विज्ञान

रूसी अंतरिक्षयात्री ने दुनिया को करवाया अपने नए मॉड्यूल नौका का वर्ल्ड टूर

Gulabi
3 Aug 2021 11:53 AM GMT
रूसी अंतरिक्षयात्री ने दुनिया को करवाया अपने नए मॉड्यूल नौका का वर्ल्ड टूर
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इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर तैनात रूसी अंतरिक्षयात्रियों (Russian cosmonauts) ने अपने नए मॉड्यूल नौका (Nauka Module) की पहली तस्वीर जारी की है. पिछले हफ्ते इस मॉड्यूल ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं, जब इसने अनजाने में डॉकिंग के बाद अपने थ्रस्टर्स को फायर कर दिया और ISS को काबू से बाहर कर दिया. रूसी अंतरिक्ष अधिकारियों ने कहा कि सॉफ्टवेयर में हुई गड़बड़ी और वैज्ञानिकों के ध्यान देने में हुई संभावित चूक की वजह से ये दुर्घटना हुई थी.

रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के एक वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व अंतरिक्षयात्री व्लादिमीर सोलोविओव ने एक बयान में कहा, एक शॉर्ट टर्म सॉफ्टवेयर फेलियर की वजह से मॉड्यूल के इंजनों को हटाने के लिए गलती से एक आदेश दे दिया गया. जिस वजह से ऐसा हुआ. अब जब तत्काल खतरा टल गया है. रूसी अंतरिक्षयात्री ओलेग नोवित्स्की और प्योत्र डबरोव ने दुनिया को अपग्रेड का एक दौरा कराया है. इसमें क्रू क्वार्टर, गैली और शौचालय के साथ-साथ एक नई साइंस फैसिलिटी, डॉकिंग पोर्ट और स्पेसवॉक एयरलॉक मौजूद है.
रूसी यात्रियों ने कराया मॉड्यूल का टूर

ये दौरा हैच को ओपन करने से शुरू हुआ, जिसमें अंतरिक्षयात्री ISS के नए सेक्शन में अनलॉकिंग करते हुए दरवाजा खोलते हैं. फिर एक बड़ी जगह से गुरुत्वाकर्षण विहीन वातावरण में तैरते हुए नौका तक पहुंचते हैं. यहां पर अनगिनत तारों को और मॉड्यूलर की दीवारों से जुड़े नए मकैनिक्स को देखा जा सकता है. ओलेग नोवित्स्की ने इसका वीडियो ट्विटर पर शेयर किया और कहा कि आने वाले समय में और टूर करवाए जाएंगे. फिलहाल 2 मिनट 9 सेकेंड के इस वीडियो को हजारों लोगों ने लाइक किया है.
29 जुलाई को नौका मॉड्यूल ने ISS पर किया डॉक
रूसी भाषा में नौका का मतलब विज्ञान होता है. इसे 21 जुलाई को रूसी प्रोटोन रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया. ये रॉकेट एक नए यूरोपियन रोबोटिक आर्म या ERA को लेकर भी अंतरिक्ष में पहुंचा. 16 फुट लंबा दो हाथों वाली रोबोटिक बांह ISS के बाहर आसानी से मूव कर सकती है. अंतरिक्ष में आठ दिन बिताने के बाद बिना क्रू वाला 43 फूट लंबा मॉड्यूल ISS के रूसी सेगमेंट से जुड़ा. ISS से जुड़ने की ये प्रक्रिया 29 जुलाई को हुई. हालांकि, डॉकिंग के तुरंत बाद ही टीम को गड़बड़ी का एहसास हो गया.
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