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कॉमनवेल्थ गेम्स की कमान भारत के हाथ
ग्लासगो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन समारोह में भारत के लिए ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब महान एथलीट नीरज चोपड़ा और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा को कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा सौंपा गया। इसके साथ ही अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों का आधिकारिक आगाज हो गया।
भारत ने संभाली मेजबानी की जिम्मेदारी
ग्लासगो में आयोजित समापन समारोह के दौरान परंपरा के अनुसार कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज अगले मेजबान देश भारत को सौंपा गया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इसे स्वीकार कर अहमदाबाद 2030 के लिए नई शुरुआत का संदेश दिया।
नीरज चोपड़ा और पीटी उषा बने भारत के प्रतिनिधि
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा और खेल जगत की दिग्गज पीटी उषा ने भारत की ओर से ध्वज ग्रहण किया। इस दौरान समारोह में मौजूद दर्शकों ने भारत के अगले बड़े खेल आयोजन के लिए उत्साह जाहिर किया।
अहमदाबाद 2030 होगा खास आयोजन
अहमदाबाद में आयोजित होने वाला कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा। यह आयोजन भारत को अपनी खेल क्षमता, आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर दिखाने का मौका देगा।
भारत की संस्कृति की दिखी झलक
समापन समारोह में भारत की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुति भी पेश की गई, जिसमें देश की विविधता, परंपराओं और आधुनिक पहचान को दर्शाया गया। प्रस्तुति ने अंतरराष्ट्रीय दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
खेल जगत की नजरें अब अहमदाबाद पर
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की उल्टी गिनती शुरू होने के साथ ही भारत में आयोजन की तैयारियों, खेल बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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