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पैरा एशियन गेम्स में बेटियों ने बढ़ाया देश का मान

Rajeshwari Nishad
30 Oct 2026 1:16 PM IST
पैरा एशियन गेम्स में बेटियों ने बढ़ाया देश का मान
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स्पोर्ट्स। जापान में हाल ही में संपन्न एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की बेटियों ने अपने अदम्य साहस, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से इतिहास रच दिया है। शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़कर भारतीय महिला पैरा खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन किया। तीरंदाजी, निशानेबाजी, एथलेटिक्स और बैडमिंटन जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने न केवल स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए, बल्कि नए रिकॉर्ड भी स्थापित किए। जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर तक आयोजित पांचवें एशियन पैरा गेम्स में भारत ने कुल 114 पदकों के साथ अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ियों ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक हासिल किए। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में महिला खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
शीतल देवी ने एक ही दिन में जीते दो गोल्ड मेडल
भारतीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक हासिल किए। उन्होंने महिला व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा और कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते।
मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शीतल ने तोमन कुमार के साथ मिलकर इंडोनेशिया की जोड़ी को 151-148 से हराया। वहीं, महिला व्यक्तिगत कंपाउंड फाइनल में उन्होंने सिंगापुर की नूर स्याहिदाह अलीम को 142-138 से शिकस्त दी।
दोनों मुकाबलों में शीतल ने शानदार एकाग्रता और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। जन्म से दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद पैरों की सहायता से तीरंदाजी करने वाली शीतल देवी पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं।उनके प्रदर्शन ने साबित किया कि मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार अभ्यास से कठिन चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है।
मोना अग्रवाल ने बनाया विश्व रिकॉर्ड
भारत की पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने भी जापान में ऐतिहासिक सफलता हासिल की। उन्होंने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन SH1 स्पर्धा में 357.5 का स्कोर बनाकर स्वर्ण पदक जीता।इस प्रदर्शन के साथ मोना ने नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। इससे पहले इस स्पर्धा में 356 का विश्व रिकॉर्ड स्वीडन की एना बेन्सन के नाम था।
मोना ने प्रतियोगिता में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक हासिल किया। इस तरह वह दो स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहीं।उनकी सफलता भारतीय पैरा निशानेबाजी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
सिमरन और दीप्ति जीवनजी ने बढ़ाया देश का गौरव
भारतीय पैरा एथलीट सिमरन ने महिलाओं की 200 मीटर T12 स्पर्धा में शानदार दौड़ लगाते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 24.80 सेकंड का समय लेकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया।इसी स्पर्धा में भारत की तेजलबेन दामोर ने कांस्य पदक हासिल किया। एक ही स्पर्धा में दो भारतीय खिलाड़ियों का पदक जीतना देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि रही।वहीं, दीप्ति जीवनजी ने महिलाओं की 400 मीटर T20 स्पर्धा में 56.36 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने भी नया गेम्स रिकॉर्ड अपने नाम कियाइन दोनों खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स में भारतीय महिला खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया।
बैडमिंटन में तुलसीमति और मानसी की जोड़ी ने जीता गोल्ड
पैरा बैडमिंटन में भी भारतीय महिला खिलाड़ियों ने शानदार सफलता हासिल की। तुलसीमति मुरुगेसन और मानसी जोशी की जोड़ी ने महिलाओं की डबल्स SL3-SU5 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन की यांग किउशिया और शियाओ जूशियान को 21-16, 21-13 से हराया।खास बात यह है कि भारतीय जोड़ी ने पिछले एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक हासिल किया था। इस बार दोनों खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।इसके अलावा तुलसीमति मुरुगेसन ने महिला एकल SU5 स्पर्धा में रजत पदक जीता, जबकि नित्या श्री सिवन ने महिला एकल SH6 स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया।
तीरंदाजी में भावना और पूजा ने भी रचा इतिहास
भारतीय महिला तीरंदाज भावना और पूजा की जोड़ी ने महिलाओं की रिकर्व डबल्स स्पर्धा में रजत पदक हासिल कर नया इतिहास बनाया।यह एशियन पैरा गेम्स में इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक रहा। दोनों खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय महिला तीरंदाजी की क्षमता को मजबूत पहचान दिलाई।इसके अलावा पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी संजना कुमारी ने भी अपने पहले एशियन पैरा गेम्स में महिला एकल SL3 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।
भारत ने तोड़ा अपना पिछला रिकॉर्ड
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने कुल 114 पदकों के साथ नया इतिहास रचा। इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 में आयोजित हांगझोउ एशियन पैरा गेम्स में दर्ज किया गया था।जापान में भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स में सबसे अधिक 65 पदक हासिल किए। इनमें 22 स्वर्ण, 19 रजत और 24 कांस्य पदक शामिल रहे।इसके अलावा बैडमिंटन में 16, तैराकी में 11, टेबल टेनिस में सात, तीरंदाजी में छह और निशानेबाजी में पांच पदक हासिल हुए।इस उपलब्धि ने भारतीय पैरा खेलों की बढ़ती क्षमता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति को सामने रखा।
देश की बेटियां बनीं नई पीढ़ी की प्रेरणा
जापान में भारतीय महिला खिलाड़ियों की सफलता केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है। इन खिलाड़ियों ने सामाजिक बाधाओं, शारीरिक चुनौतियों और सीमित संसाधनों के बीच अपने खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।शीतल देवी, मोना अग्रवाल, सिमरन, दीप्ति जीवनजी और अन्य पदक विजेता खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं।इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह संदेश दिया है कि प्रतिभा और अवसर मिलने पर दिव्यांग खिलाड़ी भी विश्व स्तर पर असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की बेटियों की सफलता भारतीय खेल इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गई है। इन उपलब्धियों से देश में पैरा खेलों को और अधिक प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
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