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IPL टीम चयन में मालिकों के हस्तक्षेप का दावा, लियाम लिविंगस्टन के बयान से मचा विवाद

Kavita2
5 Jun 2026 12:14 PM IST
IPL टीम चयन में मालिकों के हस्तक्षेप का दावा, लियाम लिविंगस्टन के बयान से मचा विवाद
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Sports स्पोर्ट्स: IPL में टीम मालिकों की भूमिका को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाड़ी और इंग्लैंड के स्पिन-ऑलराउंडर लियाम लिविंगस्टन ने दावा किया है कि IPL में टीम चयन प्रक्रिया पर मालिकों का प्रभाव पड़ता है। यह मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है, लेकिन अब उनके बयान ने इसे फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

लिविंगस्टन ने IPL 2026 सीज़न के अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि टीम में चयन पूरी तरह प्रदर्शन पर आधारित नहीं होता, बल्कि कुछ मामलों में खिलाड़ियों की पसंद और मालिकों की प्राथमिकताएं भी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें सीज़न में केवल दो मैच खेलने का मौका मिला, जिनमें उन्होंने 1 और 14 रन बनाए। इसके बावजूद टीम में अन्य खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी गई।

उन्होंने यह भी कहा कि IPL में खिलाड़ियों को तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है—कुछ खिलाड़ी निश्चित रूप से प्लेइंग XI में रहते हैं, कुछ ऐसे होते हैं जो टीम में आ भी सकते हैं और नहीं भी, जबकि कुछ खिलाड़ियों को लगातार मौके मिलने की संभावना कम होती है। उनके अनुसार, वे खुद तीसरी श्रेणी में महसूस करते थे।

लिविंगस्टन ने SRH के एक निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि टीम ने ऑक्शन में सलिल अरोड़ा को खरीदा, जिन्हें मुंबई इंडियंस भी लेना चाहती थी। लेकिन SRH ने उन्हें इसलिए चुना क्योंकि टीम के पास पर्याप्त पर्स था और कथित तौर पर मालिक उन्हें पसंद करते थे। इसी कारण उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलना लगभग तय माना जा रहा था।

उन्होंने आगे कहा कि जब कप्तान पैट कमिंस उपलब्ध नहीं थे, तब भी टीम ने केवल तीन विदेशी खिलाड़ियों के साथ ही खेलने का फैसला किया। इस पर उन्होंने डेनियल विटोरी से सवाल किया कि आखिर टीम चार विदेशी खिलाड़ियों का पूरा उपयोग क्यों नहीं कर रही है।

लिविंगस्टन के अनुसार, यह स्थिति खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और अवसरों पर असर डालती है, क्योंकि प्रदर्शन के बावजूद चयन में स्थिरता नहीं रहती। उन्होंने कहा कि IPL में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी है, लेकिन सही मौके न मिलने से खिलाड़ी अपनी क्षमता पूरी तरह नहीं दिखा पाते।

हालांकि, उनके इन दावों ने क्रिकेट जगत में नई बहस को जन्म दे दिया है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में रणनीतिक और व्यावसायिक फैसले भी टीम चयन को प्रभावित कर सकते हैं, जबकि अन्य का कहना है कि अंतिम निर्णय हमेशा कोचिंग स्टाफ और टीम मैनेजमेंट का होता है।

IPL दुनिया की सबसे बड़ी T20 लीग मानी जाती है, जहां करोड़ों रुपये का निवेश होता है और टीमों पर भारी दबाव रहता है। ऐसे में टीम चयन को लेकर पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखना हमेशा चर्चा का विषय रहा है।

लिविंगस्टन के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है और अब यह देखना होगा कि फ्रेंचाइज़ी और संबंधित अधिकारी इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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