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नमन धीर की सफलता का दिलचस्प किस्सा, दोस्त ने खोला ‘टोटके’ का राज

nidhi
24 Oct 2026 7:30 AM IST
नमन धीर की सफलता का दिलचस्प किस्सा, दोस्त ने खोला ‘टोटके’ का राज
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बल्लेबाजी में बदलाव और दोस्त का साथ, ऐसे आगे बढ़े नमन धीर
नई दिल्ली: भारतीय ऑलराउंडर नमन धीर की चर्चा उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ बचपन के दोस्त सहज धवन के सुनाए दिलचस्प किस्सों को लेकर भी हो रही है। सहज ने बताया कि नमन अवसर पहचानकर अपनी बल्लेबाजी की भूमिका बदलने में माहिर रहे हैं। दोनों दोस्तों के बीच मैच से पहले शुभकामना संदेश भेजने की एक मजेदार परंपरा भी है, जिसे सहज हंसी-मजाक में अपना ‘टोटका’ कहते हैं। हालांकि, यह उनकी दोस्ती से जुड़ा किस्सा है; इसे मैदान पर सफलता का प्रमाणित कारण नहीं माना जा सकता।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नमन ने 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी का असर दिखाया। उनकी पारी में पांच चौके और दो छक्के शामिल रहे। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए इस तेज पारी ने भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस प्रदर्शन के बाद उनके शुरुआती संघर्ष और अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने की क्षमता पर भी ध्यान गया है। कम गेंदों में रन जुटाने की उनकी योग्यता सीमित ओवरों के क्रिकेट में उन्हें उपयोगी विकल्प बनाती है।
सहज के मुताबिक, नमन शुरुआती दिनों में यह समझने की कोशिश करते थे कि चयनकर्ताओं को बल्लेबाजी क्रम में किस स्थान के लिए खिलाड़ी चाहिए। इसके बाद वह उसी क्रम पर खेलने के लिए तैयार हो जाते थे। दोस्त ने इसी आदत को उनका ‘जुगाड़’ बताया। यहां इसका अर्थ अवसर के अनुसार खुद को ढालना है। बल्लेबाजी क्रम बदलने पर कभी नई गेंद का सामना करना पड़ता है तो कभी आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने होते हैं। ऐसी अलग-अलग भूमिकाओं का अनुभव किसी बल्लेबाज के विकल्प बढ़ा सकता है।
दोनों दोस्तों ने एक-दूसरे से वादा किया था कि भारत के लिए खेलने का अवसर मिलने पर वे हौसलाअफजाई करेंगे। नमन के पदार्पण के दिन सहज अपने रणजी ट्रॉफी ट्रायल में व्यस्त थे। उन्होंने बताया कि उस मुकाबले में 150 रन बनाने के बाद उनका पंजाब की रणजी टीम में चयन हुआ। नमन ने उन्हें अपने ट्रायल पर ध्यान देने के लिए कहा था। सहज के अनुसार, जब वह मैच से पहले शुभकामना संदेश भेजते हैं तो नमन अच्छा खेलते हैं, इसलिए वह यह परंपरा जारी रखना चाहते हैं।
नमन का सफर हमेशा आसान नहीं रहा। अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया था कि कोविड के बाद अवसर नहीं मिलने से वह कनाडा जाने के बारे में सोचने लगे थे। उनकी बहनें वहां रहती हैं और क्रिकेट में आगे बढ़ने का रास्ता स्पष्ट नहीं दिख रहा था। ऐसे समय पिता ने उन्हें एक वर्ष और प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। नमन के अनुसार, इसके बाद रणजी ट्रॉफी में मौका मिला और आगे आईपीएल का रास्ता खुला। यह फैसला उनके करियर की दिशा बदलने वाला साबित हुआ।
परिवार के लिए भी उनकी उपलब्धियां लंबे इंतजार का परिणाम थीं। शुरुआती संघर्ष पर सामने आई रिपोर्ट में पिता नरेश धीर के मेडिकल दुकान पर काम करने और बेटे की क्रिकेट यात्रा को समर्थन देने का उल्लेख है। अवसरों की कमी के बावजूद परिवार ने कोशिश जारी रखने में मदद की। नमन के लिए चुनौती केवल अच्छा खेलना नहीं, बल्कि उस प्रदर्शन को बड़े मंच तक पहुंचाना भी थी। घरेलू क्रिकेट और फिर आईपीएल में मिले अवसरों ने उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का रास्ता दिया।
आईपीएल में मुंबई इंडियंस के साथ उनकी प्रगति भी उल्लेखनीय रही। फ्रेंचाइजी के आधिकारिक विवरण के मुताबिक, 2024 सत्र के आखिरी मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ उन्होंने 28 गेंदों पर नाबाद 62 रन बनाए थे। यह पारी उनकी तेज बल्लेबाजी की क्षमता की पहचान बनी। अगले सत्र में उन्होंने 12 पारियों में 252 रन जुटाए और उनका स्ट्राइक रेट लगभग 182.60 रहा। इन आंकड़ों से पता चलता है कि उनकी उपयोगिता केवल लंबी पारी खेलने तक सीमित नहीं रही; छोटी पारियों में तेजी से रन बनाना भी उनकी भूमिका का हिस्सा रहा।
मुंबई इंडियंस के आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, 2026 आईपीएल सत्र में नमन ने 14 पारियों में 318 रन बनाए, जिनमें दो अर्धशतक शामिल थे। पिछले सत्रों के मुकाबले यह उनके योगदान के विस्तार को दिखाता है। बल्लेबाज के लिए अलग परिस्थितियों में रन बनाना जरूरी होता है, क्योंकि हर मुकाबले में समान संख्या में गेंदें या एक जैसी स्थिति नहीं मिलती। नमन की भूमिका को समझने में उनके कुल रनों के साथ बल्लेबाजी क्रम और उपलब्ध अवसरों को देखना भी उपयोगी है।
सितंबर 2026 में उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे श्रृंखला के लिए पहली बार भारतीय सीनियर टीम में चुना गया। मुंबई इंडियंस ने 17 सितंबर को उनके चयन की जानकारी साझा की थी। घरेलू क्रिकेट से आईपीएल और फिर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने की यह यात्रा उनके करियर का अहम पड़ाव बनी। अब चुनौती मिले अवसरों को लगातार प्रदर्शन में बदलने की है। सहज के सुनाए किस्से इस सफर का मानवीय पक्ष सामने लाते हैं—दोस्ती, परिवार का भरोसा और परिस्थितियों के अनुसार अपनी भूमिका बदलने की तैयारी।
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