विज्ञान

अद्भुत! अंतरिक्ष में विस्फोट, दो तारों के फटने को टेलिस्कोप ने किया कैद

jantaserishta.com
3 Nov 2021 3:50 PM IST
अद्भुत! अंतरिक्ष में विस्फोट, दो तारों के फटने को टेलिस्कोप ने किया कैद
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नई दिल्ली: अंतरिक्ष में होने वाले विस्फोट वैज्ञानिकों के लिए काफी कठिनाई खड़ी करते हैं. हाल ही में दो सुपरनोवा विस्फोट हुए, जो दो तारों के फटने से हुआ. मुद्दा ये है कि एक ही गैलेक्सी में दो तारे विस्फोट कैसे कर गए. ये नजारा हबल टेलिस्कोप ने कैद किया. अब वैज्ञानिक ये पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि जिस जगह पर यह विस्फोट हुआ, उसके बाद वहां की स्थिति क्या है?

जिस जगह ये दो सुपरनोवा विस्फोट हुए, उस गैलेक्सी का नाम है NGC 6984. हबल टेलिस्कोप द्वारा ली गई इस तस्वीर को यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने 1 नवंबर 2021 को जारी किया. इस तस्वीर में एक बेहद घुमावदार गैलेक्सी दिखाई दे रही है. जिसमें ढेर सारे तारे हैं. कई जगहों पर तारों का निर्माण भी हो रहा है. हालांकि, एजेंसी ने यह नहीं बताया कि हबल ये यह तस्वीर कब ली थी. लेकिन वैज्ञानिक इस गैलेक्सी में हुए दो तारों के विस्फोट को लेकर परेशान और हैरान थे.
आपको बता दें कि सुपरनोवा (Supernova) तब बनता है जब कोई बड़ा तारा ईंधन की कमी से बेकार होकर फट जाता है. इसकी वजह से तारे के हिस्से आसपास के इलाकों में फैल जाते हैं. यूरोपियन स्पेस एजेंसी यानी ESA ने अपने बयान में लिखा है कि हमें गैलेक्सी NGC 6984 में दो सुपरनोवा विस्फोट लगभग एक साथ ही देखने को मिले हैं. एक ही स्थान पर. हम यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि शायद इन दोनों तारों के बीच कोई भौतिक संबंध रहा होगा.
ESA के वैज्ञानिकों ने अब हबल टेलिस्कोप के वाइल फील्ड कैमरा-3 को इस ड्यूटी पर लगा दिया है कि वो इन दोनों सुपरनोवा विस्फोट के पीछे की वजह खोजे. वहां से और तस्वीरें हासिल करे. यह पता करने की कोशिश करे कि आखिर वहां ऐसा क्या हुआ कि एकसाथ दोनों तारे फट पड़े.
गैलेक्सी NGC 6984 इंडस नक्षत्र में मौजूद है. यह धरती से करीब 20 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है. हबल टेलिस्कोप की नजर इस गैलेक्सी पर साल 2013 में पड़ी थी. अब नई स्टडी और पुराने आर्काइव के डेटा का विश्लेषण करके यह पता करने की कोशिश की जाएगी कि आखिर इस गैलेक्सी में ऐसा क्या हुआ कि दो तारे फटकर बिखर गए. क्यों उन्होंने सुपरनोवा का निर्माण किया.
नई तस्वीरें मिलने के बावजूद हबल टेलिस्कोप अभी काम करने की स्थिति में नहीं है. धरती से उसे इस काम के कमांड भेज दिए गए हैं. लेकिन हबल टेलिस्कोप इस समय सेफ मोड में चला गया है. यह घटना 25 अक्टूबर को हुई. अब इस समय अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी के साइंटिस्ट इस समस्या को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं.
हबल टेलिस्कोप टीम ने ट्वीट किया है कि साइंस ऑब्जरवेशन अस्थाई रूप से स्थगित कर दिया गया है. हम मामले की जांच कर रहे हैं. जल्दी ही इसे ठीक कर दिया जाएगा. उम्मीद है कि उसके बाद हबल टेलिस्कोप काफी दिनों तक सही-सलामत काम करेगा. आपको बता दें कि हबल टेलिस्कोप अब पुराना हो चुका है. वह अपनी तय उम्र से ज्यादा काम कर चुका है.
नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी जल्द ही हबल स्पेस टेलिस्कोप को रिटायर करने की योजना में है. उसकी जगह दोनों स्पेस एजेंसियां अंतरिक्ष में जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप को लॉन्च करेंगे. यह ज्यादा ताकतवर और आधुनिक स्पेस टेलिस्कोप है. उम्मीद है कि यह टेलिस्कोप इस साल के अंत तक लॉन्च हो जाएगा.


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