
Sports स्पोर्ट्स: वर्ल्ड कप 2026 में मंगलवार को खेले गए ग्रुप I के मुकाबले में नॉर्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इराक को 4-1 से हराकर अपने अभियान की दमदार शुरुआत की। इस मैच में नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर Erling Haaland ने दो गोल दागकर टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई और अपने पहले ही वर्ल्ड कप मैच में गहरी छाप छोड़ी।
नॉर्वे 28 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रहा है और टीम पर शुरुआत से ही काफी दबाव था, लेकिन खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरकर मैच को अपने पक्ष में कर लिया। खासकर हालैंड के प्रदर्शन ने दर्शकों और फुटबॉल विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
मैच की शुरुआत में दोनों टीमों ने सावधानी के साथ खेल दिखाया, लेकिन धीरे-धीरे नॉर्वे ने आक्रामक रुख अपनाना शुरू किया। 25 वर्षीय हालैंड, जो पहले से ही दुनिया के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में गिने जाते हैं, मैच से पहले ही चर्चा का केंद्र बने हुए थे। उनकी फॉर्म को देखते हुए उम्मीद की जा रही थी कि वे इस बड़े मंच पर भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
29वें मिनट में नॉर्वे को सफलता मिली, जब हालैंड ने अपना पहला वर्ल्ड कप गोल दागा। उन्होंने अपने डिफेंडर को चकमा देते हुए डेविड मोलर वोल्फ के लो क्रॉस को फार पोस्ट के पास से शानदार फिनिश किया। इस गोल ने न केवल नॉर्वे को बढ़त दिलाई, बल्कि मैच का रुख भी बदल दिया।
इसके बाद नॉर्वे ने खेल पर पूरी पकड़ बना ली और लगातार इराक की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाए रखा। पहले हाफ के बाद दूसरे हाफ में भी नॉर्वे का आक्रमण जारी रहा और टीम ने एक के बाद एक गोल करते हुए अपनी बढ़त मजबूत की।
हालैंड ने एक और गोल करते हुए अपनी टीम की बढ़त को और सुरक्षित किया और अपने पहले ही वर्ल्ड कप मैच में दो गोल के साथ शानदार शुरुआत दर्ज की। उनकी यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि वे इस टूर्नामेंट में गोल्डन बूट की दौड़ में अहम दावेदार हो सकते हैं।
नॉर्वे की यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि टीम लंबे समय बाद वर्ल्ड कप में लौटी है और शुरुआत में ही इस तरह का प्रदर्शन टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है।
दूसरी ओर, इराक की टीम के लिए यह मुकाबला कठिन साबित हुआ। टीम 40 साल बाद वर्ल्ड कप में लौटी है और उसने मार्च में इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में बोलीविया को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट में जगह बनाई थी। हालांकि इस मैच में वे नॉर्वे की मजबूत आक्रामक रणनीति का सामना नहीं कर सके।
कुल मिलाकर यह मुकाबला नॉर्वे के लिए यादगार साबित हुआ, जहां एर्लिंग हालैंड ने अपने पहले ही वर्ल्ड कप मैच में दो गोल कर टीम को शानदार जीत दिलाई और दुनिया को एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।





