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ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट कमबैक करेंगी अनाया 2027 में एलीट क्रिकेट लक्ष्य

nidhi
27 Aug 2026 1:42 PM IST
ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट कमबैक करेंगी अनाया 2027 में एलीट क्रिकेट लक्ष्य
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नए सफर पर नजर अनाया बांगर का बड़ा बयान
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर ने एक बार फिर क्रिकेट मैदान पर वापसी की तैयारी शुरू कर दी है। अनाया ने कहा है कि वह अपने पुराने रिकॉर्ड के भरोसे नहीं बल्कि अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर नई शुरुआत करना चाहती हैं। उनका लक्ष्य मार्च 2027 से ऑस्ट्रेलिया में एलीट महिला क्रिकेट में जगह बनाना है।
अनाया ने बताया कि लंबे समय तक उन्हें ऐसा लगा था कि शायद वह दोबारा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी। लेकिन अब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिले रास्ते ने उनके लिए नई उम्मीद जगाई है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए भावनात्मक पल है और वह पूरी मेहनत के साथ क्रिकेट में वापसी करना चाहती हैं।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने दिया वापसी का रास्ता
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अनाया को महिला कम्युनिटी क्रिकेट और प्रीमियर क्रिकेट में खेलने की अनुमति दी है। इसके साथ ही मार्च 2027 से एलीट महिला क्रिकेट में आगे बढ़ने का रास्ता भी खुल सकता है, हालांकि इसके लिए संबंधित पात्रता नियमों को पूरा करना जरूरी होगा।
अनाया ने साफ किया कि यह किसी टीम में सीधी जगह मिलने की गारंटी नहीं है। उन्हें मैदान पर प्रदर्शन करके अपनी जगह बनानी होगी। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें केवल एक अवसर दिया है, टीम में स्थान नहीं।
पुराने रिकॉर्ड पर नहीं बल्कि नई शुरुआत पर भरोसा
अनाया ने कहा कि वह अपने पुराने क्रिकेट रिकॉर्ड को लेकर कोई उम्मीद नहीं रखतीं। उनका फोकस अब नई परिस्थितियों में खुद को साबित करने पर है। वह ट्रेनिंग, फिटनेस और प्रदर्शन के जरिए अपनी पहचान बनाना चाहती हैं।
उन्होंने कहा कि खेल में वापसी के लिए केवल नाम या पिछला प्रदर्शन काफी नहीं होता, बल्कि वर्तमान प्रदर्शन ही सबसे महत्वपूर्ण होता है।
महिला क्रिकेट में बड़ा लक्ष्य
अनाया का लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया की एलीट महिला क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलना है। वह भविष्य में महिला बिग बैश लीग (WBBL) जैसे बड़े मंच तक पहुंचने का सपना देख रही हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें पहले घरेलू स्तर पर खुद को साबित करना होगा।
क्रिकेट सफर में नया अध्याय
अनाया पहले भी क्रिकेट खेल चुकी हैं और अब वापसी उनके लिए एक नई चुनौती है। उन्होंने अपनी यात्रा को सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बताया है, जो किसी भी कारण से खेल से दूर हो गए हैं और दोबारा वापसी करना चाहते हैं।
अनाया बांगर की कहानी अब सिर्फ क्रिकेट में वापसी की नहीं बल्कि संघर्ष, धैर्य और नए अवसरों की कहानी बन गई है। आने वाला समय बताएगा कि वह ऑस्ट्रेलिया के प्रतिस्पर्धी महिला क्रिकेट में कितनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर पाती हैं।
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