
नई दिल्ली : FIH हॉकी महिला नेशंस कप में शानदार प्रदर्शन और खिताबी सफलता के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ है। टीम की कप्तान सलीमा टेटे का मानना है कि खिलाड़ियों के बीच बढ़ी एकता, अनुशासन और सकारात्मक सोच आने वाले FIH हॉकी महिला वर्ल्ड कप में भारत को मजबूत प्रदर्शन करने में मदद कर सकती है।
अगले महीने होने वाले महिला हॉकी वर्ल्ड कप को लेकर भारतीय टीम पूरी तरह तैयारियों में जुटी हुई है। कप्तान सलीमा ने कहा कि टीम इस बड़े टूर्नामेंट के लिए कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती और उसका लक्ष्य यादगार प्रदर्शन करना है।
नेशंस कप की जीत से बढ़ा आत्मविश्वास
FIH हॉकी महिला नेशंस कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था। इस सफलता ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है।
सलीमा टेटे का कहना है कि टूर्नामेंट में मिली जीत ने टीम को यह भरोसा दिया है कि वह दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।
उन्होंने कहा कि टीम में अब पहले से ज्यादा विश्वास और तालमेल नजर आ रहा है। खिलाड़ियों ने एक-दूसरे की ताकत को समझते हुए बेहतर तरीके से खेलना सीखा है।
वर्ल्ड कप के लिए पूरी तैयारी
टूर्नामेंट से पहले अपनी तैयारियों को लेकर सलीमा ने कहा कि टीम का अभ्यास अच्छा चल रहा है और सभी खिलाड़ी काफी उत्साहित हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप एक बेहद खास टूर्नामेंट है और हर खिलाड़ी को इसमें खेलने का मौका नहीं मिलता। इसलिए टीम इस अवसर को पूरी मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ लेना चाहती है।
सलीमा ने कहा कि टीम का लक्ष्य केवल हिस्सा लेना नहीं, बल्कि ऐसा प्रदर्शन करना है जिसे लंबे समय तक याद रखा जाए।
सिमडेगा से भारतीय टीम की कप्तानी तक का सफर
24 वर्षीय सलीमा टेटे झारखंड के सिमडेगा जिले से आती हैं। छोटे से शहर से निकलकर भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तानी तक पहुंचना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।
सलीमा ने अपने खेल कौशल और नेतृत्व क्षमता से राष्ट्रीय टीम में अहम स्थान बनाया है। उनकी कप्तानी में टीम में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास देखने को मिला है।
टीम में बढ़ी एकजुटता
भारतीय कप्तान का मानना है कि किसी भी बड़े टूर्नामेंट में सफलता के लिए केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन काफी नहीं होता, बल्कि पूरी टीम का एकजुट होकर खेलना जरूरी होता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के खिलाड़ियों के बीच अच्छा तालमेल है और सभी एक-दूसरे का समर्थन कर रही हैं।
सलीमा के अनुसार, टीम का अनुशासित रवैया और हर मैच में सुधार करने की कोशिश उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
बड़ी चुनौतियों के लिए तैयार भारतीय टीम
महिला हॉकी वर्ल्ड कप में दुनिया की शीर्ष टीमें हिस्सा लेंगी। ऐसे में भारतीय टीम के सामने कड़ी चुनौती होगी।
हालांकि, नेशंस कप में मिली सफलता और हाल के प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय टीम आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगी।
टीम प्रबंधन का फोकस फिटनेस, रणनीति और मैच परिस्थितियों के अनुसार बेहतर निर्णय लेने पर है।
यादगार प्रदर्शन का लक्ष्य
सलीमा टेटे ने कहा कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर खेलने का मौका विशेष होता है। टीम इस बार कुछ अलग हासिल करने के इरादे से उतरेगी।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ी इस टूर्नामेंट के महत्व को समझती हैं और देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।
भारतीय हॉकी के लिए अहम समय
भारतीय महिला हॉकी पिछले कुछ वर्षों में लगातार आगे बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम के प्रदर्शन में सुधार आया है और खिलाड़ियों ने कई बड़े मंचों पर अपनी क्षमता साबित की है।
नेशंस कप की जीत इस सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। अब टीम की नजरें वर्ल्ड कप में मजबूत प्रदर्शन करने पर हैं।





