
Sports स्पोर्ट्स: IPL लीग चेयरमैन अरुण धूमल ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि इस संस्करण का IPL फाइनल बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में कराना “मुमकिन नहीं” था। यह बयान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा 2026 IPL फाइनल को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शिफ्ट किए जाने के एक दिन बाद आया है।
सामान्य परिस्थितियों में फाइनल बेंगलुरु में होना चाहिए था, क्योंकि मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) उसी शहर से है। हालांकि, कई व्यावहारिक समस्याओं के कारण यह संभव नहीं हो सका।
उन्होंने बताया कि कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के साथ बातचीत के दौरान यह सामने आया कि पिछले साल हुई भगदड़ जैसी घटना के बाद सुरक्षा और लॉजिस्टिक स्तर पर कई चुनौतियां बनी हुई हैं। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से विधायकों को मुफ्त टिकट देने की अनिवार्यता और KSCA के सदस्यों के लिए पहले से की गई प्रतिबद्धताएं भी अतिरिक्त दबाव का कारण बनीं।
धूमल ने कहा कि चिन्नास्वामी स्टेडियम की क्षमता भी अपेक्षाकृत कम है, जिसके कारण बड़े मुकाबलों के लिए पर्याप्त टिकट उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि IPL फाइनल एक वैश्विक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में दर्शक शामिल होते हैं, ऐसे में टिकटों की उपलब्धता बेहद अहम होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि उस समय ICC बोर्ड की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें कई अंतरराष्ट्रीय सदस्य शामिल होंगे, जिससे आयोजन स्थल पर अतिरिक्त भीड़ और प्रबंधन संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती थीं।
BCCI ने इसी को ध्यान में रखते हुए IPL 2026 के फाइनल को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आयोजित करने का फैसला लिया है, जहां दर्शकों की अधिक क्षमता और बेहतर प्रबंधन सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इसके साथ ही प्लेऑफ मुकाबलों का कार्यक्रम भी तय किया गया है। धर्मशाला में क्वालिफायर 1 आयोजित होगा, जबकि न्यू चंडीगढ़ में एलिमिनेटर और क्वालिफायर 2 खेले जाएंगे।
कुल मिलाकर, आयोजन स्थल में बदलाव को लेकर सुरक्षा, टिकटिंग क्षमता और लॉजिस्टिक चुनौतियों को मुख्य कारण बताया गया है, जिससे यह निर्णय लिया गया।





