खेल

2026 कॉमनवेल्थ गेम्स: मुरली श्रीशंकर, साजन प्रकाश और तेजस शिर्से फाइनल में पहुंचे

Kavita2
27 July 2026 4:43 PM IST
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स: मुरली श्रीशंकर, साजन प्रकाश और तेजस शिर्से फाइनल में पहुंचे
x

नई दिल्ली: 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के पांचवें दिन भारतीय एथलेटिक्स दल के लिए मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला। कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने इवेंट के फाइनल में जगह बनाई, जबकि कुछ एथलीट उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। पुरुषों की लॉन्ग जंप में मुरली श्रीशंकर, तैराकी में साजन प्रकाश और हर्डल्स में तेजस शिर्से ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। वहीं, नेशनल रिकॉर्ड होल्डर गुरिंदरवीर सिंह पुरुषों की 100 मीटर स्प्रिंट में आगे बढ़ने से चूक गए।

दिन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मुरली श्रीशंकर का प्रदर्शन रहा। भारतीय लॉन्ग जंप खिलाड़ी ने अपने पहले ही प्रयास में ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क हासिल कर लिया। 27 वर्षीय श्रीशंकर ने ग्रुप A क्वालिफिकेशन में 8.01 मीटर की छलांग लगाई और आठ मीटर के जरूरी मानक को पार करते हुए सीधे फाइनल में प्रवेश किया।

श्रीशंकर का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि वह इस प्रतियोगिता में पदक के दावेदारों में शामिल हैं। उनका इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.38 मीटर रहा है। अब उनकी नजर 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रदर्शन को और बेहतर करने पर होगी, जहां उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। भारतीय एथलीट फाइनल में अपने अनुभव और मौजूदा फॉर्म के दम पर स्वर्ण पदक की दौड़ में शामिल होने की कोशिश करेंगे।

तैराकी में अनुभवी भारतीय खिलाड़ी साजन प्रकाश ने भी शानदार प्रदर्शन किया। दो बार के ओलंपियन प्रकाश ने पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने अपनी हीट में 1:58.59 का समय दर्ज किया और कुल क्वालिफिकेशन में छठा स्थान हासिल किया।

प्रकाश हीट-2 में स्कॉटलैंड के डंकन स्कॉट के बाद दूसरे स्थान पर रहे। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने आठ खिलाड़ियों वाले फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। भारतीय तैराक इस साल की शुरुआत में बनाए गए अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 1:57.09 के साथ प्रतियोगिता में उतरे हैं और फाइनल में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने की उम्मीद करेंगे।

क्वालिफिकेशन में ऑस्ट्रेलिया के हैरिसन टर्नर शीर्ष पर रहे, लेकिन साजन प्रकाश का अनुभव और बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें पदक की दौड़ में बनाए रखती है। भारतीय प्रशंसकों को उनसे फाइनल में एक मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है।

इसके अलावा तेजस शिर्से ने भी अपने इवेंट के फाइनल में पहुंचकर भारतीय दल को खुशी का मौका दिया। तेजस ने बाधा दौड़ में अच्छा प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में जगह बनाई। युवा भारतीय एथलीट के लिए यह एक बड़ा अवसर है, जहां वह राष्ट्रमंडल स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने की कोशिश करेंगे।

हालांकि, पुरुषों की 100 मीटर स्प्रिंट में भारत को निराशा हाथ लगी। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर गुरिंदरवीर सिंह अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके। स्प्रिंट इवेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण उनका समय आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।

गुरिंदरवीर सिंह ने इससे पहले अपने प्रदर्शन से भारतीय एथलेटिक्स में उम्मीदें जगाई थीं। वह देश के सबसे तेज धावकों में गिने जाते हैं और उनके नाम राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी दर्ज है। हालांकि, कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंच पर मामूली अंतर भी परिणाम बदल सकता है।

भारतीय दल के लिए पांचवें दिन का प्रदर्शन कुल मिलाकर सकारात्मक रहा। जहां कुछ खिलाड़ियों ने फाइनल में पहुंचकर पदक की उम्मीदें बढ़ाईं, वहीं कुछ एथलीटों को कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण बाहर होना पड़ा। मुरली श्रीशंकर, साजन प्रकाश और तेजस शिर्से जैसे खिलाड़ियों की सफलता ने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को मजबूत किया है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है। खासतौर पर एथलेटिक्स और तैराकी जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले फाइनल मुकाबलों में इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी।

भारतीय टीम को उम्मीद है कि श्रीशंकर, प्रकाश और शिर्से अपने शानदार प्रदर्शन को फाइनल में भी जारी रखेंगे और देश के लिए पदक जीतने में सफल होंगे। पांचवें दिन के नतीजों ने भारतीय दल को कुछ बड़ी उम्मीदें दी हैं और अब नजरें फाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं।

Next Story