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इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज आज आईसीसी के मैच रेफरी

Tara Tandi
29 Sep 2021 2:46 AM GMT
इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज आज आईसीसी के मैच रेफरी
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दुनिया में कई तरह के बदलाव होते हैं

जनता से रिश्ता वेबडेस्क| दुनिया में कई तरह के बदलाव होते हैं. ऐसे हैरान करने वाले बदलाव जिन्हें देखकर लगता ही नहीं कि ये संभव है. क्रिकेट में भी कुछ ऐसे ही बदलाव हुए या यूं कहें हैरान करने वाली बात हुई. एक खिलाड़ी जो अपने खेलने के दिनों में लड़ाई झगड़े करने, स्टम्प मारने के कारण चर्चा में रहा वही आज आईसीसी का मैच रैफरी बना बैठा है और इसी तरह के आक्रामक व्यवहार को लेकर दूसरे खिलाड़ियों को सजा दे रहा है. इस शख्स का नाम है क्रिस ब्रॉड (Chris Braod). इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के पिता. आज क्रिस ब्रॉड की बात इसलिए क्योंकि उनका जन्मदिन है. क्रिस का जन्म 29 सितंबर 1957 को सोमरसेट में हुआ था. इंग्लैंड के लिए यादगार पारियां खेलने वाला ये क्रिकेटर आज रैफरी है. क्रिस बाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के गेंदबाज थे. उन्होंने इंग्लैंड के लिए अपना पहला टेस्ट 28 जून से तीन जुलाई 1984 के बीच वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला. वहीं पहला वनडे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक जनवरी 1987 को खेला.

1986-87 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई एशेज सीरीज में तो इस बल्लेबाज ने गजब कर दिया था. उन्होंने लगातार तीन मैचों में तीन शतक जमाए थे. इसी के साथ उन्होंन जैक हॉब्स और वाली हेंमड के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी. इंग्लैंड के लिए उन्होंने 25 टेस्ट मैच खेले और 44 पारियों में 1661 रन बनाए. उनका औसत 39.54 रहा. इंग्लैंड के लिए उन्होंने छह शतक और इतने ही अर्धशतक जमाए. वहीं इंग्लैंड के लिए उन्होंने 34 वनडे मैच खेले. जिसमें एक शतक और 11 अर्धशतक की मदद से 1361 रन बनाए. वनडे में उनका औसत 40.02 रहा.

विवादों से रहा नाता

क्रिस आज बेशक मैदान पर खिलाड़ियों को उनके बुरे व्यवहार के लिए सजा देते हों लेकिन अपने खेलने के दिनों में उनका भी व्यवहार कोई कम खराब नहीं रहा. वह विवादों में रहे. उन्होंने लाहौर में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में अंपायर के आउट दिए जाने के बाद मैदान से बाहर जाने से मना कर दिया था. इसके दो महीने बाद उन्होंने फिर कुछ ऐसा किया कि जिससे वह विवादों में आए गए और उनके व्यवहार की जमकर आलोचना की गई. सिडनी टेस्ट में उन्होंने स्टम्प ही तोड़ दिया था. अपने इसी आक्रामक व्यवहार के कारण वह निशाने पर रहे. इसके अलावा वह अपनी खराब फिल्डिंग के लिए भी टीम की आंखों में खटकते थे. क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने कॉमेंट्री में भी हाथ आजमाए और बीबीस टीवी की कॉमेंट्री टीम का भी हिस्सा बने. उन्होंने 1989 में लॉर्डस में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था. वहीं इसी मैदान पर 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी वनडे मैच खेला था.

बेटे ने किया कमाल

क्रिस जो काम अधूरा छोड़ गए थे उस काम को उनके बेटे स्टुअर्ट ब्रॉड ने पूरा किया. वह इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर हैं. उनसे आगे सिर्फ जेम्स एंडरसन हैं. पिता की तरह स्टुअर्ट भी अपने आक्रामक तेवरों के लिए जाने जाते हैं. मैदान पर कई बार उनको भी बल्लेबाज पर बिगड़ते हुए देखा गया है.


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