
Sports स्पोर्ट्स: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लंबे समय तक हेड फिजियो रहे इवान स्पीचली ने फ्रेंचाइजी से विदाई लेते हुए भावुक अंदाज में अपनी बात रखी। अपने फेयरवेल के दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वह आज भी खुद को RCB का हिस्सा महसूस करते हैं और हमेशा करते रहेंगे।
साउथ अफ्रीका के रहने वाले इवान स्पीचली वर्ष 2008 में IPL की शुरुआत के समय से ही RCB से जुड़े हुए थे। लगभग 18 साल लंबे सफर के बाद उन्होंने 2025 में टीम के साथ अपने इस लंबे और सफल कार्यकाल को अलविदा कहा। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और स्पोर्ट्स मेडिसिन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्पीचली खेल चिकित्सा (sports medicine) के क्षेत्र में अपने अनुभव और विशेषज्ञता के लिए विश्व स्तर पर जाने जाते हैं। RCB से जुड़ने से पहले वह साउथ अफ्रीका की राष्ट्रीय फुटबॉल और रग्बी टीम के साथ भी काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने खिलाड़ियों की फिटनेस और चोट प्रबंधन में अहम योगदान दिया।
RCB द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए एक वीडियो में स्पीचली ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि जब वह टीम होटल पहुंचे तो उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह अपने घर लौट आए हों। उन्होंने बताया कि विराट कोहली, बसु और वह लंबे समय से एक साथ काम कर रहे हैं और यह रिश्ता केवल पेशेवर नहीं बल्कि पारिवारिक जैसा बन गया है।
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया भर के क्रिकेटर RCB के साथ कम से कम एक सीजन बिताने की इच्छा रखते हैं, क्योंकि यहां का माहौल और टीम संस्कृति बेहद खास है। अपने संदेश में उन्होंने सभी खिलाड़ियों, स्टाफ और फ्रेंचाइजी का धन्यवाद भी किया।
स्पीचली का यह विदाई संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां फैंस उन्हें RCB परिवार का एक अहम हिस्सा बता रहे हैं। कई प्रशंसकों ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने टीम के खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रदर्शन को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
18 साल लंबे इस सफर में स्पीचली ने RCB के साथ कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन टीम के साथ उनका जुड़ाव हमेशा मजबूत बना रहा। उनके जाने को फ्रेंचाइजी के एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
RCB प्रबंधन ने भी उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्पीचली ने टीम की मेडिकल और फिटनेस व्यवस्था को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है।
इस विदाई के साथ RCB के इतिहास में एक लंबे और महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया है, लेकिन इवान स्पीचली का योगदान हमेशा टीम की यादों में बना रहेगा।





