
Sports स्पोर्ट्स: वर्ल्ड कप के ग्रुप J मुकाबले में शनिवार को ऑस्ट्रिया और अल्जीरिया के बीच खेला गया मैच बेहद रोमांचक रहा और अंत में 3-3 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इस नतीजे ने दोनों टीमों को नॉकआउट राउंड में जगह दिला दी, जबकि ईरान की आगे बढ़ने की उम्मीदें खत्म हो गईं।
मैच में आखिरी क्षणों तक लगातार ड्रामा देखने को मिला। स्टॉपेज टाइम में दोनों टीमों ने गोल दागकर मुकाबले को पूरी तरह बदल दिया। अल्जीरिया के कप्तान रियाद महरेज़ ने एक महत्वपूर्ण गोल दागकर जोरदार जश्न मनाया, जिसे वह निर्णायक गोल मान रहे थे। इस गोल के बाद अल्जीरियाई खेमे में उत्साह का माहौल बन गया था।
हालांकि, ऑस्ट्रिया ने हार नहीं मानी और आखिरी मिनटों में शानदार वापसी की। मैच के 96वें मिनट में सासा कलाजदज़िक ने हेडर के जरिए गोल दागकर स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। खास बात यह रही कि उन्हें कुछ ही सेकंड पहले सब्स्टीट्यूट के रूप में मैदान में उतारा गया था, और उन्होंने तुरंत प्रभाव डालते हुए टीम को हार से बचा लिया।
इस गोल के बाद स्टेडियम में माहौल पूरी तरह बदल गया और दोनों टीमों के खिलाड़ी और समर्थक भावनात्मक स्थिति में नजर आए। मैच खत्म होने के बाद कैनसस सिटी स्टेडियम के लाउडस्पीकर पर जर्नी का प्रसिद्ध गाना "डोंट स्टॉप बिलीविन'" बजाया गया, जिसने माहौल को और भी खास बना दिया।
इस ड्रॉ के साथ ग्रुप J की स्थिति स्पष्ट हो गई। अर्जेंटीना ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहा, जबकि ऑस्ट्रिया दूसरे स्थान पर रहते हुए नॉकआउट में पहुंच गया। ऑस्ट्रिया का मुकाबला अब स्पेन से होगा, जो एक बेहद चुनौतीपूर्ण मैच माना जा रहा है।
अल्जीरिया ने भी इस परिणाम के दम पर सर्वश्रेष्ठ तीसरी टीम के रूप में नॉकआउट स्टेज में प्रवेश किया। अब उसका सामना स्विट्जरलैंड से होगा। दोनों टीमों के तीन-तीन अंक होने के कारण यह मुकाबला बेहद करीबी स्थिति में पहुंच गया था, लेकिन अंतिम ड्रॉ उनके लिए निर्णायक साबित हुआ।
ईरान के लिए यह परिणाम निराशाजनक रहा, क्योंकि इस ड्रॉ के बाद उनकी नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदें समाप्त हो गईं। वे तीसरी सर्वश्रेष्ठ टीम के रेस से बाहर हो गए।
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। मिडफील्ड में कड़ी टक्कर देखने को मिली और दोनों ओर से कई मौके बने। ऑस्ट्रिया ने मैच में संयमित खेल दिखाते हुए वापसी की कोशिशें जारी रखीं, जबकि अल्जीरिया ने तेज आक्रमण के जरिए बढ़त बनाने का प्रयास किया।
कप्तान रियाद महरेज़ ने अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई, लेकिन अंतिम क्षणों में डिफेंस की एक चूक ने उनकी जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
ऑस्ट्रिया की टीम ने भी आखिरी समय तक हार नहीं मानी और उनकी यह जुझारू मानसिकता उन्हें नॉकआउट में पहुंचाने में अहम साबित हुई।
इस मैच को टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक माना जा रहा है, जिसमें आखिरी मिनट तक परिणाम अनिश्चित बना रहा। दोनों टीमों ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया कि वे नॉकआउट चरण में किसी भी बड़ी टीम को चुनौती देने में सक्षम हैं।
अब दोनों टीमों की नजरें राउंड ऑफ 32 मुकाबलों पर होंगी, जहां चुनौती और भी कठिन होगी।





