
Sports स्पोर्ट्स: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के बचे हुए मैचों में खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और मैच अधिकारियों के लिए एक अहम सुरक्षा निर्देश जारी किया है। इस निर्देश के तहत अब “रिस्ट्रिक्टेड एरिया” में स्मार्ट सनग्लासेस के इस्तेमाल या उन्हें पहनकर प्रवेश करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
Board of Control for Cricket in India की Anti-Corruption and Security Unit (ACSU) ने शुक्रवार को यह निर्णय जारी किया। बोर्ड ने कहा कि हाल के समय में स्मार्ट आईवियर डिवाइस के उपयोग और प्रचार में तेजी देखी गई है, जिनमें लाइव स्ट्रीमिंग, मैसेजिंग और वीडियो कम्युनिकेशन जैसी तकनीकी सुविधाएं मौजूद होती हैं। इसी कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
BCCI द्वारा IPL फ्रेंचाइज़ियों को भेजे गए एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि ये हाई-टेक स्मार्ट सनग्लासेस अब प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की श्रेणी में आते हैं। बोर्ड का मानना है कि ऐसे डिवाइस मैच के दौरान गोपनीयता और सुरक्षा मानकों को प्रभावित कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह प्रतिबंध खास तौर पर टूर्नामेंट के अंतिम दो मैचों को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है, ताकि किसी भी तरह की अनधिकृत रिकॉर्डिंग या संचार की संभावना को रोका जा सके। बोर्ड ने सभी टीमों को निर्देश दिया है कि खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ और मैच ऑफिशियल्स किसी भी स्थिति में इन उपकरणों को स्टेडियम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में न लाएं।
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि आधुनिक तकनीक से लैस ये स्मार्ट ग्लासेस कैमरा और कम्युनिकेशन फीचर्स के कारण सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसलिए इन्हें मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की तरह नियंत्रित श्रेणी में रखा गया है।
IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त माना जाता है और ACSU लगातार इस पर नजर रखती है कि किसी भी प्रकार की फिक्सिंग, अवैध संचार या गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग न हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ खेलों में सुरक्षा चुनौतियां भी बढ़ रही हैं, जिसके चलते ऐसे कदम जरूरी हो जाते हैं। स्मार्ट डिवाइस जहां सुविधा प्रदान करते हैं, वहीं उनके गलत उपयोग की संभावनाएं भी रहती हैं।
फिलहाल सभी फ्रेंचाइज़ियों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है और उम्मीद है कि अंतिम चरण के मुकाबलों में यह नियम सख्ती से लागू किया जाएगा।





