
नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर भावुक हो गईं। टीम इंडिया ने मेजबान इंग्लैंड को 270 रनों के बड़े अंतर से हराकर इतिहास रच दिया। इस यादगार जीत के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपनी टीम, सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस जीत की कहानी भगवान ने लिखी है और उनसे बेहतर स्क्रिप्ट कोई नहीं लिख सकता।
मैच के बाद आयोजित पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में जब हरमनप्रीत कौर से पूछा गया कि क्या वह इस मुकाबले के लिए इससे बेहतर स्क्रिप्ट की कल्पना कर सकती थीं, तो उन्होंने भावुक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "बिल्कुल नहीं। भगवान बेहतर स्क्रिप्ट लिखते हैं। उन्होंने इसे बहुत अच्छे से लिखा है।" कप्तान के इस बयान ने टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि और उससे जुड़े भावनात्मक पल को दर्शाया।
हरमनप्रीत कौर ने टीम की सलामी बल्लेबाजों स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों ओपनर्स भारतीय टीम की बड़ी ताकत हैं और जिस तरह से उन्होंने बल्लेबाजी की, उससे टीम को मजबूत शुरुआत मिली। कप्तान ने कहा कि ओपनर्स अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाती हैं और इससे मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर दबाव कम हो जाता है।
उन्होंने कहा कि इस टेस्ट मैच में स्मृति और शेफाली की बल्लेबाजी देखने लायक थी। दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत में धैर्य दिखाया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कप्तान के अनुसार, ओपनिंग जोड़ी के अच्छे प्रदर्शन ने पूरे मैच में भारत का आत्मविश्वास बढ़ाने का काम किया।
हरमनप्रीत कौर ने गेंदबाज क्रांति गौड़ की भी विशेष रूप से तारीफ की। पहली पारी में क्रांति गौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट हासिल किए थे। उनकी घातक गेंदबाजी के कारण इंग्लैंड की टीम पहली पारी में सिर्फ 170 रनों पर सिमट गई थी। इससे भारत को पहली पारी में बढ़त हासिल करने में मदद मिली और मैच पर पकड़ मजबूत हुई।
भारतीय कप्तान ने इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ को दिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता सभी की मेहनत का नतीजा है। खासतौर पर सपोर्ट स्टाफ ने खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट की परिस्थितियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अमोल सर और पूरे सपोर्ट स्टाफ की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुश्किल समय में उन्होंने टीम को एकजुट रखा।
हरमनप्रीत ने बताया कि भारतीय महिला टीम को टेस्ट क्रिकेट खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिलते हैं, लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ियों ने इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सपोर्ट स्टाफ के अनुभव और सही मार्गदर्शन ने टीम को इस मुकाम तक पहुंचाने में मदद की।
लॉर्ड्स में खेला गया यह मुकाबला कई मायनों में खास रहा। यह पहला अवसर था जब भारत और इंग्लैंड की महिला टीमें इस ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट मैच में आमने-सामने थीं। भारतीय टीम ने इस मौके को यादगार बनाते हुए 270 रनों की बड़ी जीत हासिल की।
मैच में भारत की ओर से गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहली पारी में पांच विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। वहीं दूसरी पारी में विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने शानदार शतक लगाकर टीम की जीत की नींव मजबूत की। बल्लेबाजों और गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन की बदौलत भारत ने लॉर्ड्स में ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम ने न सिर्फ इंग्लैंड को उसके घर में मात दी, बल्कि दुनिया को अपनी क्षमता का भी परिचय दिया। इस जीत के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है।





