विज्ञान

शोध में दावा: जीवनशैली में बदलाव से 40 फीसदी कम हो जाता है कैंसर का खतरा

Triveni
17 May 2021 2:47 AM GMT
शोध में दावा: जीवनशैली में बदलाव से 40 फीसदी कम हो जाता है कैंसर का खतरा
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एक नए शोध में दावा किया गया है कि जीवनशैली में बदलाव करने से कैंसर का जोखिम 40 फीसदी तक कम किया जा सकता है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | एक नए शोध में दावा किया गया है कि जीवनशैली में बदलाव करने से कैंसर का जोखिम 40 फीसदी तक कम किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने कोलोरेक्टल कैंसर के उच्च आनुवंशिक जोखिम वाले लोगों को जीवनशैली में बदलाव करने की सलाह दी है।

अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित अध्ययन में वेंडरबिल्ट के शोधकर्ताओं ने अपने निष्कर्ष जारी करते हुए कहा कि कोलोरेक्टल कैंसर के लिए उच्च पॉलीजेनिक जोखिम वाले लोग कम अनुवांशिक जोखिम वाले लोगों की तुलना में स्वस्थ जीवनशैली का नेतृत्व करके बीमारी को रोकने में अधिक लाभान्वित हो सकते हैं।
अस्वस्थ्यकर जीवनशैली वाले लोगों को तीन गुना खतरा
ब्रिटेन बायोबैंक में प्रतिभागियों के डाटा का विश्लेषण करते हुए, शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया कि स्वस्थ जीवन शैली को बनाए रखने से कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम में लगभग 40 फीसदी तक की कमी लाई जा सकती है, जिनमें रोग विकसित होने का उच्च आनुवंशिक जोखिम है। शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि उच्च आनुवंशिक जोखिम और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली वाले लोगों में कोलोरेक्टल कैंसर होने की संभावना कम आनुवंशिक जोखिम और स्वस्थ जीवन शैली वाले लोगों की तुलना में तीन गुना अधिक थी।
नए इलाज खोजने में प्रभावी होंगे परिणाम
इस शोध का नेतृत्व करने वाले प्रमुख शोधकर्ता ओर वेंडरबिल्ट इनग्राम कैंसर (वीआईसीसी) में जनसंख्या विज्ञान अनुसंधान के सहयोगी निदेशक वेई झेंड और ऐनी पॉटर विल्सन ने कहा कि इस अध्ययन के परिणाम कोलोरेक्टल कैंसर की रोकथाम के लिए व्यक्तिगत रोकथाम रणनीतियों को डिजाइन में उपयोगी साबित होंगे और साथ ही इसके नए इलाजों को ढूंढ़ने में भी सहायता प्रदान करेंगे।
इस तरह किया गया विश्लेषण
शोधकर्ताओं ने शोध के दौरान अस्वस्थ, मध्यम और स्वस्थ जीवन शैली के स्कोर कमर से कूल्हे के अनुपात, शारीरिक गतिविधि, गतिहीन समय, संसाधित और रेड मीट का सेवन, सब्जी और फलों का सेवन, शराब की खपत और तंबाकू के उपयोग के आधार पर विश्लेषण किया। इस शोध में 1,20,000 प्रतिभागियों के डाटा की जांच की। उन्होंने प्रतिभागियों में पॉलीजेनिक जोखिम के स्कोर का निर्धारण किया।


गौरतलब है कि पॉलीजेनिक जोखिम स्कोर का उपयोग कोलोरेक्टल कैंसर के लिए आनुवंशिक संवेदनशीलता को मापने के लिए किया जाता है। शोधकर्ताओं ने हाल के बड़े आनुवंशिक अध्ययनों में पहचाने गए कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम से जुड़े आनुवंशिक वेरिएंट का उपयोग करके पॉलीजेनिक जोखिम स्कोर का निर्माण किया। उन्होंने शोध में कई अन्य सामान्य कैंसर के लिए पॉलीजेनेटिक जोखिम स्कोर भी बनाए जो पिछले साल जेएनसीआई कैंसर स्पेक्ट्रम में प्रकाशित हुए थे। यह शोध कोलोरेक्टल कैंसर के लिए आनुवंशिक संवेदनशीलता के साथ समग्र जीवनशैली की संभावित संबंधों को उजागर करता है।


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