
Sports स्पोर्ट्स: 2026 में होने वाले FIFA World Cup 2026 को लेकर एक नई रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। क्लाइमेट विश्लेषण संगठन वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन (WWA) के ताज़ा अध्ययन के अनुसार टूर्नामेंट के लगभग एक-चौथाई मैचों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकता है।
रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि 19 जुलाई को न्यू जर्सी में प्रस्तावित फाइनल मुकाबला भी अत्यधिक गर्मी की स्थिति में खेला जा सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस स्तर की गर्मी में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है।
WWA के विशेषज्ञों ने बुधवार को आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के 16 होस्ट शहरों के अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने सुझाव दिया कि स्टेडियमों में कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्याप्त हाइड्रेशन स्टेशन और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाए, ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों को गर्मी से बचाया जा सके।
रिपोर्ट में यह विश्लेषण एक सांख्यिकीय मॉडल के आधार पर तैयार किया गया है, जिसमें ऐतिहासिक मौसम डेटा और टूर्नामेंट के 104 मैचों के समय-सारणी को शामिल किया गया है। इस मॉडल का उद्देश्य यह अनुमान लगाना था कि किन परिस्थितियों में मैचों के दौरान खतरनाक गर्मी की संभावना सबसे अधिक होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मियों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर बड़े खेल आयोजनों पर पड़ सकता है। ऐसे में खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस और सुरक्षा दोनों को लेकर गंभीर चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
FIFA World Cup 2026 का यह संस्करण पहले ही सबसे बड़ा वर्ल्ड कप माना जा रहा है, जिसमें पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेंगी और 104 मैच खेले जाएंगे। लेकिन अब मौसम संबंधी जोखिम इसे और अधिक चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि यदि समय रहते उचित तैयारी नहीं की गई तो गर्मी के कारण मैचों के शेड्यूल में बदलाव या अतिरिक्त ब्रेक जैसी स्थिति भी बन सकती है। इसके साथ ही खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है।
कुल मिलाकर, रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाला वर्ल्ड कप केवल खेल का नहीं बल्कि जलवायु चुनौतियों से जूझने का भी एक बड़ा मंच साबित हो सकता है।





