास किया। दूसरे छोर पर विकेट गिरने के बावजूद उन्होंने अपना ध्यान बल्लेबाजी पर बनाए रखा।बांग्लादेश ने तीसरे दिन की शुरुआत तीन विकेट पर 88 रन से की थी। सुबह के सत्र में टीम ने चार और विकेट गंवा दिए।एक समय बांग्लादेश का स्कोर सात विकेट पर 184 रन हो गया था। इसके बावजूद हृदोय ने हार नहीं मानी और अपनी बल्लेबाजी जारी रखी।
पहला शतक ही दोहरे शतक में बदला
तौहीद हृदोय के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास रहा, क्योंकि उन्होंने अपने पहले टेस्ट शतक को ही दोहरे शतक में बदल दिया।इस मैच से पहले हृदोय के नाम टेस्ट क्रिकेट में कोई अर्धशतक भी दर्ज नहीं था। उन्होंने अपने शुरुआती चार टेस्ट पारियों में कुल 54 रन बनाए थे।लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने पूरी तरह अलग अंदाज में बल्लेबाजी की।हृदोय ने अपना पहला टेस्ट अर्धशतक 109 गेंदों में पूरा किया। इसके बाद उन्होंने बल्लेबाजी की गति बढ़ाई और 171 गेंदों में शतक तक पहुंचे।शतक पूरा करते समय उनके बल्ले से 11 चौके और एक छक्का निकल चुका था।
तैजुल इस्लाम के साथ निभाई अहम साझेदारी
बांग्लादेश की पारी में हृदोय को निचले क्रम के बल्लेबाज तैजुल इस्लाम का महत्वपूर्ण साथ मिला।जब टीम सात विकेट पर 184 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी, तब दोनों बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी संभाली।हृदोय ने जहां रन बनाने की जिम्मेदारी उठाई, वहीं तैजुल ने दूसरे छोर पर टिककर उनका साथ दिया।दोनों के बीच आठवें विकेट के लिए 117 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। तैजुल ने 22 रन का योगदान दिया।इस साझेदारी की बदौलत बांग्लादेश ने 300 रन का आंकड़ा पार किया और वेस्टइंडीज के पहली पारी के स्कोर के करीब पहुंचने में सफलता हासिल की।
वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के सामने दिखाई मजबूती
वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बांग्लादेश की बल्लेबाजी पर लगातार दबाव बनाए रखा।स्पिनर जोमेल वारिकन ने मध्यक्रम को परेशान किया। उन्होंने अनुभवी मुशफिकुर रहीम और लिटन दास को आउट करके बांग्लादेश को मुश्किल स्थिति में पहुंचाया।मुशफिकुर रहीम 34 रन बनाकर आउट हुए, जबकि लिटन दास केवल आठ रन बना सके।कप्तान मेहदी हसन मिराज भी 16 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्हें रोस्टन चेज ने आउट किया।एक के बाद एक विकेट गिरने से बांग्लादेश की पारी जल्दी समाप्त होने का खतरा पैदा हो गया था।
पहले भी खेल चुके हैं 350 रन की ऐतिहासिक पारी
तौहीद हृदोय इससे पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी अपनी बल्लेबाजी से चर्चा बटोर चुके हैं।सितंबर 2026 में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ बांग्लादेश ए की ओर से खेलते हुए नाबाद 350 रन की शानदार पारी खेली थी।यह किसी बांग्लादेशी बल्लेबाज का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बना था।इस प्रदर्शन के बाद उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट टीम में वापसी का अवसर मिला।
बांग्लादेश क्रिकेट को मिला नया सितारा
तौहीद हृदोय की इस ऐतिहासिक पारी को बांग्लादेश क्रिकेट के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।बांग्लादेश की टीम में लंबे समय तक मुशफिकुर रहीम, तमीम इकबाल और शाकिब अल हसन जैसे खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाली है।अब युवा बल्लेबाजों से भी इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।हृदोय ने अपने तीसरे टेस्ट में दोहरा शतक लगाकर दिखाया है कि उनमें लंबी पारियां खेलने की क्षमता मौजूद है।हालांकि, किसी भी खिलाड़ी की वास्तविक सफलता का आकलन लंबे समय तक लगातार अच्छे प्रदर्शन से होता है। ऐसे में आने वाले मुकाबले उनके लिए महत्वपूर्ण होंगे।
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