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हार्दिक पांड्या ने बेंगलुरु में बनाया स्थायी ट्रेनिंग बेस, COE को बनाया करियर का नया केंद्र

Kavita2
1 July 2026 11:40 AM IST
हार्दिक पांड्या ने बेंगलुरु में बनाया स्थायी ट्रेनिंग बेस, COE को बनाया करियर का नया केंद्र
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Sports स्पोर्ट्स: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑल-राउंडर हार्दिक पांड्या ने अपने करियर को लेकर एक बड़ा और अनोखा फैसला लिया है। वे अब बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) को अपना स्थायी ट्रेनिंग बेस बनाने के उद्देश्य से वहां शिफ्ट हो गए हैं। इस कदम के साथ वे भारत के पहले प्रमुख क्रिकेटर बन गए हैं, जिन्होंने COE को अपने पूरे करियर के लिए स्थायी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में चुना है।

आमतौर पर भारतीय टीम के सेंट्रली कॉन्ट्रैक्टेड खिलाड़ी बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उपयोग केवल चोट से उबरने, फिटनेस टेस्टिंग या राष्ट्रीय शिविरों के दौरान करते हैं। लेकिन हार्दिक पांड्या का यह निर्णय इस परंपरा से अलग माना जा रहा है, क्योंकि वे अब इसे अपने नियमित प्रशिक्षण स्थल के रूप में इस्तेमाल करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, 32 वर्षीय हार्दिक पांड्या पिछले कुछ महीनों से लगातार बेंगलुरु स्थित COE में समय बिता रहे थे। इसी दौरान उन्होंने इसे अपना स्थायी ट्रेनिंग बेस बनाने का निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने COE के पास ही शहर के बाहरी इलाके में एक प्रॉपर्टी किराए पर ली है, ताकि वह नियमित रूप से ट्रेनिंग कर सकें।

हार्दिक पांड्या मूल रूप से गुजरात के बड़ौदा से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन पिछले लगभग एक दशक से वे ज्यादातर समय मुंबई में रहे हैं। आईपीएल में वे मुंबई इंडियंस से जुड़े रहे हैं और टीम के घनसोली स्थित ट्रेनिंग बेस पर भी अभ्यास करते रहे हैं।

हाल ही में पांड्या क्वाड्रिसेप्स की चोट से उबर रहे हैं और इसी कारण वे इंग्लैंड में चल रहे व्हाइट-बॉल टूर से भी बाहर हो गए थे। चोट के बाद उन्होंने अपने फिटनेस और रिहैब पर विशेष ध्यान दिया है, जिसके लिए वे पिछले छह महीनों में कई बार COE में ट्रेनिंग कर चुके हैं।

बीसीसीआई के एक सूत्र ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि हार्दिक अब स्थायी रूप से बेंगलुरु शिफ्ट हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार है जब कोई प्रमुख खिलाड़ी अपने पूरे करियर के लिए COE को अपना बेस बना रहा है।

इस फैसले को हार्दिक की फिटनेस और करियर प्रबंधन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उन्हें लगातार मॉनिटरिंग, आधुनिक ट्रेनिंग सुविधाएं और बेहतर रिकवरी सिस्टम का लाभ मिलेगा।

COE में अत्याधुनिक फिटनेस और स्पोर्ट्स साइंस सुविधाएं मौजूद हैं, जहां खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जाती है। ऐसे में हार्दिक का यह कदम उनके लंबे करियर और चोट प्रबंधन के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

क्रिकेट जगत में उनके इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यह पारंपरिक सिस्टम से हटकर एक नया प्रयोग माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अन्य खिलाड़ी भी भविष्य में इस मॉडल को अपनाते हैं या नहीं।

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