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- Scientists ने कैंसर की...

Sydney सिडनी। कैंसर से बचाव और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को लेकर ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण खोज की है। शोधकर्ताओं ने पाया कि टेलोमेरेस—जो गुणसूत्रों (क्रोमोसोम) के सिरों पर मौजूद सुरक्षात्मक संरचनाएँ होती हैं—सिर्फ निष्क्रिय रूप से छोटे नहीं होते, बल्कि ये सक्रिय रूप से कोशिकाओं को कैंसर से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
टेलोमेरेस और कैंसर के बीच संबंध सामान्यत: उम्र बढ़ने के साथ टेलोमेरेस धीरे-धीरे छोटे होते जाते हैं, जिससे कोशिकाएँ विभाजन बंद कर देती हैं। यह प्रक्रिया शरीर को कैंसर के अनियंत्रित विकास से बचाने के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा के रूप में कार्य करती है। लेकिन हाल ही में, सिडनी स्थित चिल्ड्रन मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMRI) द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया है कि टेलोमेरेस सिर्फ निष्क्रिय रूप से छोटे नहीं होते, बल्कि वे तनाव के प्रति सक्रिय रूप से प्रतिक्रिया देकर कोशिका विभाजन को नियंत्रित करते हैं।
नवीनतम शोध और निष्कर्ष
CMRI के जीनोम इंटीग्रिटी यूनिट के प्रमुख वैज्ञानिक टोनी सेसरे के अनुसार, टेलोमेरेस कोशिकाओं में सेलुलर एजिंग प्रक्रिया को ट्रिगर करके कैंसर को विकसित होने से रोक सकते हैं।
सेसरे ने कहा, "हमारे शोध से पता चलता है कि टेलोमेरेस बहुत अधिक सक्रिय हैं और वे तनाव पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं। यह प्रक्रिया कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोकने में मदद कर सकती है।"
सेसरे और उनकी टीम ने जापान के क्योटो विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर यह अध्ययन किया। उनके शोध को प्रतिष्ठित 'नेचर कम्युनिकेशंस' पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। अध्ययन में बताया गया है कि टेलोमेरेस केवल निष्क्रिय रूप से छोटे नहीं होते, बल्कि वे क्रोमोसोमल क्षति वाली कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए सक्रिय रूप से काम करते हैं।
कैंसर के उपचार में नई संभावनाएँ
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस खोज से कैंसर के उपचार में एक नया रास्ता खुल सकता है। सेसरे का कहना है कि अगर टेलोमेरेस को लक्षित करके कैंसरग्रस्त कोशिकाओं में सेल डेथ (कोशिका मृत्यु) को ट्रिगर किया जाए, तो यह कैंसर के इलाज के लिए एक नई चिकित्सीय रणनीति हो सकती है।
वैश्विक कैंसर आँकड़े
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार,
- 2022 में अनुमानित 20 मिलियन नए कैंसर के मामले दर्ज किए गए।
- 9.7 मिलियन लोगों की कैंसर से मृत्यु हुई।
- दुनिया में हर 5 में से 1 व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कैंसर होने की संभावना होती है।
- हर 9 में से 1 पुरुष और हर 12 में से 1 महिला की मृत्यु कैंसर के कारण होती है।
क्या यह खोज कैंसर की रोकथाम में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है?
वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि टेलोमेरेस की यह नई कार्यप्रणाली और गहराई से समझी जाए, तो यह भविष्य में कैंसर के खिलाफ एक प्रभावी हथियार साबित हो सकती है। हालाँकि, इस शोध को अभी और विस्तृत परीक्षणों की आवश्यकता है, लेकिन यह निश्चित रूप से कैंसर उपचार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।





