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कॉमनवेल्थ गेम्स: ट्रैक पर उतरेगा भारत, तेजस शिर्से संभालेंगे मोर्चा

Kavita2
27 July 2026 2:49 PM IST
कॉमनवेल्थ गेम्स: ट्रैक पर उतरेगा भारत, तेजस शिर्से संभालेंगे मोर्चा
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स्पोर्ट्स : ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पांचवां दिन बेहद अहम रहने वाला है। एथलेटिक्स में भारतीय दल का अभियान शुरू हो रहा है और देश की उम्मीदें कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों पर टिकी हैं। एथलेटिक्स के अलावा वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स समेत कई अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी पदक के लिए अपनी चुनौती पेश करेंगे।

एथलेटिक्स में भारत के अभियान की शुरुआत खास महत्व रखती है, क्योंकि इस खेल में देश के कई युवा और अनुभवी खिलाड़ी मैदान में उतरने जा रहे हैं। भारतीय फैंस की नजरें खास तौर पर पुरुषों की 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा पर होंगी, जहां नेशनल रिकॉर्ड होल्डर तेजस शिर्से अपनी चुनौती पेश करेंगे।

तेजस शिर्से ने पिछले कुछ समय में अपने प्रदर्शन से खास पहचान बनाई है। बाधा दौड़ में उनकी गति, तकनीक और लगातार बेहतर होते प्रदर्शन ने उन्हें भारत के प्रमुख एथलीटों में शामिल कर दिया है। कॉमनवेल्थ जैसे बड़े मंच पर उनका लक्ष्य न केवल शानदार प्रदर्शन करना होगा, बल्कि पदक की दौड़ में खुद को मजबूत स्थिति में पहुंचाना भी होगा।

वहीं, पुरुषों की 100 मीटर हीट्स में गुरिंदरवीर सिंह भारतीय चुनौती को आगे बढ़ाएंगे। स्प्रिंट स्पर्धाओं में भारत को लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता का इंतजार रहा है। ऐसे में गुरिंदरवीर से उम्मीद होगी कि वह अपनी तेज रफ्तार और आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में प्रभाव छोड़ें।

पुरुषों की हाई जंप क्वालिफिकेशन में सर्वेश कुशारे और आदर्श राम जे भारत की ओर से मैदान में उतरेंगे। दोनों खिलाड़ियों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित की है। हाई जंप जैसी तकनीकी स्पर्धा में छोटी-छोटी गलतियां भी परिणाम पर असर डाल सकती हैं, इसलिए दोनों एथलीटों के लिए क्वालिफिकेशन राउंड बेहद महत्वपूर्ण होगा।

लॉन्ग जंप में भारत की नजरें अनुभवी खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और लोकेश सत्यनाथन पर रहेंगी। मुरली श्रीशंकर ग्रुप ए में जबकि लोकेश सत्यनाथन ग्रुप बी में प्रतिस्पर्धा करेंगे। श्रीशंकर भारतीय लॉन्ग जंप के सबसे चर्चित नामों में से एक हैं और उनसे बड़े मंच पर मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

एथलेटिक्स के अलावा भारतीय दल के लिए अन्य खेलों में भी पदक की संभावनाएं बनी हुई हैं। वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं और इस बार भी उनसे मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। बॉक्सिंग में भी भारत के कई मुक्केबाज पदक की दावेदारी पेश करेंगे।

आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में भारतीय खिलाड़ी अपनी तकनीकी क्षमता और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। जिम्नास्टिक्स में उच्च स्तर की एकाग्रता और संतुलन की जरूरत होती है, ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबले चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ अवसरों से भरे होंगे।

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय दल का लक्ष्य अधिक से अधिक पदक जीतना है। इसके लिए खिलाड़ियों ने लंबे समय तक कड़ी मेहनत और तैयारी की है। एथलेटिक्स जैसे खेलों में प्रदर्शन केवल पदक तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को प्रेरित करने का भी माध्यम बनता है।

भारतीय एथलेटिक्स पिछले कुछ वर्षों में लगातार विकास कर रहा है। कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। अब कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंच पर इन खिलाड़ियों के पास अपनी प्रतिभा साबित करने का सुनहरा मौका है।

तेजस शिर्से, गुरिंदरवीर सिंह, सर्वेश कुशारे, आदर्श राम जे, मुरली श्रीशंकर और लोकेश सत्यनाथन जैसे खिलाड़ियों से भारतीय प्रशंसकों को काफी उम्मीदें हैं। उनके प्रदर्शन पर न केवल पदक की उम्मीदें टिकी हैं, बल्कि आने वाले वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य की तस्वीर भी जुड़ी हुई है।

पांचवें दिन की शुरुआत के साथ भारत का एथलेटिक्स अभियान एक नई उम्मीद के साथ शुरू होगा। अब नजरें इस बात पर होंगी कि भारतीय खिलाड़ी ग्लासगो के ट्रैक और मैदान पर किस तरह का प्रदर्शन करते हैं और कितने पदक देश के नाम करने में सफल होते हैं।

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