विज्ञान

वैज्ञानिक ने परमाणु बम के इस्तेमाल का किया समर्थन, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

jantaserishta.com
10 Oct 2021 1:05 PM GMT
वैज्ञानिक ने परमाणु बम के इस्तेमाल का किया समर्थन, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
x

नई दिल्ली: परमाणु बम को तो वैसे धरती के लिए खतरनाक माना जाता है लेकिन अब वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि पृथ्वी को क्षुद्रग्रहों यानी की एस्टेरॉयड से बचाने के लिए परमाणु बम का इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्होंने इस काम के लिए परमाणु बम के इस्तेमाल का समर्थन किया है.

बता दें कि बीते कुछ समय से एस्टेरॉयड का पृथ्वी के करीब आना वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय रहा है. वैज्ञानिक यह जानने में लगे हुए हैं कि भविष्य में अगर किसी बड़े एस्टेरॉयड से पृथ्वी की टक्कर हो गई तो क्या होगा?
वैज्ञानिकों की ये चिंताएं निराधार नहीं हैं. वो नहीं चाहते कि जैसे पृथ्वी से डायनासोर का पूरी तरह सफाया हो गया वैसे ही मानवों के साथ भी हो. यही वजह है कि वैज्ञानिक पृथ्वी के रास्ते में आने वाले एस्टेरॉयड को टक्कर से पहले ही खत्म करने की तकनीक पर रिसर्च कर रहे हैं. इसके लिए एक ऐसा सिस्टम बनाने की तैयारी हो रही है जिसमें एक निश्चित चेतावनी अवधि होगी ताकि ऐसे खतरों को खत्म किया जा सके.
द फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नए शोध में दावा किया गया है कि यदि चेतावनी का समय इसे रोकने के उपायों को लागू करने के लिए पर्याप्त नहीं है तो बहुत सारी ऊर्जा की मदद से एस्टेरॉयड को नष्ट किया जा सकता है ताकि यह छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल जाए.
लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लेबोरेटरी (एलएलएनएल) के पूर्व विद्वान और वैज्ञानिक पैट्रिक किंग के शोध नेतृत्व में इस विचार का उल्लेख किया था और एक्टा एस्ट्रोनॉटिका पत्रिका में इसे प्रकाशित किया गया.
किंग ने कहा कि एक रणनीति के रूप में व्यवधान का आकलन करने में एक बड़ी चुनौती सभी खंडों के कक्षाओं को जानने की आवश्यकता है, जो एक साधारण विक्षेपण के मॉडल की तुलना में बहुत अधिक जटिल है.
हालांकि उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने की जरूरत है और संभावित रणनीति के रूप में व्यवधान का आकलन करने के लिए कम से कम उनसे निपटने का प्रयास करने की जरूरत है.
किंग ने कहा कि उनके अध्ययन ने परमाणु बमों को एस्टेरॉयड को खत्म करने के लिए अंतिम उपाय के रूप में देखा और यदि समय मिले तो वैज्ञानिक इस पर और काम कर सकते हैं.


Next Story
© All Rights Reserved @ 2022Janta Se Rishta