
नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना ने एक बार फिर अपनी शानदार वापसी करने की क्षमता साबित कर दी है। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में रोमांचक जीत दर्ज कर अर्जेंटीना ने फाइनल में जगह बना ली। मुकाबले के दौरान एक समय ऐसा लग रहा था कि लियोनेल मेसी की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो सकती है, लेकिन अर्जेंटीना ने आखिरी पलों में जबरदस्त वापसी करते हुए इंग्लैंड को 2-1 से मात दे दी।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने टीम की सफलता और लगातार अजेय रहने के पीछे की वजह बताई। उन्होंने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास, निडर रवैये और मुश्किल परिस्थितियों में मुकाबला करने की क्षमता को टीम की सबसे बड़ी ताकत बताया।
स्कालोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ जीत के बाद कहा कि टीम के खिलाड़ी "इंडियंस" हैं, लेकिन उन्होंने यह शब्द भारतीयों के लिए नहीं बल्कि स्पेनिश शब्द "इंडियोस" के संदर्भ में इस्तेमाल किया। स्पेनिश भाषा में इंडियोस का मतलब अमेरिका के मूल निवासियों से होता है। कोच का कहना था कि अर्जेंटीना के खिलाड़ी मानसिक रूप से बेहद मजबूत हैं और किसी भी परिस्थिति में हार मानने को तैयार नहीं होते।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ी ऐसे माहौल में बड़े हुए हैं जहां उन्हें किसी भी चुनौती से डरना नहीं सिखाया गया। वे बचपन से ही प्रतिस्पर्धा करते आए हैं और उन पर हमेशा बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद रहती है। यही जिम्मेदारी उन्हें दबाव में भी मजबूत बनाती है।
स्कालोनी ने बताया कि अर्जेंटीना के खिलाड़ियों में गुस्सा और जुनून है, लेकिन यह सकारात्मक भावना के रूप में सामने आता है। यही आक्रामकता उन्हें मैदान पर संघर्ष करने और आखिरी मिनट तक जीत के लिए लड़ने की प्रेरणा देती है।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना का सफर भी इसी जज्बे को दिखाता है। टीम ने कई मुकाबलों में पिछड़ने के बाद वापसी की है। राउंड ऑफ 32 में केप वर्डे के खिलाफ, राउंड ऑफ 16 में मिस्र के खिलाफ, क्वार्टरफाइनल में स्विट्जरलैंड के खिलाफ और अब सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ अर्जेंटीना ने दबाव की स्थिति में शानदार प्रदर्शन किया।
इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने 55वें मिनट में गोल कर 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद अर्जेंटीना पर दबाव बढ़ गया और ऐसा लगने लगा कि मेसी का विश्व कप सफर यहीं खत्म हो सकता है।
लेकिन अर्जेंटीना ने हार नहीं मानी। कप्तान लियोनेल मेसी ने अपनी शानदार खेल समझ का प्रदर्शन करते हुए टीम को वापसी का मौका दिया। मेसी के बेहतरीन असिस्ट पर एन्जो फर्नांडीज ने 85वें मिनट में गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
इसके बाद मैच के इंजरी टाइम में अर्जेंटीना ने एक बार फिर कमाल किया। 92वें मिनट में मेसी के पास से लुटारो मार्टिनेज ने गोल दागा और अर्जेंटीना को 2-1 की बढ़त दिला दी। इसके बाद टीम ने अंत तक अपनी बढ़त बनाए रखी और फाइनल में प्रवेश कर लिया।
अर्जेंटीना की इस जीत में मेसी की भूमिका एक बार फिर अहम रही। उम्र बढ़ने के बावजूद मेसी ने मैदान पर अपनी नेतृत्व क्षमता और अनुभव का शानदार प्रदर्शन किया। उनके पास और खेल की समझ ने टीम को मुश्किल समय में संभाला।
कोच स्कालोनी का मानना है कि अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत केवल तकनीक या रणनीति नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों का मानसिक स्तर है। वे दबाव को चुनौती की तरह लेते हैं और हर परिस्थिति में जीत के लिए संघर्ष करते हैं।
अब अर्जेंटीना की नजर फीफा वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी पर है। टीम जिस तरह लगातार मुश्किल मुकाबलों में वापसी कर रही है, उससे उसके समर्थकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। मेसी के नेतृत्व में अर्जेंटीना एक बार फिर विश्व चैंपियन बनने से सिर्फ एक कदम दूर है।





