
Sports स्पोर्ट्स : अमेरिका में इन दिनों फुटबॉल का जुनून अपने चरम पर है, लेकिन इसी बीच क्रिकेट भी धीरे-धीरे अपनी मजबूत जगह बना रहा है। दुनिया के सबसे बड़े खेल बाजारों में शामिल अमेरिका में क्रिकेट की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। साल 2026 में होने वाले फुटबॉल विश्व कप के कारण जहां देश में फुटबॉल को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं क्रिकेट भी अपनी नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अमेरिका की पहली पेशेवर टी20 क्रिकेट प्रतियोगिता मेजर लीग क्रिकेट (MLC) का चौथा सीजन इन दिनों कैलिफोर्निया और टेक्सास में खेला जा रहा है। इस टूर्नामेंट ने अमेरिका में क्रिकेट के प्रति लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंच रहे हैं और दुनिया के कई बड़े क्रिकेट खिलाड़ी इस लीग का हिस्सा बन रहे हैं।
अमेरिका में क्रिकेट के भविष्य को लेकर खिलाड़ियों और विशेषज्ञों को काफी उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि साल 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी इस खेल के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकती है। ओलंपिक जैसे वैश्विक मंच पर क्रिकेट की मौजूदगी से अमेरिका में इस खेल को नई पहचान मिलने की संभावना है।
एमएलसी टीम सिएटल ऑर्कास के लिए खेलने वाले मुंबई में जन्मे क्रिकेटर हरमीत सिंह ने भी अमेरिका में क्रिकेट के विकास को लेकर अपनी राय रखी है। हरमीत का मानना है कि ओलंपिक में क्रिकेट का शामिल होना अमेरिका में इस खेल के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है।
हरमीत सिंह ने कहा कि अगर क्रिकेट ओलंपिक में शामिल होता है तो अमेरिका के स्थानीय लोगों का ध्यान भी इस खेल की ओर आकर्षित होगा। इससे नए लोग क्रिकेट को समझेंगे, इसे अपनाएंगे और खेल को देश में नई पहचान मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ओलंपिक के जरिए क्रिकेट को अमेरिका में बड़े स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।
अमेरिका में क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। यहां रहने वाले दक्षिण एशियाई समुदाय ने इस खेल को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और अन्य क्रिकेट खेलने वाले देशों से जुड़े लोग अमेरिका में क्रिकेट की संस्कृति को मजबूत कर रहे हैं।
मेजर लीग क्रिकेट के आने से अमेरिका में क्रिकेट को पेशेवर स्तर पर बढ़ावा मिला है। लीग में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की भागीदारी ने इसे वैश्विक पहचान दिलाई है। इसके अलावा नए स्टेडियमों का निर्माण, युवा खिलाड़ियों के लिए अवसर और क्रिकेट अकादमियों की बढ़ती संख्या भी इस खेल के भविष्य को मजबूत कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका जैसे बड़े बाजार में क्रिकेट के लिए अपार संभावनाएं हैं। अगर ओलंपिक में क्रिकेट सफलतापूर्वक आयोजित होता है और एमएलसी जैसी प्रतियोगिताएं लगातार आगे बढ़ती हैं, तो आने वाले वर्षों में अमेरिका क्रिकेट के बड़े केंद्रों में शामिल हो सकता है।
हरमीत सिंह का बयान इसी उम्मीद को दर्शाता है कि क्रिकेट अब सिर्फ पारंपरिक क्रिकेट देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका जैसे देशों में भी अपनी पहचान बनाएगा। ओलंपिक और पेशेवर लीग के जरिए क्रिकेट को नई ऊंचाइयां मिलने की संभावना बढ़ गई है।





