विज्ञान

NASA on Mars: मिथेन से जुड़ा रहस्य सुलझाने के एक कदम आगे बढ़ा नासा, हाथ लगी अहम जानकारी

Rani Sahu
30 Jun 2021 5:06 PM GMT
NASA on Mars: मिथेन से जुड़ा रहस्य सुलझाने के एक कदम आगे बढ़ा नासा, हाथ लगी अहम जानकारी
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मिथेन से जुड़ा रहस्य सुझाने के एक कदम आगे बढ़ा नासा

Methane Gas Mystery on Mars: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने कहा है कि वह मंगल ग्रह पर मिली मिथेन गैस से जुड़े रहस्य को सुलझाने के एक कदम करीब आ गई है. इस गैस की पहचान एजेंसी के क्यूरोसिटी रोवर (Curiosity Rover) ने की थी. धरती पर रहने वाले सूक्ष्म जीवन भी मिथेन गैस छोड़ते हैं. जो जीवों को उनके भोजन को पचाने में मदद करता है. ये प्रक्रिया तब खत्म होती है, जब पशु सांस छोड़ने या डकार लेते समय हवा में गैस छोड़ते हैं. लेकिन कई बार ये गैस अकार्बनिक प्रक्रिया के कारण भी उत्पन्न हो जाती है. इस गैस के मिलने से लाल ग्रह पर जीवन की उम्मीद भी जगी थी.

मंगल की सूखी झील कहा जाने वाला स्थान गेल क्रेटर ही वो जगह है, जहां रोवर ने बार-बार मिथेन गैस की मौजूदगी का पता लगाया है. इससे वैज्ञानिकों को ऐसा लगता है कि सूक्ष्म जीव लाल ग्रह पर या तो मौजूद हैं या फिर मौजूद थे (Life on Red Planet Mars). लेकिन ऐसी भी संभावना है कि गैस भूवैज्ञानिक गतिविधियों के कारण उत्पन्न हुई है. जिनमें चट्टानों, पानी और गर्मी की परस्पर क्रिया शामिल होती है. लेकिन मिथेन गैस का रहस्य उस समय अधिक गहरा गया, जब यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने अपना एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर मंगल पर भेजा. लेकिन ये मंगल के वातावरण में गैस का पता नहीं लगा सका.
ऑर्बिटर की टीम ने क्या कहा?
नासा की जेट प्रोपलसन लैब में वरिष्ठ वैज्ञानिक क्रिस वेब्सटर का कहना है कि उन्हें इस बात की पूरी उम्मीद थी कि ट्रेस गैस ऑर्बिटर की टीम मंगल पर हर जगह मिथेन की थोड़ी मात्रा का पता लगाएगी. लेकिन जब टीम ने कहा कि वहां कोई मिथेन नहीं है, तो वह हैरान रह गए. टोरंटो की यॉर्क यूनिवर्सिटी के प्लैनेटरी वैज्ञानिक जॉन ई मूर्स ने 2019 में पूछा था कि क्या हो अगर क्यूरोसिटी रोवर और ट्रेस गैस ऑर्बिटर (Trace Gas Orbiter on Mars) दोनों ही सही हों? इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि ऑर्बिटर ऐसे समय में मिथेन का पता लगाने की कोशिश कर रहा हो, जब वो वातावरण में घुल गई हो.
दिन के समय कम हो जाती है गैस
नासा के वैज्ञानिक पॉल महाफै ने कहा, जॉन का ऐसा मानना है कि मिथेन गैस दिन के समय कम होकर 0 पर पहुंच जाती है. इसकी पुष्टि दो बार दिन के समय इसकी मात्रा पता करने पर हुई है. जबकि रात के समय इसका पता लगाया जा सकता है. वैज्ञानिक मंगल पर मिथेन के रहस्य को अब तक सुलझा नहीं पाए हैं (Methane on Mars). नासा का कहना है कि मिथेन एक स्टेबल मॉलीक्यूल है. जिसे लेकर ऐसा माना जा रहा है कि ये मंगल पर बीते 300 साल से है. लेकिन इस समय अंतराल के समय कोई तो ऐसी चीज है, जो इसे नुकसान पहुंचा रही है.


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