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क्रिकेट से आगे बढ़कर भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध मजबूत करने पर जोर

Kavita2
1 Aug 2026 4:47 PM IST
क्रिकेट से आगे बढ़कर भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध मजबूत करने पर जोर
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बेंगलुरु: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट मैदान पर होने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा पूरी दुनिया में मशहूर है, लेकिन दोनों देशों के रिश्ते अब खेल के इस एक क्षेत्र से आगे बढ़कर नए आयाम हासिल कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के सिटिजनशिप, कस्टम्स, मल्टीकल्चरल अफेयर्स और इंटरनेशनल एजुकेशन के असिस्टेंट मिनिस्टर जूलियन हिल ने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ते क्रिकेट मुकाबलों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना भी जरूरी है।

जूलियन हिल ने बेंगलुरु में नए ऑस्ट्रेलियाई कॉन्सुलेट-जनरल के उद्घाटन के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेल सहयोग को मजबूत करने वाली एक नई पहल की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि खेल दोनों देशों के लोगों को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और क्रिकेट से आगे बढ़कर अन्य खेलों में साझेदारी दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगी।

‘इंडिया एंड ऑस्ट्रेलिया एक्वैटिक कोचिंग एक्सीलेंस’ प्रोजेक्ट की शुरुआत

इस अवसर पर ‘इंडिया एंड ऑस्ट्रेलिया एक्वैटिक कोचिंग एक्सीलेंस’ प्रोजेक्ट की घोषणा की गई। यह पहल भारत में तैराकी के क्षेत्र में कोचिंग क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

इस प्रोजेक्ट को स्विमिंग ऑस्ट्रेलिया, स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की साझेदारी और स्विमिंग विक्टोरिया तथा बेंगलुरु स्थित स्विमिंग मैटर्स के सहयोग से शुरू किया गया है।

इसका मुख्य उद्देश्य भारत में विश्वस्तरीय तैराकी कोच तैयार करना और खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करना है।

छह युवा कोचों का पहला बैच चुना गया

प्रोजेक्ट के तहत पहले बैच में छह युवा तैराकी कोचों का चयन किया गया है। ये कोच इस साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया जाकर विशेष प्रशिक्षण हासिल करेंगे।

ऑस्ट्रेलिया में उन्हें आधुनिक कोचिंग तकनीकों, प्रशिक्षण पद्धतियों, खिलाड़ियों के विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।

उम्मीद है कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये कोच भारत लौटकर देश में तैराकी के स्तर को सुधारने और नए खिलाड़ियों को तैयार करने में योगदान देंगे।

खेलों के जरिए मजबूत होंगे संबंध

जूलियन हिल ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, संस्कृति और खेल सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि क्रिकेट दोनों देशों के बीच एक मजबूत जुड़ाव का माध्यम रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि खेलों के अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाया जाए।

उन्होंने तैराकी जैसे खेलों में साझेदारी को दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंध मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

भारत में तैराकी के विकास पर जोर

भारत में तैराकी को बढ़ावा देने के लिए लंबे समय से बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और विशेषज्ञ कोचों की जरूरत महसूस की जाती रही है।

इस प्रोजेक्ट के माध्यम से भारतीय कोचों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और तकनीकी ज्ञान मिलेगा, जिससे देश में तैराकी खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कोचिंग व्यवस्था किसी भी खेल के विकास की नींव होती है। अच्छे कोच तैयार होने से युवा खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही सही प्रशिक्षण मिल सकता है।

ऑस्ट्रेलिया की खेल विशेषज्ञता का लाभ

ऑस्ट्रेलिया को तैराकी के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में गिना जाता है। वहां की प्रशिक्षण प्रणाली, खेल विज्ञान और खिलाड़ी विकास मॉडल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल माना जाता है।

भारत-ऑस्ट्रेलिया एक्वैटिक कोचिंग एक्सीलेंस प्रोजेक्ट के जरिए भारत को ऑस्ट्रेलिया के अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।

इस सहयोग से भारतीय तैराकी समुदाय को नई तकनीकों और बेहतर प्रशिक्षण तरीकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

नए कॉन्सुलेट-जनरल के उद्घाटन का महत्व

बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलियाई कॉन्सुलेट-जनरल का उद्घाटन भी दोनों देशों के बढ़ते संबंधों को दर्शाता है। कर्नाटक विशेष रूप से तकनीक, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में भारत-ऑस्ट्रेलिया सहयोग का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

इस मौके पर घोषित खेल परियोजना को दोनों देशों के बीच व्यापक साझेदारी का हिस्सा माना जा रहा है।

क्रिकेट की प्रतिद्वंद्विता से आगे बढ़ती दोस्ती

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट मुकाबले अक्सर रोमांच और प्रतिस्पर्धा से भरे होते हैं। दोनों देशों के खिलाड़ी और प्रशंसक इस प्रतिद्वंद्विता को खेल भावना के साथ देखते हैं।

हालांकि, जूलियन हिल का कहना है कि दोनों देशों के रिश्ते केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं हैं। शिक्षा, संस्कृति, खेल और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को और व्यापक बनाया जा सकता है।

एक्वैटिक कोचिंग एक्सीलेंस प्रोजेक्ट इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है, जो भविष्य में दोनों देशों के बीच खेल साझेदारी को नई मजबूती दे सकता है।

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