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अश्विन ने गंभीर-द्रविड़ सिस्टम पर उठाए सवाल, टीम चयन पर बहस तेज

Kavita2
24 July 2026 11:07 AM IST
अश्विन ने गंभीर-द्रविड़ सिस्टम पर उठाए सवाल, टीम चयन पर बहस तेज
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नई दिल्ली : 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में जुटी भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज की हार कई सवाल खड़े कर गई है। विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी के बावजूद भारतीय टीम अपने प्रदर्शन में वह निरंतरता और परिपक्वता नहीं दिखा सकी, जिसकी एक विश्व कप दावेदार टीम से उम्मीद की जाती है।

इस हार के बाद टीम के संयोजन, खिलाड़ियों के चयन और रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच भारत के अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने टीम के मौजूदा सिस्टम और पूर्व कोचिंग व्यवस्था को लेकर अपनी राय रखी है। अश्विन ने मौजूदा मुख्य कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल और उनसे पहले राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाले सिस्टम की तुलना करते हुए टीम की कुछ कमियों पर ध्यान आकर्षित किया।

अश्विन का मानना है कि भारतीय टीम में ऐसे खिलाड़ियों पर अधिक निर्भरता बढ़ गई है, जिन्हें आमतौर पर ‘बिट्स-एंड-पीसेज’ खिलाड़ी कहा जाता है। यानी ऐसे खिलाड़ी जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकते हैं, लेकिन किसी एक कौशल के आधार पर विशेषज्ञ खिलाड़ी की भूमिका निभाने के लिए पर्याप्त प्रभावी नहीं होते।

अश्विन के अनुसार, आधुनिक क्रिकेट में संतुलित टीम बनाना जरूरी है, लेकिन इसके साथ यह भी देखना होगा कि टीम में शामिल खिलाड़ियों की मुख्य भूमिका क्या है। उन्होंने संकेत दिया कि कई बार टीम में ऐसे खिलाड़ियों को जगह मिल जाती है जो हर क्षेत्र में थोड़ा योगदान तो देते हैं, लेकिन मैच की परिस्थितियों को अपने दम पर बदलने की क्षमता रखने वाले विशेषज्ञ खिलाड़ियों की कमी महसूस होती है।

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की रणनीति को लेकर भी सवाल उठे। बल्लेबाजी में शीर्ष क्रम के अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद टीम बड़े स्कोर बनाने में संघर्ष करती नजर आई। वहीं, गेंदबाजी में भी कई मौकों पर विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में भारतीय गेंदबाज सफल नहीं रहे।

अश्विन ने राहुल द्रविड़ के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि उस दौर में टीम निर्माण को लेकर एक स्पष्ट सोच दिखाई देती थी। द्रविड़ के नेतृत्व में खिलाड़ियों की भूमिकाएं तय करने और लंबे समय की योजना बनाने पर जोर दिया गया था। युवा खिलाड़ियों को मौका देने के साथ-साथ टीम में विशेषज्ञता को भी महत्व दिया गया।

वहीं, गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले मौजूदा सिस्टम में आक्रामक क्रिकेट और अलग-अलग विकल्पों को आजमाने पर अधिक जोर दिखाई दे रहा है। हालांकि, अश्विन के अनुसार, टीम को विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार करते समय संतुलन और स्पष्ट भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।

2027 वनडे विश्व कप अभी दूर है, लेकिन भारतीय टीम ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे में इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली हार को टीम प्रबंधन के लिए एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह हार उन क्षेत्रों की पहचान करने का मौका भी दे सकती है, जहां सुधार की जरूरत है।

भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के बीच सही संतुलन बनाए। रोहित शर्मा, विराट कोहली और बुमराह जैसे खिलाड़ी लंबे समय से टीम की रीढ़ रहे हैं, लेकिन भविष्य की टीम तैयार करने के लिए नए खिलाड़ियों को भी जिम्मेदारी के साथ तैयार करना होगा।

अश्विन की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारतीय क्रिकेट में टीम चयन और रणनीति को लेकर लगातार बहस चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वनडे क्रिकेट में केवल बहुमुखी खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने के बजाय ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देनी होगी जो दबाव वाले मुकाबलों में अपनी विशेषज्ञ भूमिका निभा सकें।

भारतीय टीम के लिए आने वाले समय में कई अहम वनडे मुकाबले हैं, जिनसे उसे अपनी तैयारियों का आकलन करने का मौका मिलेगा। टीम प्रबंधन को अब यह तय करना होगा कि 2027 विश्व कप के लिए किस तरह की टीम संरचना अपनाई जाए और किन खिलाड़ियों को लंबी योजना का हिस्सा बनाया जाए।

फिलहाल इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हार ने भारतीय टीम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। रविचंद्रन अश्विन की टिप्पणी ने इस बहस को और तेज कर दिया है कि विश्व कप जैसी बड़ी चुनौती के लिए टीम को स्पष्ट रणनीति, विशेषज्ञ खिलाड़ियों और मजबूत संयोजन की जरूरत होगी।

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