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देहरादून वॉरियर्स बनी महिला UPL 2026 की चैंपियन मसूरी क्वींस को हराया
Ratna Netam
25 Sept 2026 7:19 PM IST

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देहरादून। देहरादून वॉरियर्स ने महिला उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में देहरादून वॉरियर्स ने मसूरी क्वींस को 15 रन से हराया। कम स्कोर वाले खिताबी मुकाबले में देहरादून की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 115 रन बनाए और इसके बाद शानदार गेंदबाजी के दम पर मसूरी क्वींस को 20 ओवर में 7 विकेट पर 100 रन के स्कोर पर रोक दिया।116 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मसूरी क्वींस के पास मुकाबला जीतने के कई मौके आए, लेकिन देहरादून वॉरियर्स के गेंदबाजों ने दबाव के क्षणों में बेहतर प्रदर्शन किया। आखिरी ओवरों में गरिमा वशिष्ठ और दीपिका चंद ने मुकाबले को रोमांचक जरूर बनाया, लेकिन वे अपनी टीम को लक्ष्य तक नहीं पहुंचा सकीं।
फाइनल में नीलम भारद्वाज को उनके प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। पूरे महिला UPL 2026 में उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का पुरस्कार भी दिया गया। इस तरह नीलम के लिए खिताबी मुकाबला व्यक्तिगत रूप से भी यादगार रहा।फाइनल में देहरादून वॉरियर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने 115 रन के स्कोर का बचाव करना था। T20 क्रिकेट में यह स्कोर बहुत बड़ा नहीं माना जाता, लेकिन टीम के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही अनुशासित लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए मसूरी के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी मसूरी क्वींस को तेज शुरुआत की जरूरत थी, लेकिन देहरादून के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर उनकी रन गति को नियंत्रित किया। मध्य ओवरों तक पहुंचते-पहुंचते आवश्यक रन रेट बढ़ने लगा और मसूरी की बल्लेबाजी पर दबाव साफ दिखाई देने लगा।इसके बावजूद मुकाबला पूरी तरह देहरादून के पक्ष में नहीं गया था। अंतिम ओवरों में गरिमा वशिष्ठ और दीपिका चंद ने पारी संभाली और तेजी से रन जुटाकर मसूरी क्वींस की उम्मीदों को जिंदा रखा। दोनों बल्लेबाजों ने गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की और मुकाबला एक समय बेहद रोमांचक स्थिति में पहुंच गया।
जब मसूरी क्वींस को जीत के लिए अंतिम 15 गेंदों में 30 रन की जरूरत थी, तब मैच किसी भी तरफ जा सकता था। क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज तेजी से रन जुटाने की कोशिश कर रही थीं और देहरादून को अपने छोटे स्कोर का बचाव करने के लिए विकेट की सख्त जरूरत थी।इसी दौरान मुकाबले का निर्णायक मोड़ आया। 18वें ओवर में गरिमा वशिष्ठ आउट हो गईं। उनके विकेट के बाद मसूरी क्वींस के सामने समीकरण और कठिन हो गया। टीम को अब 13 गेंदों में 29 रन बनाने थे। गरिमा का विकेट गिरते ही देहरादून वॉरियर्स ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
आखिरी दो ओवरों में मसूरी के बल्लेबाज जरूरी तेजी से रन नहीं बना सके। देहरादून के गेंदबाजों ने दबाव में संयम बनाए रखा और बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने के लिए पर्याप्त मौके नहीं दिए। अंततः मसूरी क्वींस 20 ओवर में 7 विकेट खोकर केवल 100 रन बना सकी और देहरादून वॉरियर्स ने 15 रन से मुकाबला जीतकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।देहरादून की जीत में अमीषा बहुखंडी की गेंदबाजी की अहम भूमिका रही। वह टीम की सबसे सफल गेंदबाज रहीं और उन्होंने तीन महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। कम स्कोर वाले मुकाबले में उनकी गेंदबाजी ने मसूरी क्वींस की बल्लेबाजी को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
अमीषा ने ऐसे समय विकेट निकाले जब मसूरी को साझेदारियों की जरूरत थी। उनके तीन विकेटों ने न केवल विपक्षी टीम की रन गति पर असर डाला, बल्कि देहरादून को लगातार मैच में बनाए रखा। बाकी गेंदबाजों ने भी उनका अच्छा साथ दिया और पूरे 20 ओवर तक बल्लेबाजों पर दबाव कायम रखा।इससे पहले देहरादून वॉरियर्स की बल्लेबाजी भी आसान नहीं रही। मसूरी क्वींस के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए, जिसके चलते देहरादून की टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट गंवाकर 115 रन बनाए। उस समय मुकाबला मसूरी के लिए अनुकूल नजर आ रहा था, क्योंकि उसे खिताब जीतने के लिए 116 रन की जरूरत थी।
लेकिन फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में देहरादून की टीम ने साबित किया कि छोटे लक्ष्य का भी बचाव किया जा सकता है। टीम ने फील्डिंग और गेंदबाजी में अनुशासन दिखाते हुए मसूरी के बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा। जैसे-जैसे मुकाबला अंतिम ओवरों की ओर बढ़ा, देहरादून की गेंदबाजी और प्रभावी होती गई।नीलम भारद्वाज के लिए महिला UPL 2026 विशेष रूप से यादगार रहा। फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के साथ उन्हें पूरे टूर्नामेंट में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ भी चुना गया। दो बड़े व्यक्तिगत पुरस्कारों के साथ टीम की खिताबी जीत ने उनके अभियान को और खास बना दिया।
महिला उत्तराखंड प्रीमियर लीग ने राज्य की महिला क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच उपलब्ध कराया। फाइनल में भी स्थानीय खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन से अपनी क्षमता दिखाई। खिताबी मुकाबले में कम स्कोर के बावजूद अंत तक रोमांच बना रहा।मसूरी क्वींस के लिए हार निराशाजनक रही, क्योंकि टीम अंतिम ओवरों तक मुकाबले में बनी हुई थी। गरिमा वशिष्ठ और दीपिका चंद की कोशिशों ने जीत की उम्मीद जगाई थी, लेकिन अंतिम क्षणों में देहरादून के गेंदबाजों ने वापसी का रास्ता बंद कर दिया।
आखिरकार 115 रन का बचाव करते हुए देहरादून वॉरियर्स ने महिला UPL 2026 की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। अमीषा बहुखंडी की तीन विकेट वाली गेंदबाजी और नीलम भारद्वाज के शानदार प्रदर्शन ने टीम की खिताबी जीत में अहम योगदान दिया। मसूरी क्वींस को 100/7 पर रोककर देहरादून वॉरियर्स ने 15 रन की जीत के साथ टूर्नामेंट का शानदार अंत किया।
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