विज्ञान

वैज्ञानिकों को मिला 10 करोड़ साल पुराने केकड़े का जीवाश्म, पानी से जमीन पर शिफ्ट

Rani Sahu
27 Oct 2021 12:03 AM IST
वैज्ञानिकों को मिला 10 करोड़ साल पुराने केकड़े का जीवाश्म, पानी से जमीन पर शिफ्ट
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वैज्ञानिकों को 10 करोड़ साल पुराने केकड़े का जीवाश्म मिला है। इसे पौधों की छाल से निकलने वाले पीले पारदर्शी और चिपचिपे पदार्थ में संरक्षित रखा गया है

वैज्ञानिकों को 10 करोड़ साल पुराने केकड़े का जीवाश्म मिला है। इसे पौधों की छाल से निकलने वाले पीले पारदर्शी और चिपचिपे पदार्थ में संरक्षित रखा गया है। 55 मिलीमीटर वाले इस केकड़े को म्यांमार में खोजा गया है। इसकी जांच करने वाले हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता जेवियर लूक कहते हैं, इस खोज से जानकारी मिलती है कि इनका विकास कैसे हुआ और ये दुनिया में कैसे फैले।

पानी से जमीन पर शिफ्ट हुए
जेवियर कहते हैं, इसकी DNA एनालिसिस रिपोर्ट कहती है कि इनके पूर्वज समुद्र में रहने वाले रहे हैं, लेकिन साढ़े बारह करोड़ साल पहले इन्होंने समुद्र से दूरी बनानी शुरू कर दी थी। यह केकड़ा 2015 में पाया गया था। इसे चीन के लॉन्गिइन एम्बर म्यूजियम में रखा गया है। इसके बाद हार्वर्ड की टीम ने इस पर रिसर्च की और नई कई बातें सामने आईं।
माइक्रो-सीटी स्कैन से दिखे इसके हिस्से
जेवियर के मुताबिक, केकड़े के इस जीवाश्म का नाम केटाप्सरा अथंटा रखा गया। वह कहते हैं, माइको-सीटी स्कैन के जरिए इसकी जांच की गई। इसकी मदद से केकड़े के एंटीने, पैर, मुंह के हिस्से, बाल और आंखें देखी जा सकीं। चौंकाने वाली बात है कि 10 करोड़ साल के बाद भी केकड़े का हर एक बाल उसकी जगह पर ही है। शरीर का कोई भी हिस्सा अलग नहीं हुआ।
वह कहते हैं, हम जितना इस पर रिसर्च करते हैं, उससे पता चलता है कि यह कई मायने में खास है।
समुद्र में देते थे बच्चों को जन्म, जो जमीन पर आ जाते थे
शोधकर्ता कहते हैं, यह केकड़ा न तो पूरी तरह से समुद्र में रहने वाला है और न ही जमीन पर। उनका मानना है कि ये समुद्र में बच्चों को जन्म देते थे, जो बाद में धीरे-धीरे जमीन पर आ जाते थे। डायनासोर के युग में इनमें भी बदलाव दिखा और इन्होंने समुद्र से दूरी बनानी शुरू की।
एक दशक से केकड़े पर रिसर्च कर रहे
जेवियर का दावा है, यह केकड़ा साफ पानी और जमीन दोनों जगह पर रहता था, लेकिन स्थायीतौर पर नहीं। इसकी उम्र काफी कम थी। यह क्रिसमस आइलैंड रेड क्रेब से मिलता-जुलता है। जेवियर पिछले एक दशक से केकड़ों पर रिसर्च कर रहे हैं। वह कहते हैं, मुझे केकड़े काफी उत्साहित करते हैं।


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