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एशियन गेम्स 2026: मलेशिया को 5-1 से हराकर भारत ने जीता हॉकी गोल्ड

Kavita2
3 Oct 2026 5:36 PM IST
एशियन गेम्स 2026: मलेशिया को 5-1 से हराकर भारत ने जीता हॉकी गोल्ड
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एशियन गेम्स 2026 : भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने मलेशिया को 5-1 से करारी शिकस्त देकर न सिर्फ अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया, बल्कि लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए सीधा क्वालिफिकेशन भी हासिल कर लिया। भारतीय पुरुष हॉकी के इतिहास में यह पहली बार है जब टीम ने लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता है।

कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। फाइनल में भी टीम ने उसी आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए मलेशिया पर शुरुआत से दबाव बनाया। भारत की आक्रामक रणनीति और मजबूत डिफेंस के सामने मलेशियाई टीम ज्यादा मौके नहीं बना सकी।

हरमनप्रीत सिंह ने फाइनल में भारत के लिए शुरुआती गोल करते हुए टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार आक्रमण जारी रखा और मलेशिया को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया। जुगराज सिंह सहित भारतीय खिलाड़ियों ने गोल कर स्कोर को मजबूत किया और अंत में मुकाबला 5-1 से भारत के नाम रहा।

लगातार दूसरी बार गोल्ड

भारतीय पुरुष हॉकी टीम इस टूर्नामेंट में मौजूदा चैंपियन के रूप में उतरी थी। पिछले एशियाई खेलों में भारत ने फाइनल में जापान को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इस बार टीम के सामने खिताब बचाने की चुनौती थी।

मलेशिया के खिलाफ फाइनल जीतते ही भारत ने पहली बार लगातार दो एशियाई खेलों में पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीतने का इतिहास रच दिया। यह एशियाई खेलों के पुरुष हॉकी में भारत का कुल पांचवां स्वर्ण पदक भी है।

इस उपलब्धि ने भारतीय हॉकी के शानदार अभियान को और यादगार बना दिया।

LA 2028 का टिकट भी मिला

स्वर्ण पदक के साथ भारत के लिए एक और बड़ी खुशखबरी आई। एशियाई खेलों का पुरुष हॉकी चैंपियन बनने के कारण भारतीय टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए सीधा क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है। यानी टीम को ओलंपिक में जगह बनाने के लिए अलग क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट के दबाव से राहत मिल गई है।

फाइनल से पहले ही यह साफ था कि गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम को LA 2028 का सीधा टिकट मिलेगा। ऐसे में भारत और मलेशिया दोनों के लिए यह मुकाबला केवल स्वर्ण पदक की लड़ाई नहीं था।

भारत ने निर्णायक मुकाबले में दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और 5-1 की बड़ी जीत के साथ दोनों लक्ष्य हासिल कर लिए।

हरमनप्रीत ने दिखाई कप्तानी की चमक

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह पूरे टूर्नामेंट में टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल रहे। फाइनल में भी उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत के लिए स्कोरिंग की शुरुआत की। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ गया और उसने मलेशिया पर लगातार दबाव बनाए रखा।

हरमनप्रीत की अगुआई में भारतीय टीम ने आक्रमण और डिफेंस दोनों में संतुलित प्रदर्शन किया। मलेशिया को भारतीय सर्कल में आसानी से जगह नहीं मिली, जबकि भारत ने अपने मौकों का बेहतर इस्तेमाल किया।

सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया था

भारत के लिए फाइनल तक का सफर भी रोमांचक रहा। सेमीफाइनल में टीम का सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से हुआ था। उस मुकाबले में भारत ने एक समय 3-0 की बढ़त बना ली थी, लेकिन पाकिस्तान ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर 3-3 कर दिया था।

मैच के अंतिम मिनट में अभिषेक के प्रयास से भारत ने निर्णायक गोल किया और पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। मुकाबले में हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए थे, जबकि सुखजीत सिंह ने भी स्कोर किया था।

इस रोमांचक जीत के बाद भारत ने फाइनल में कहीं ज्यादा प्रभावशाली प्रदर्शन किया और मलेशिया को बड़े अंतर से मात दी।

पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा भारत

भारतीय टीम का एशियन गेम्स अभियान शानदार रहा। टीम ने अपने पूल मुकाबलों से लेकर नॉकआउट दौर तक एक भी मैच नहीं गंवाया। फाइनल से पहले भारत और मलेशिया दोनों ही प्रतियोगिता में अजेय थे। मलेशिया ने भी अपने पूल के सभी पांच मुकाबले जीतकर फाइनल तक का सफर तय किया था।

इस वजह से खिताबी मुकाबले को कड़ी टक्कर वाला माना जा रहा था। हालांकि मैदान पर भारत ने मलेशिया को ज्यादा मौके नहीं दिए और पांच गोल दागकर मुकाबले को एकतरफा बना दिया।

पुरुष और महिला हॉकी में डबल गोल्ड

एशियन गेम्स 2026 भारतीय हॉकी के लिए ऐतिहासिक साबित हुए हैं। पुरुष टीम से पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी स्वर्ण पदक जीता। महिला टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों का गोल्ड अपने नाम किया था।

इसके साथ ही पहली बार किसी एक एशियाई खेलों में भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता। पुरुष टीम ने लगातार दूसरी बार चैंपियन बनकर इस उपलब्धि को और खास बना दिया।

यह भारतीय हॉकी के लिए इसलिए भी बड़ी उपलब्धि है क्योंकि दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक के साथ लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट हासिल किया है।

भारतीय हॉकी के लिए यादगार दिन

मलेशिया के खिलाफ 5-1 की जीत केवल एक फाइनल की जीत नहीं रही। इस मुकाबले के साथ भारतीय पुरुष टीम ने लगातार दूसरा एशियाई खेल स्वर्ण जीतने का अपना इंतजार खत्म किया और पहली बार खिताब का सफल बचाव किया।

फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से लेकर अंतिम सीटी तक दबदबा बनाए रखा। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में खिलाड़ियों ने आक्रामक हॉकी खेली और मलेशिया के डिफेंस को लगातार चुनौती दी।

सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक 4-3 की जीत और फिर फाइनल में मलेशिया पर 5-1 की बड़ी जीत ने भारत के अभियान को यादगार बना दिया।

एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड मेडल जीतने के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अब लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में अपनी जगह पक्की कर ली है। वहीं पुरुष और महिला दोनों टीमों के स्वर्ण पदक ने इन एशियाई खेलों को भारतीय हॉकी के इतिहास के सबसे खास अभियानों में शामिल कर दिया है।

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