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भुवनेश्वर कुमार की वापसी पर छिड़ी बहस, इरफान पठान ने सेलेक्टर्स को घेरा
Rajeshwari Nishad
2 Nov 2026 2:56 PM IST

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स्पोर्ट्स : भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज समाप्त हो चुकी है, लेकिन अब टीम इंडिया के चयन को लेकर बहस शुरू हो गई है। खासकर अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने भुवनेश्वर को टी20 टीम में वापस लाने के चयनकर्ताओं के फैसले को बड़ी गलती बताया है। उनका मानना है कि जब टी20 वर्ल्ड कप अभी दूर है, तब अनुभवी गेंदबाज को मौका देने के बजाय युवा तेज गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आजमाना चाहिए था। भुवनेश्वर का प्रदर्शन भी इस सीरीज में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने चार मुकाबलों में केवल एक विकेट हासिल किया और कुल 180 रन खर्च कर दिए।
इरफान पठान ने चयनकर्ताओं पर उठाए सवाल
इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर जारी वीडियो में भारतीय टीम के चयन पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं से सबसे बड़ी गलती भुवनेश्वर कुमार को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में खिलाना रही।पठान के मुताबिक, भुवनेश्वर एक बेहतरीन गेंदबाज और अनुभवी खिलाड़ी हैं। उनकी क्षमता पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन उन्हें इस समय टी20 टीम में वापस लाने का फैसला समझ से परे था।
उन्होंने कहा कि अगला टी20 वर्ल्ड कप अभी काफी दूर है। ऐसे में इस सीरीज का इस्तेमाल युवा तेज गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने के लिए किया जा सकता था। अगर चयनकर्ता भुवनेश्वर को 2027 के वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए टीम में वापस लाते, तो उनके फैसले को समझा जा सकता था।
चार साल बाद हुई थी भुवनेश्वर की वापसी
भुवनेश्वर कुमार ने न्यूजीलैंड के खिलाफ इस सीरीज के जरिए करीब चार साल बाद भारतीय टी20 इंटरनेशनल टीम में वापसी की थी। उन्होंने आखिरी टी20 इंटरनेशनल मुकाबला नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ही खेला था।
36 वर्षीय भुवनेश्वर को टीम में शामिल किए जाने के पीछे उनकी अनुभव और गेंद को स्विंग कराने की क्षमता को महत्वपूर्ण माना जा रहा था। उनसे उम्मीद थी कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में वह अपनी स्विंग गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान करेंगे।
हालांकि, मैदान पर उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने पांच मैचों की सीरीज में से चार मुकाबले खेले। इस दौरान 16 ओवर की गेंदबाजी में 180 रन दिए और केवल एक विकेट हासिल कर सके। उनका इकॉनमी रेट 11.25 रहा।
उनके इस प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं के फैसले पर चर्चा तेज हो गई है।
युवा गेंदबाजों को मौका देने की वकालत
इरफान पठान ने अपनी बात रखते हुए मयंक यादव और प्रिंस यादव जैसे युवा तेज गेंदबाजों का भी जिक्र किया। उनका मानना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज युवा खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों में परखने का अच्छा अवसर थी।
पठान ने कहा कि मयंक यादव को सभी मुकाबले खेलने का मौका दिया जा सकता था। वहीं प्रिंस यादव को भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव हासिल करने का अवसर मिल सकता था।
उनके अनुसार, ऐसे युवा गेंदबाजों को विदेशी पिचों पर खिलाने से टीम इंडिया को भविष्य के लिए बेहतर विकल्प तैयार करने में मदद मिलती। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने से खिलाड़ियों को दबाव में गेंदबाजी करने और मजबूत बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ अपनी क्षमता साबित करने का अनुभव मिलता है।
पठान का तर्क है कि भुवनेश्वर जैसे अनुभवी खिलाड़ी की जगह इस सीरीज में युवा गेंदबाजों को आजमाना अधिक उपयोगी हो सकता था।
टी20 वर्ल्ड कप से पहले नहीं, वनडे वर्ल्ड कप के लिए हो सकती थी वापसी
इरफान पठान ने भुवनेश्वर के चयन के समय को लेकर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि अगर भारतीय टीम मैनेजमेंट उन्हें 2027 वनडे वर्ल्ड कप की संभावित योजना में शामिल करने के उद्देश्य से वापस लाता, तो यह फैसला ज्यादा समझदारी भरा होता।
भुवनेश्वर नई गेंद से स्विंग कराने और डेथ ओवरों में सटीक गेंदबाजी करने के लिए जाने जाते हैं। वनडे क्रिकेट में उनका अनुभव टीम के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि, किसी भी फॉर्मेट में उनकी भूमिका तय करने से पहले मौजूदा प्रदर्शन और फिटनेस को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
पठान ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी आलोचना भुवनेश्वर की गेंदबाजी क्षमता को लेकर नहीं है। उनका सवाल इस बात पर है कि टीम प्रबंधन ने इस विशेष सीरीज में उन्हें वापस लाने का फैसला क्यों किया।
टीम इंडिया ने 3-2 से जीती सीरीज
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मुकाबलों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम ने शुरुआती तीन मैच जीतकर बढ़त बना ली थी। हालांकि, न्यूजीलैंड ने अंतिम दो मुकाबले जीतकर सीरीज का अंतर 3-2 कर दिया।
भुवनेश्वर के लिए यह सीरीज व्यक्तिगत रूप से खास नहीं रही। शुरुआती मुकाबलों में उन्हें काफी रन पड़े और विकेट हासिल करने में भी परेशानी हुई। चौथे टी20 मुकाबले में उनकी जगह मयंक यादव को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था।
इस तरह भारतीय टीम को सीरीज में युवा गेंदबाजों को परखने का अवसर भी मिला।
चयनकर्ताओं के फैसले के पीछे क्या थी वजह?
भुवनेश्वर कुमार की वापसी को लेकर भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पहले ही अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि अनुभवी खिलाड़ियों का महत्व होता है और जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी जैसी परिस्थितियों में टीम को अनुभव की जरूरत पड़ सकती है।
कोटक के मुताबिक, पिछले दो आईपीएल सीजन में भुवनेश्वर के प्रदर्शन ने भी उनके चयन में भूमिका निभाई होगी। टीम प्रबंधन युवा गेंदबाजों के साथ अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन बनाए रखना चाहता था।
यानी चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ का नजरिया अनुभव को महत्व देने का था, जबकि इरफान पठान का मानना है कि इस सीरीज में भविष्य के गेंदबाजों को तैयार करने पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए था।
अब आगे क्या होगा?
भुवनेश्वर कुमार का न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रदर्शन भले ही निराशाजनक रहा हो, लेकिन इससे उनके पूरे क्रिकेट करियर या गेंदबाजी क्षमता का आकलन करना सही नहीं होगा। उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए कई यादगार प्रदर्शन किए हैं।
अब टीम मैनेजमेंट के सामने चुनौती यह होगी कि आगामी टूर्नामेंट और द्विपक्षीय सीरीज के लिए अनुभवी तथा युवा गेंदबाजों के बीच सही संतुलन कैसे बनाया जाए।
फिलहाल इरफान पठान के बयान ने भुवनेश्वर की वापसी और भारतीय टीम की चयन नीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि चयनकर्ता आगे किस तेज गेंदबाज को मौका देते हैं और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के कितने अवसर मिलते हैं।
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