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प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला

Saba Naaz
24 July 2026 9:12 PM IST
प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला
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ग्लास्गो। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय पैरा पावरलिफ्टर अशोक मलिक पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गए। पुरुषों की लाइटवेट वर्ग की स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद वह चौथे स्थान पर रहे। अशोक ने कुल 143.8 अंक हासिल किए, लेकिन यह स्कोर उन्हें पदक दिलाने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ। भारतीय दल को इस स्पर्धा में उनसे पदक की उम्मीद थी, लेकिन कड़े मुकाबले के बीच वह शीर्ष तीन में जगह बनाने में सफल नहीं हो सके।

शुक्रवार को आयोजित पुरुषों की लाइटवेट वर्ग की प्रतियोगिता में भारत की ओर से अशोक मलिक और परमजीत कुमार ने फाइनल में चुनौती पेश की। दोनों खिलाड़ियों ने पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन किया, लेकिन मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के कारण पदक तक पहुंचना आसान नहीं रहा। अशोक ने लगातार बेहतर प्रयास किए और अंत तक मुकाबले में बने रहे, लेकिन अंततः उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा।

इस स्पर्धा में इंग्लैंड के मार्क स्वान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 153.9 अंक हासिल किए और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने पूरे मुकाबले में बेहतरीन तकनीक और दमदार प्रदर्शन का परिचय दिया। नाइजीरिया के रोलैंड जुरुके ने भी 153.9 अंक अर्जित किए, लेकिन तकनीकी आधार पर उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं मलेशिया के अनुभवी खिलाड़ी बोनी गस्टिन ने 153.5 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

भारतीय खिलाड़ी अशोक मलिक का स्कोर पदक विजेताओं के मुकाबले अधिक पीछे नहीं था, लेकिन कड़े मुकाबले में मामूली अंतर भी निर्णायक साबित हुआ। चौथे स्थान पर रहने के बावजूद उनके प्रदर्शन की सराहना की जा रही है। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया और भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए दमदार चुनौती पेश की।

दूसरे भारतीय खिलाड़ी परमजीत कुमार का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। वह 135.6 अंक ही जुटा सके और प्रतियोगिता में सातवें स्थान पर रहे। हालांकि उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया, लेकिन मजबूत प्रतिस्पर्धा के बीच वह बेहतर रैंक हासिल नहीं कर सके।

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में कई देशों के खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इंग्लैंड, नाइजीरिया और मलेशिया के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पदक अपने नाम किए, जबकि भारतीय खिलाड़ियों ने भी चुनौतीपूर्ण मुकाबले में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

अशोक मलिक के चौथे स्थान पर रहने से भारत पदक जीतने से भले ही चूक गया हो, लेकिन उनका प्रदर्शन भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वह इसी तरह अपनी तैयारी जारी रखते हैं, तो आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की प्रबल संभावना है।

अब भारतीय पैरा पावरलिफ्टिंग दल की नजर आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर रहेगी, जहां खिलाड़ी अपने प्रदर्शन में और सुधार कर देश के लिए पदक जीतने का प्रयास करेंगे।

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