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चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया, लवलीना ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास

nidhi
2 Oct 2026 11:32 AM IST
चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया, लवलीना ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास
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एशियन गेम्स में रचा इतिहास
निशियो: भारत की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने 29वें जन्मदिन को यादगार बनाते हुए एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीत लिया। महिलाओं के 75 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में लवलीना ने चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स में मुक्केबाजी का स्वर्ण पदक जीतने वाली केवल दूसरी भारतीय महिला बन गई हैं। इससे पहले एमसी मैरी कॉम ने 2014 एशियन गेम्स में यह उपलब्धि हासिल की थी।
फाइनल मुकाबले में लवलीना शुरुआत से ही आत्मविश्वास के साथ उतरीं। पहले राउंड में मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने 3-2 से बढ़त बनाई। दूसरे राउंड में चीन की बाओ जियी ने आक्रामक खेल दिखाया, मगर लवलीना ने शानदार डिफेंस और सटीक पंचों के दम पर राउंड 4-1 से अपने नाम कर लिया। तीसरे राउंड में भी उन्होंने यही लय बरकरार रखी और आखिरकार सभी पांच जजों ने फैसला उनके पक्ष में दिया।
यह पदक लवलीना के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। हांगझोऊ में वह फाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन चीन की ली कियान से हार गई थीं। इस बार उन्होंने अपना पदक अपग्रेड करते हुए गोल्ड जीत लिया।
लवलीना का फाइनल तक का सफर भी आसान नहीं था। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया की सियोंग सुयोन को 5-0 से हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में उनका सामना कजाखस्तान की मौजूदा विश्व चैंपियन नताल्या बोगदानोवा से हुआ। बेहद करीबी मुकाबले में लवलीना ने 3-2 की स्प्लिट डिसीजन जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाई थी।
फाइनल में पहुंचते ही लवलीना एक खास उपलब्धि अपने नाम कर चुकी थीं। वह लगातार दो एशियन गेम्स के बॉक्सिंग फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं। स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने इस उपलब्धि को और खास बना दिया।
लवलीना की जीत ने भारतीय महिला मुक्केबाजी का 12 साल लंबा इंतजार भी खत्म किया। इससे पहले 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में मैरी कॉम ने महिलाओं के फ्लाईवेट वर्ग में गोल्ड जीता था। इसके बाद कोई भारतीय महिला मुक्केबाज एशियन गेम्स में स्वर्ण नहीं जीत सकी थी। अब लवलीना ने इस सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
लवलीना पहले ही ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था और विश्व चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन किया है। एशियन गेम्स का गोल्ड उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ी उपलब्धि बन गया है।
सबसे खास बात यह रही कि यह जीत 2 अक्टूबर को उनके जन्मदिन पर आई। फाइनल से पहले ही असम में उनके परिवार और समर्थकों की निगाहें मुकाबले पर टिकी थीं। गोल्ड जीतने के बाद उनका जन्मदिन ‘गोल्डन बर्थडे’ में बदल गया।
लवलीना की जीत के साथ भारत के एशियन गेम्स 2026 अभियान को भी बड़ी मजबूती मिली। भारतीय मुक्केबाज इस बार छह पदक सुनिश्चित कर चुके हैं और अन्य भार वर्गों में भी स्वर्ण पदक की उम्मीद बनी हुई है।
एशियन गेम्स 2026 में लवलीना बोरगोहेन का यह स्वर्ण पदक भारतीय महिला मुक्केबाजी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। पिछले संस्करण के सिल्वर को गोल्ड में बदलते हुए उन्होंने साबित किया कि बड़े मंच पर दबाव के बीच भी वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकती हैं।
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