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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: प्रीति पंवार ने रचा कमाल, 54 किग्रा बॉक्सिंग फाइनल में बनाई जगह

Kavita2
31 July 2026 4:41 PM IST
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: प्रीति पंवार ने रचा कमाल, 54 किग्रा बॉक्सिंग फाइनल में बनाई जगह
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ग्लासगो: भारतीय बॉक्सर प्रीति पंवार ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 54 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल मुकाबले में प्रीति ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 के एकतरफा फैसले से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया।

इस शानदार जीत के साथ भारत की गोल्ड मेडल की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने के बाद प्रीति का कम से कम सिल्वर मेडल पक्का हो गया है। अब उनकी नजरें फाइनल मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक हासिल करने पर होंगी।

मुकाबले में शुरू से रहा प्रीति का दबदबा

22 वर्षीय प्रीति पंवार ने सेमीफाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। उन्होंने पूरे मुकाबले के दौरान बेहतरीन तकनीक, आत्मविश्वास और रणनीति का प्रदर्शन किया।

प्रीति ने अपने तेज फुटवर्क, सटीक पंच कॉम्बिनेशन और मजबूत डिफेंस के जरिए कैथरीन म्वापे को लगातार दबाव में रखा। भारतीय मुक्केबाज ने तीनों राउंड में अपनी पकड़ बनाए रखी और विपक्षी खिलाड़ी को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं दिया।

जजों के फैसले में भी प्रीति का वर्चस्व साफ दिखाई दिया। सभी पांचों अधिकारियों ने मुकाबला उनके पक्ष में दिया, जिसके बाद उन्हें सर्वसम्मति से 5-0 की जीत मिली।

तकनीक और अनुशासन बना जीत का आधार

प्रीति की जीत में उनकी तकनीकी क्षमता और अनुशासित खेल शैली की अहम भूमिका रही। उन्होंने मुकाबले के दौरान आक्रामकता और सावधानी के बीच बेहतरीन संतुलन बनाए रखा।

उन्होंने जहां जरूरत पड़ी वहां तेज हमले किए, वहीं विपक्षी खिलाड़ी के पंच से बचने के लिए मजबूत डिफेंस का इस्तेमाल किया। उनके नियंत्रित प्रदर्शन ने यह साबित किया कि वह बड़े मंच पर दबाव संभालने में सक्षम हैं।

बॉक्सिंग विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीति की सबसे बड़ी ताकत उनकी रिंग में स्थिति को समझने की क्षमता और सही समय पर हमला करने की रणनीति है।

भारत की गोल्ड मेडल उम्मीदें बढ़ीं

प्रीति पंवार के फाइनल में पहुंचने के बाद भारतीय दल की उम्मीदें बढ़ गई हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर बॉक्सिंग में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है और प्रीति ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया है।

अब फाइनल में उनकी नजर अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए स्वर्ण पदक जीतने पर होगी। हालांकि, फाइनल मुकाबला चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन सेमीफाइनल में जिस आत्मविश्वास के साथ उन्होंने प्रदर्शन किया है, उससे उनकी पदक जीतने की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।

कम उम्र में बड़ी उपलब्धि

22 साल की उम्र में प्रीति पंवार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। उन्होंने मेहनत, लगन और लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर भारतीय बॉक्सिंग में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।

कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े आयोजन में फाइनल तक पहुंचना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। प्रीति की यह सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

फाइनल मुकाबले पर टिकी निगाहें

सेमीफाइनल जीतने के बाद अब सभी की नजरें प्रीति पंवार के फाइनल मुकाबले पर हैं। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि वह अपनी शानदार लय को बरकरार रखते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल करेंगी।

फाइनल में प्रीति को अपने अनुभव, तकनीक और आत्मविश्वास का पूरा इस्तेमाल करना होगा। जिस तरह उन्होंने सेमीफाइनल में एकतरफा जीत दर्ज की है, उससे साफ है कि वह खिताबी मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

भारतीय बॉक्सिंग के लिए सकारात्मक संकेत

प्रीति पंवार का प्रदर्शन भारतीय बॉक्सिंग के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय मुक्केबाजों की बढ़ती सफलता से खेल के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ रही है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में प्रीति की यह शानदार यात्रा अब फाइनल तक पहुंच चुकी है। भारत को उम्मीद है कि वह अपने दमदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए पोडियम के शीर्ष स्थान तक पहुंचेंगी।

फिलहाल, प्रीति पंवार की नजरें सिर्फ एक लक्ष्य पर हैं—फाइनल जीतकर गोल्ड मेडल हासिल करना और देश का नाम रोशन करना।

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