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अंतरिक्ष में भी है एक बरमूडा ट्रैंगल, ब्रह्मांड और सौर मंडल को लेकर ये जानकारी होश उड़ा देगी

jantaserishta.com
10 Feb 2022 10:28 AM GMT
अंतरिक्ष में भी है एक बरमूडा ट्रैंगल, ब्रह्मांड और सौर मंडल को लेकर ये जानकारी होश उड़ा देगी
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नई दिल्ली: ब्रह्मांड में सबसे बड़ी वस्तु है हरक्यूलिस-कोरोना बोरिएलिस ग्रेट वॉल (Hercules-Corona Borealis Great Wall). यह आकाशगंगाओं का एक समूह है. इसे पार करने में प्रकाश (Light) को 1000 करोड़ साल लग जाते हैं. अब इसी बात को समझिए कि हमारा ब्रह्मांड ही 1380 करोड़ प्रकाश वर्ष पुराना है. अब आप यह जानिए कि हरक्यूलिस-कोरोना बोरिएलिस कितना बड़ा है. इस तस्वीर में जो लाल निशान दिख रहा है, वो हमारी आकाशगंगा है.

बड़ा होने का मतलब क्या है? क्या आपको धरती (Earth) बड़ी लगती है. लगती ही होगी क्योंकि इसका व्यास 40,075 किलोमीटर है. लेकिन अंतरिक्ष में यह इतनी छोटी है, जैसे इसका कोई महत्व ही नहीं है. हमारे सौर मंडल में इससे कई गुना बड़ा बृहस्पति (Jupiter) ग्रह है. इसमें 1300 धरती समा सकती है. उसके बाद हमारा तारा यानी सूरज (Sun) जो लाखों धरती को अपने अंदर सेट कर सकता है.
अब आपको लग रहा होगा कि सूरज सबसे बड़ा है. नहीं. ये भी गलत है. सूरज जी-टाइप तारा है. जिसे यलो ड्वार्फ (Yellow Dwarf) कहते हैं. वैज्ञानिकों ने हाइपरजायंट तारे (Hypergiant Stars) भी खोजे हैं. सबसे बड़ा तारा UY Scuti है. इसमें 1700 सूरज समा सकते हैं. यूवाई स्कूटी हमारे सूरत से 30 गुना बड़ा है. उसके जैसे कई और तारे ब्रह्मांड में हैं. अब आप सोचिए कि हमारी... हमारी छोड़िए..धरती की या उसके सूरज की इस ब्रह्मांड में क्या औकात है.
इस सूरज से भी बड़े होते हैं ब्लैक होल्स (Black Holes). हमारी आकाशगंगा में ही कितने ऐसे ब्लैक होल्स हैं, जो हमारे सूरज से 40 लाख गुना ज्यादा बड़े हैं. अब तक जो सबसे बड़ा ब्लैक होल खोजा गया है, उसका नाम है NGC 4889. यह हमारे सूरज के मास का 210 करोड़ गुना ज्यादा भारी है. आमतौर पर ब्लैक होल्स बड़े नहीं होते. लेकिन उनका घनत्व बहुत ज्यादा होता है.
नेबुला (Nebulas) यानी गैस के बादलों के बड़े गुबार जो आपस में मिलकर नए तारों का निर्माण करते हैं. ये भी बड़े होते हैं. अब तक जो सबसे बड़ा नेबुला खोजा गया है, उसका नाम है NGC 604. यह ट्राइएंगुलम गैलेक्सी (Triangulaum Galaxy) में मौजूद है. इसकी लंबाई 1520 प्रकाश वर्ष है. हमारी खुद की गैलेक्सी यानी आकाशगंगा 1 लाख प्रकाश वर्ष लंबी है.
अब तक की सबसे बड़ी गैलेक्सी जो खोजी गई है. उसके बारे में 1990 में साइंस जर्नल में प्रकाशित हुआ था. इसका नाम है IC 1101. नासा के मुताबिक IC 1101 गैलेक्सी की सिर्फ चौड़ाई 40 लाख प्रकाश वर्ष है. इसकी लंबाई का तो अंदाजा ही नहीं लगाया जा सका. जब गैलेक्सियों का समूह बनता है, तब उसे गैलेक्सी का क्लस्टर कहते हैं. जैसे आकाशगंगा मिल्कीवे, एंड्रोमेडा गैलेक्सी.
फिलहाल ब्रह्मांड में जो सबसे बड़ा सुपरक्लस्टर है, जिसे सबसे बड़ी आकृति भी कहा जाता है, वो है हरक्यूलिस-कोरोना बोरिएलिस ग्रेट वॉल (Hercules-Corona Borealis Great Wall). हमारी आकाशगंगा भी इसी के अंदर आती है. यह एक तरह का गामा-रे बर्स्ट (Gamma Ray Burst) है. गामा-रे बर्स्ट को ब्रह्मांड में किसी चीज के फैलाव, जुड़ाव, निर्माण के लिए अच्छा माना जाता है. हरक्यूलिस और बोरिएलिस अलग-अलग नक्षत्र हैं, जिनके बीच यह गामा रे बर्स्ट हो रहा है.
अब जानते हैं हमारे सौर मंडल में सबसे बड़ी वस्तुएं क्या हैं? सबसे पहले सबसे बड़ा ग्रह (Biggest Planet) बृहस्पति (Jupiter) है. इसका व्यास 1.42 लाख किलोमीटर से ज्यादा है. यह धरती के व्यास से तीन गुना ज्यादा है. इसके अंदर 1300 से ज्यादा धरती समा सकती है.
बृहस्पति का चांद गैनीमेडे (Ganymede) सौर मंडल का सबसे बड़ा चांद (Largest Moon) है. यह करीब 5268 किलोमीटर व्यास का है. यह सौर मंडल के बुध ग्रह (Mercury) से थोड़ा बड़ा है.
सौर मंडल का सबसे ऊंचा पहाड़ (Tallest Mountain) मंगल ग्रह पर स्थित ओलिंपस मॉन्स (Olympus Mons) है. यह करीब 25 किलोमीटर ऊंचा है. धरती के सबसे ऊंचे पहाड़ माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) से करीब तीन गुना ज्यादा ऊंचा.
सबसे बड़ी घाटी (Largest Canyon) भी मंगल ग्रह पर ही स्थित है. इसका नाम वैलेस मैरिनेरिस (Valles Marineris) है. यह 3000 किलोमीटर लंबी और 600 किलोमीटर चौड़ी है. इसकी गहराई 8 किलोमीटर है.
सबसे बड़ा क्रेटर (Largest Crater) भी मंगल ग्रह पर ही है. इसका नाम है यूटोपिया प्लैनिशिया (Utopia Planitia). इसका व्यास 3300 किलोमीटर है. अमेरिका ने वाइकिंग-2 (Viking-2) स्पेसक्राफ्ट ने यही पर 1976 में लैंडिंग की थी.
सबसे बड़ा एस्टेरॉयड (Largest Asteroid) का नाम है वेस्टा (Vesta). यह करीब 530 किलोमीटर लंबा है. वेस्टा एस्टेरॉयड मंगल और बृहस्पति के बीच स्थित एस्टेरॉयड की बेल्ट में चक्कर लगा रहा है.
सबसे बड़ा ड्वार्फ ग्रह (Largest Dwarf Planet) है. हमारे सौर मंडल से बाहर निकाला गया प्लूटो (Pluto). जिसका व्यास 2370 किलोमीटर है. पहले प्लूटो को एरिस (Eris) नाम के ग्रह से छोटा ड्वार्फ प्लैनेट माना जाता था. साल 2015 में न्यू होराइजंस स्पेसक्राफ्ट ने बताया कि प्लूटो बड़ा है.
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