विज्ञान

समुद्र में जहर घोल रही पर्यटकों की मौज-मस्ती, घास पर जमा हो रही घातक UV सनस्क्रीन, खतरे में हजारों प्रजातियां

Tulsi Rao
15 April 2022 10:24 PM IST
समुद्र में जहर घोल रही पर्यटकों की मौज-मस्ती, घास पर जमा हो रही घातक UV सनस्क्रीन, खतरे में हजारों प्रजातियां
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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। सूरज की पराबैंगनी किरणों से बचाने वाली सनस्क्रीन अब समुद्री जीवन के लिए खतरा बन रही है। एक अध्ययन में पाया गया है कि सनस्क्रीन लोशन में पाए जाने वाले केमिकल भूमध्य सागर की समुद्री घास पर जमा हो रहे हैं। वैज्ञानिकों ने पोसिडोनिया ओशनिका (Posidonia Oceanica) के तनों पर पराबैंगनी फिल्टर्स की खोज की है। पोसिडोनिया ओशनिका समुद्री घास की एक प्रजाति है जो मलोर्का के तट पर पाई जाती है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि इस प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण पर्यटन स्थलों पर होने वाली मौज-मस्ती और कचरे का फैलना है। मरीन पॉल्यूशन बुलेटिन में प्रकाशित अध्ययन के सह-लेखक डॉ सिल्विया डियाज़ क्रूज़ ने कहा कि तटीय गतिविधियों, पर्यटन और वॉटर डिस्चार्ज का असर समुद्री जीवन पर पड़ रहा है। चूंकि भूमध्य सागर छोटा और बहुत घिरा हुआ है, इसलिए पराबैंगनी केमिकल का स्तर बढ़ सकता है।
संभावित हानिकारक प्रभावों को लेकर वैज्ञानिक चिंतित

वैज्ञानिकों को सैंपल में सनस्क्रीन तत्वों की अलग-अलग मात्रा मिली, जिसमें ऑक्सीबेनज़ोन, एवोबेंजोन 4-मिथाइल, बेंजाइलिडीन कैम्फर, बेंजोफेनोन -4 और मिथाइल पैराबेंस शामिल हैं। ये केमिकल समुद्री घास पर क्या असर डालते हैं? फिलहाल इस सवाल का जवाब अज्ञात है लेकिन शोधकर्ता संभावित हानिकारक प्रभावों को लेकर चिंतित हैं। समुद्री घास के मैदान कई समुद्री प्रजातियों का घर हैं और कार्बन भंडार के रूप में काम करते हैं।
समुद्री घास कई प्रजातियों का घर
अध्ययन के सह-लेखक प्रोफेसर नोना अगविन ने कहा कि अगर हमें पता चलता है कि सनस्क्रीन समुद्री घास की फोटोसिंथेसिस और प्रोडक्टिविटी को प्रभावित कर रही है, तो यह चिंताजनक होगा क्योंकि समुद्री घास भूमध्यसागरीय तटों में अहम पारिस्थितिक भूमिका निभाती है। पोसिडोनिया ओशनिका तटीय भूमध्य सागर में एक बड़ा घास का मैदान बनाती है और एक स्वस्थ 'महासागर पारिस्थितिकी तंत्र' (Ocean Ecosystem) को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


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