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धरती पर खत्म हो सकता है जीवन , एस्ट्रोनॉट तैयार कर रहे अन्य ग्रहो पर जीवन की रूप रेखा

Janta Se Rishta Admin
15 Feb 2021 2:53 PM GMT
धरती पर खत्म हो सकता है जीवन , एस्ट्रोनॉट तैयार कर रहे अन्य ग्रहो पर जीवन की रूप रेखा
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मस्क की कंपनी ने एक साथ सबसे ज्यादा सैटलाइट लॉन्च करने का भारत का रेकॉर्ड तोड़ा है और आसमान में सबसे बड़े सैटलाइट बनाने की तैयारी में लग गई है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। SpaceX और Tesla के मालिक Elon Musk का इरादा साफ और पक्का है- वह इंसानों के लिए जीवन कई ग्रहों पर मुमकिन बनाना चाहते हैं लेकिन इसके पीछे वजह क्या है? हाल ही में जो रोगन के साथ पॉडकास्ट पर उन्होंने बताया कि धरती के सामने कई खतरे हैं जिन्हें देखते हुए उन्हें लगता है बाहर भी ठिकाना ढूंढना जरूरी है। मस्क ने इस दौरान बताया कि पूरी आकाशगंगा को अपना घर बनाया जा सकता है, कुछ पड़ोसी गैलेक्सियों को भी। हाल ही में मस्क की कंपनी ने एक साथ सबसे ज्यादा सैटलाइट लॉन्च करने का भारत का रेकॉर्ड तोड़ा है और आसमान में सबसे बड़े सैटलाइट बेड़े की तैयारी में लग गई है।

मस्क का कहना है कि इंसान प्राकृतिक आपदाओं के साथ अपनी करतूतों के भी भरोसे हैं। उन्होंने पॉडकास्ट में बताया, 'यह सिर्फ हमारी प्रजाति के बारे में नहीं है। कई विशाल उल्कापिंड, महाज्वालामुखी, महाद्वीप अपनी जगह से हटे हैं, धरती कभी बर्फ की गेंद जैसी थी और कभी बेहद गर्म। धरती का भूगर्भिक इतिहास बहुत लंबा और जटिल है और कई बार जीवन को विलुप्त करने वाली घटनाएं हुई हैं, कम नहीं।'मस्क आगे बताते हैं कि Permian-Triassic की घटना में 90% प्रजातियां खत्म हो गईं। बचने वाली ज्यादातर प्रजातियां फंगस और स्ंपज थे। इंसान उस स्थिति में नहीं बच सकते थे। धरती को ऐस्टरॉइड की टक्कर जैसी घटनाओं के खतरे को देखते हुए मस्क इंसानों को रोशनी से कम गति पर भी एक सौर मंडल से दूसरे तक पहुंचाना चाहते हैं। 'तबाही का देवता' कहा जाने वाला ऐस्‍टरॉइड अपोफिस (Asteroid Apophis) अगले महीने धरती के करीब से गुजरने जा रहा है। यह महाविनाशक ऐस्‍टरॉइड सोलर सिस्‍टम में मौजूद सबसे खतरनाक चट्टानों में से एक माना जाता है।

SpaceX स्टारशिप के SN10 प्रोटोटाइप को लॉन्च करने की तैयारी में है जो स्पेस ट्रैवलिंग के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह बार-बार इस्तेमाल के लायक सिस्टम होगा जिसका मुख्य उद्देश्य 100 लोगों को मंगल पर ले जाना है, या उसके भी आगे। पिछले साल जब SpaceX का स्टारशिप रॉकेट SN8 क्रैश हो गया था, तो समझा जाने लगा कि मस्क को कितना बड़ा झटका लगा होगा। हालांकि, कंपनी की SN सीरीज के अगले रॉकेट न सिर्फ तैयार हैं बल्कि जल्द ही उनका लॉन्च भी किया जा सकता है। इसमें सबसे आगे है स्टारशिप SN9 और फिर SN10 और SN11 मिड बे में तैयार खड़े हैं जबकि SN16 तक प्रोडक्शन साइट पर पहुंच चुके हैं।अपोफिस करीब 370 मीटर चौड़ा है। यह ऐस्‍टरॉइड कितना शक्तिशाली है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह अगर पृथ्‍वी से टकराता है तो 88 करोड़ टन TNT के विस्‍फोट के बराबर असर होगा। हवाई विश्‍वविद्यालय के खगोलविदों ने कहा है कि यह ऐस्‍टरॉइड तेजी से गति पकड़ रहा है और अगले 48 सालों में यह पृथ्‍वी से टकरा सकता है। हालांकि इसकी संभावना बहुत कम है, फिर से भी नासा के वैज्ञानिक इसके हर कदम पर नजर रख रहे हैं। वैज्ञानिकों ने कहा कि अभी यह पृथ्‍वी से टकराएगा या नहीं इसका ठीक-ठीक पता वर्ष 2029 में चल सकेगा।


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