खेल

टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में बदलाव की चर्चा तेज

Kavita2
15 July 2026 1:56 PM IST
टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में बदलाव की चर्चा तेज
x

नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के कोचिंग स्टाफ को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को अपना पद छोड़ने की इच्छा से अवगत कराया है। हालांकि बोर्ड की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही उनके इस्तीफे को स्वीकार किए जाने या अस्वीकार किए जाने को लेकर कोई औपचारिक बयान सामने आया है।

रिपोर्टों में दावा किया गया है कि डच मूल के पूर्व क्रिकेटर रयान टेन डोएशेट अपने कार्यकाल को लेकर संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने कुछ अधूरे वादों के कारण पद छोड़ने की इच्छा जताई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस खबर के सामने आने के बाद भारतीय क्रिकेट के गलियारों में कोचिंग स्टाफ के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि जब गौतम गंभीर को भारतीय टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था, उसी दौरान रयान टेन डोएशेट को असिस्टेंट कोच के रूप में टीम से जोड़ा गया था। रिपोर्टों के अनुसार उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि वे टीम के फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। लेकिन बाद में यह जिम्मेदारी उन्हें नहीं मिली।

फिलहाल भारतीय टीम के फील्डिंग कोच टी. दिलीप ही बने हुए हैं। टी. दिलीप को पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के कार्यकाल के दौरान नियुक्त किया गया था और गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भी उन्हें उनके पद पर बरकरार रखा गया। ऐसे में यह माना जा रहा है कि फील्डिंग कोच की अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं मिलने से टेन डोएशेट असंतुष्ट हो सकते हैं।

हालांकि बीसीसीआई की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि यदि टेन डोएशेट ने वास्तव में पद छोड़ने की इच्छा जताई है, तो उन्हें अनुबंध समाप्त होने से पहले कार्यमुक्त किया जाएगा या नहीं। फिलहाल इस विषय पर अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।

रयान टेन डोएशेट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने अनुभव और बहुमुखी क्षमता के लिए जाने जाते हैं। नीदरलैंड्स की ओर से लंबे समय तक खेलने के बाद उन्होंने कोचिंग क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई। भारतीय टीम के साथ जुड़ने के बाद उन्होंने बल्लेबाजों और खिलाड़ियों के समग्र कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खिलाड़ियों के साथ उनके संवाद और आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों की भी सराहना होती रही है।

दूसरी ओर, गौतम गंभीर के नेतृत्व में भारतीय टीम का कोचिंग ढांचा अभी भी संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद टीम में कई नए चेहरे शामिल हुए हैं और प्रशिक्षण पद्धति में भी कुछ बदलाव देखने को मिले हैं। ऐसे समय में यदि कोचिंग स्टाफ में किसी बड़े बदलाव की पुष्टि होती है, तो उसका असर टीम की तैयारियों पर भी पड़ सकता है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सफल टीम के लिए कोचिंग स्टाफ के भीतर स्पष्ट जिम्मेदारियां और बेहतर तालमेल बेहद जरूरी होता है। यदि किसी सदस्य को उसकी भूमिका को लेकर असंतोष होता है, तो उसका प्रभाव टीम के माहौल पर भी पड़ सकता है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

भारतीय टीम इस समय व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से गुजर रही है और आने वाले महीनों में उसे कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय श्रृंखलाओं और बड़े टूर्नामेंटों की तैयारियां करनी हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन और बीसीसीआई की कोशिश होगी कि कोचिंग स्टाफ से जुड़े सभी मुद्दों का जल्द समाधान निकाला जाए ताकि खिलाड़ियों का पूरा ध्यान मैदान पर प्रदर्शन पर केंद्रित रह सके।

फिलहाल रयान टेन डोएशेट के संभावित इस्तीफे को लेकर केवल मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई हैं। बीसीसीआई या स्वयं टेन डोएशेट की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए अंतिम स्थिति बोर्ड के निर्णय और आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। तब तक भारतीय क्रिकेट में कोचिंग स्टाफ को लेकर चल रही अटकलें चर्चा का विषय बनी रहेंगी।

Next Story